Skip to main content

कंपनियां कंफर्ट जोन से बाहर आईं, किसी ने रोबो व्हीकल बनाया तो कोई ऑनलाइन बिक्री सिस्टम लेकर आया

लॉकडाउन के बीच कंपनियां बिजनेस को कायम रखने के लिए नए प्रयोग और करार कर रही हैं। मार्केट रिसर्च फर्म नीलसन की एक रिपोर्ट के मुताबिक एफएमसीजी कंपनियों के 50% प्रमुखों की प्रायोरिटी सप्लाई चेन और डिस्ट्रीब्यूशन को री-इनवेेंट करना है। कई कंपनियों ने इस दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं।

इससे लॉकडाउन के बीच भी ग्राहकों को समय पर सुरक्षित तरीके से सामान मिल पा रहा है। मार्केट रिसर्च कंपनी कालागाटो के सीईओ अमन कुमार कहते हैं कि ये नए बदलाव और अनुबंध कंपनियों की दूरगामी सोच का नतीजा है। कोरोना के असर से होम डिलीवरी आने वाले समय में और जरूरी हो जाएगी। पढ़िए, लॉकडाउन के बीच इन कपंनियाें ने क्या नए कदम उठाए हैंं..

विप्रो:रिमोट से चलने वाला रोबो व्हीकल बनाया
विप्राे इंफ्रास्ट्रक्चर इंजीनियरिंग्स के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट जी सुंदररामन ने बताया कि हमने मरीजों तक दवा पहुंचाने के लिए रिमोट से चलने वाला रोबो व्हीकल बनाया है। इसमें ईसीजी और ब्लडप्रेशर मशीन लगी हुई हैं। इसके व्यावसायिक उत्पादन यानी कमर्शियलकी भी योजना है।

विप्रो कंज्यूमर केयर एंड लाइटिंग बिजनेस ने पहली बार हैंड सेनिटाइजर और कपड़ों के लिए एंटी जर्म कंडीशनर लाॅन्च किए हैं। साथ ही कंपनी ने क्लीनर, लिक्विड डिटरजेंट भी बनाया है।

एमजी मोटर:ऑनलाइन बिक्री सिस्टम तैयार किया

एमजी मोटर इंडिया के चीफ कमर्शियल ऑफिसर गौरव गुप्ता कहते हैं कि अब डीलरशिप में भी कॉन्टेक्टलेस बिक्री और ई-कॉमर्स का उपयोग होगा। हम देश में पहले ऑटो मोबाइल निर्माता ब्रांड हैं जो कारों की ऑनलाइन बुकिंग कर रहे हैं। हमने सेनिटाइज्ड कार ग्राहकों को ‘डिसइन्फेक्टेड एंड डिलीवर की शुरूआत की है। ग्राहकों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए हम ऑनलाइन बिक्री चैनल तैयार कर रहे हैं।

मेट्रो कैश एंड कैरी:स्टोर्स के साथ ग्राहकों को भी सीधे डिलीवरी
मेट्रो कैश एंड कैरी के देश में 30 लाख कार्ड होल्डर और 17 शहरों में 27 स्टोर्स हैं। कंपनी ने ग्राहकों तक फूड और जरूरी सामान पहुंचाने की नई पहल की है। कंपनी ने ऑनलाइन एप लाॅन्च किया, जिससे किराना सेल में 45% की तेजी आई।कंपनी अपने वाहनों से सीधे दुकानों तक सामान पहुंचा रही है। स्विगी के जरिए भी सीधे ऑर्डर पहुंच रहे हैं। कंपनी के एमडी, सीईओ अरविंद मेदीरत्ता कहते हैं कि हम जमैटो से भी जुड़ने जा रहे हैं।

अमूल: हल्दी दूध लॉन्च, उत्पादन भी बढ़ाया
गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन लि. (अमूल) के एमडी आर. एस. सोढ़ी बताते हैं हम महाराष्ट्र में 98%, राजस्थान में 120%, उत्तर प्रदेश में 100% और पंजाब में 82% अधिक दूध खरीद रहे हैं। हम रोजाना 42 लाख लीटर अधिक दूध खरीद रहे हैं। प्रतिदिन कुल 242 लाख लीटर दूध की खरीदारी अमूल कर रहा है।

इम्युनिटी बढ़ाने के लिए हल्दी दूध भी लॉन्च किया है। जल्द ही और फ्लेवर लॉन्चहोंगे। गुजरात में अमूल पार्लर से एन 95 मास्क भी बेचे जा रहे हैं।

ब्रिटानिया: ई-कॉमर्स से एक घंटे में प्रोडक्ट पहुंचाएंगे
ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज ने ग्राहकों तक सामान एक घंटे में पहुंचाने के लिए ऑन डिमांड ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म डन्जो से समझौता किया है। कंपनी ने व्हाट्सएप आधारित स्टोर लोकेटर सर्विस भी शुरू की है, ताकि ग्राहक अपने शहर में ब्रिटानिया स्टोर खोज सकें।

ब्रिटानिया के मैनेजिंग डायरेक्टर वरुण बेरी ने बताया कि बिस्कुट्स, केक, मिल्कशेक, घी जैसे प्रोडक्ट मुंबई, पुणे, दिल्ली, गुडगांव, जयपुर, बेंगलुरू, हैदराबाद और चेन्नई के ग्राहकों तक हम सीधे पहुंचाएंगे।

एमटीआर फूड: ऑर्डर पहुंचाने के लिए स्विगी से अनुबंध
एमटीआर फूड्स ने मसाले, रेडी टू ईट फूड, ब्रेकफास्ट मिक्स, ब्रेवरीज और अन्य खाद्य आयटम के लिए ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म स्विगी से अनुबंध किया है। एमटीआर फूड्स के सीईओ संजय शर्मा कहते हैं कि देश लगातार लॉकडाउन में है, ऐसे में हम ग्राहकों को उनके घर पर अपने उत्पाद देना चाहते हैं। स्विगी एमडीआर फूड्स के डिस्ट्रीब्यूटर्स से उत्पाद लेकर ग्राहकों को तक देश के विभिन्न शहरों में पहुंचाएगी।



आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें
विप्राे इंफ्रास्ट्रक्चर इंजीनियरिंग्स के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट जी सुंदररामन ने बताया कि हमने मरीजों तक दवा पहुंचाने के लिए रिमोट से चलने वाला रोबो व्हीकल बनाया है। इसमें ईसीजी और ब्लडप्रेशर मशीन लगी हुई हैं। -फाइल


https://ift.tt/2XzSnnI

Comments

Popular Posts

आठ महीनों में एक हजार से ज्यादा घंटे कोरोना मरीजों के बीच बिताए, फिर भी संक्रमण से सुरक्षित

शहर में कोरोना मरीजों का आंकड़ा 40,522 हो गया है। गुरुवार को 556 नए केस मिले। तीन मरीजों की मौत भी हुई। हालांकि 35 हजार से ज्यादा ठीक भी हो चुके हैं। 12 नवंबर के बाद से जिस तेजी से मरीज मिल रहे हैं, उसने चिंताएं बढ़ा दी हैं। ऐसे में छह हजार से ज्यादा स्वास्थ्यकर्मी मिसाल हैं, जो इन आठ महीनों में एक हजार से ज्यादा घंटे मरीजों के बीच बिता चुके हैं। बमुश्किल 300 संक्रमित हुए। मास्क की सावधानी बरतते हुए ये कोराना से बचे हुए हैं। मरीजों को गले भी लगाती हैं, लेकिन पलभर के लिए मास्क नहीं हटातीं पीपीई किट पहनकर सुबह-शाम मरीजों के पास जाती हूं, उनकी काउंसलिंग भी करती हूं। जरूरत पड़ने पर गले भी लगाती हूं। अस्पताल के मरीज कल्पना दीदी के नाम से जानने लगे। 8 महीने में एक दिन ऐसा नहीं गया, जब कोविड वार्ड न गई हूं, पर हमेशा मास्क और ग्लव्स पहने रही। मास्क तो पलभर के लिए भी नहीं हटाती। इन सुरक्षा साधनों का इस्तेमाल कर कोरोना से बचे रहे। -कल्पना पिल्लई, इंचार्ज सिस्टर अरबिंदो अस्पताल सुबह 8 से रात 10 तक पानी नहीं पीते, ताकि मास्क न हटाना पड़े सात महीने से रोज राउंड ले रहा हूं। सबसे ज्यादा ध्यान मास्...

लॉकडाउन में महिलाओं के खातों में 32% इजाफा, इनमें 70% पहली बार शेयर में इन्वेस्ट कर रहीं

कोरोना संकट के दौरान शेयर बाजार में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है। महिलाएं गोल्ड बाॅन्ड से लेकर म्यूचुअल फंड तक में निवेश कर रही हैं। दिलचस्प बात यह है कि शेयर बाजार में निवेश करने वाली महिलाओं में अधिकतर पहली बार निवेश कर रही हैं। इनमें बड़ी संख्या में वर्किंग वुमन्स और हाउस वाइफ हैं। ये महिलाएं ना सिर्फ शेयर मार्केट में पैसे लगा रही हैं, बल्कि दूसरों को प्रेरित भी कर रही हैं। आइए पढ़ते हैं ऐसी ही कुछ महिलाओं की कहानी, जो मार्केट में निवेश कर अच्छा रिटर्न कमा रही हैं... अंकिता तोलानी - वर्किंग अंकिता तोलानी 28 साल की हैं। दिल्ली की एक प्राइवेट कंपनी में जाॅब करती हैं। अंकिता 2016 से शेयर मार्केट में पैसे लगा रही हैं। वो SIP (सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) और गोल्ड बाॅन्ड में निवेश करती हैं। अंकिता कहती हैं,'पहली बार मैंने SIP में 1 लाख रुपए से निवेश शुरू किया था। अब हर साल डेढ़ से दो लाख रुपए निवेश करती हूं।' अंकिता पिछले तीन साल में करीब 10 लाख से ज्यादा निवेश कर चुकी हैं। वहीं, गोल्ड बाॅन्ड में अंकिता अब तक 7 लाख रुपए तक निवेश कर चुकी हैं। वह बताती हैं कि उन्हें गोल्ड बाॅन...