Skip to main content

अब तक 59.04 लाख संक्रमित: रूस में 24 घंटे में 8 हजार से ज्यादा नए मामले सामने आए: महामारी को देखते हुए ब्रिक्स सम्मेलन स्थगित किया गया

दुनिया में अब तक 59लाख 4हजार 658लोग संक्रमित हैं। 25लाख 79हजार 629लोग ठीक हुए हैं। मौतों का आंकड़ा 3 लाख 62हजार 10हो गया है। रूस में पिछले 24 घंटे में 8 हजार 371 नए मामले सामने आए हैं। महामारी को देखते हुए रूस ने ब्रिक्स( ब्राजील, रूस, इंडिया, चीन और दक्षिण अफ्रीका) समूह और शंघाई कोऑपरेशन आर्गेनाइजेशन (एसओ) का सम्मेलन स्थगित कर दिया। इन दोनों समूहों का सम्मेलन इस साल रूस की अध्यक्षता में होने वाला था।

महामारी की स्थिति को देखते हुए एससीओ और ब्रिक्स समिट कीअगली तारीख सदस्य देशों को बताईजाएगी।रूस में अब तक कुल 3 लाख 79 हजार 051 मामले सामने आए हैं। 4 हजार 142 मौतें हुई हैं और 1 लाख 50 हजार 993 लोग स्वस्थ हुए हैं।

कोरोनावायरस : 10 सबसे ज्यादा प्रभावित देश

देश

कितने संक्रमित कितनी मौतें कितने ठीक हुए
अमेरिका 17,68,461 1,03,330 4,98,725
ब्राजील 4,38,812 26,764 1,93,181
रूस 3,79,051 4,142 1,50,993
स्पेन 2,84,986 27,119 1,96,958
ब्रिटेन 2,69,127 37,837 उपलब्ध नहीं
इटली 2,31,732 33,142 1,50,604
फ्रांस 1,82,913 28,596 66,584
जर्मनी 1,82,313 8,555 1,63,200
तुर्की 1,60,979 4,461 1,24,369
भारत 1,65,348 4,710 70,786

ये आंकड़ेhttps://ift.tt/37Fny4L से लिए गए हैं।

ब्राजील से लौट सकेंगे अमेरिकी लोग: ट्रम्प

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि ब्राजील पर लगाया गया ट्रैवेल बैन सख्त है। हालांकि, उन्होंने कहा कि ब्राजील से लौटने के इच्छुक अमेरिकी नागरिकों को अपने देश आने की इजाजत दी जाएगी। यह ठीक चीन से आने पर लगाए गए बैन की तरह है। हम इतने सख्त नहीं हो सकते कि अमेरिकी लोगों को उनके देश में आने की इजाजत न दी जा सके। अमेरिका ने पिछले हफ्ते ब्राजील से आने वालों के अमेरिका में प्रवेश पर रोक लगाई थी।

अमेरिका के मिनेपोलिस में अफ्रीकन-अमेरिकी व्यक्ति जॉर्ज फ्लॉड की मौत के विरोध में प्रदर्शन करता एक व्यक्ति।

ब्रिटेन सोमवार से पाबंदिया हटाना शुरू करेगा

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जाॅनसन ने गुरुवार को कहा कि देश में सोमवार से पाबंदिया हटानी शुरू की जाएगी। इसे कई चरणों में धीरेे-धीरे हटाया जाएगा। उन्होंने कहा कि पाबंदियों में यह छूट इस बात पर निर्भर है कि वायरस नियंत्रित रहे। हमने साथ मिलकरसंक्रमण रोकने में हासिल किया है, उसे बेकार नहीं कर सकते। लॉकडाउन के मौजूदा नियमों में दी जा रही छूट सिमित है। लोगों को अब भी सावधान रहने की जरूरत है। इसके तहत सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने पर 6 लोगों को घर के बाहर एक साथ जुटने की इजाजत दी जाएगी।

लंदन में एक सरकारी अस्पताल के बाहर राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा के समर्थन में प्रदर्शन करते डॉक्टर।



आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें
रूस की राजधानी मॉस्को के एक अस्पताल में बुधवार को स्ट्रेचर पर मरीज को ले जाते स्वास्थ्यकर्मी। पिछले 24 घंटे में यहां 8 हजार से ज्यादा नए मामले सामने आए हैं।


https://ift.tt/2TPkGxm

Comments

Popular Posts

आप शेयर ट्रेडिंग करते हैं तो यह जानना आपके लिए जरूरी है; एक सितंबर से बदल रहा है मार्जिन का नियम

शेयर बाजार में एक सितंबर से आम निवेशकों के लिए नियम बदलने वाले हैं। अब वे ब्रोकर की ओर से मिलने वाली मार्जिन का लाभ नहीं उठा सकेंगे। जितना पैसा वे अपफ्रंट मार्जिन के तौर पर ब्रोकर को देंगे, उतने के ही शेयर खरीद सकेंगे। इसे लेकर कई शेयर ब्रोकर आशंकित है कि वॉल्युम नीचे आ जाएगा। आइए समझते हैं क्या है यह नया नियम और आपकी ट्रेडिंग को किस तरह प्रभावित करेगा? सबसे पहले, यह मार्जिन क्या है? शेयर मार्केट की भाषा में अपफ्रंट मार्जिन सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले शब्दों में से एक है। यह वह न्यूनतम राशि या सिक्योरिटी होती है जो ट्रेडिंग शुरू करने से पहले निवेशक स्टॉक ब्रोकर को देता है। वास्तव में यह राशि या सिक्योरिटी, बाजारों की ओर से ब्रोकरेज से अपफ्रंट वसूली जाने वाली राशि का हिस्सा होती है। यह इक्विटी और कमोडिटी डेरिवेटिव्स में ट्रेडिंग से पहले वसूली जाती है। इसके अलावा स्टॉक्स में किए गए कुल निवेश के आधार पर ब्रोकरेज हाउस भी निवेशक को मार्जिन देते थे। यह मार्जिन ब्रोकरेज हाउस निर्धारित प्रक्रिया के तहत तय होती थी। इसे ऐसे समझिए कि निवेशक ने एक लाख रुपए के स्टॉक्स खरीदे हैं। इस...

जामिया मिल्लिया इस्लामिया के 100 साल, जिसके लिए महात्मा गांधी भीख मांगने को तैयार थे

दिल्ली में जामिया मिल्लिया इस्लामिया (राष्ट्रीय इस्लामी विश्वविद्यालय) एक सेंट्रल यूनिवर्सिटी है, जो आज 100 साल पूरे कर रही है। 29 अक्टूबर 1920 को अलीगढ़ में छोटी संस्था के तौर पर शुरू होकर एक सेंट्रल यूनिवर्सिटी बनने तक की इसकी कहानी कई संघर्षों से भरी है। गांधीजी के कहने पर ब्रिटिश शासन के समर्थन से चल रही शैक्षणिक संस्थाओं का बहिष्कार शुरू हुआ था। राष्ट्रवादी शिक्षकों और छात्रों के एक समूह ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय छोड़ा और जामिया मिल्लिया इस्लामिया की नींव पड़ी। स्वतंत्रता सेनानी मौलाना महमूद हसन ने 29 अक्टूबर 1920 को अलीगढ़ में जामिया मिल्लिया इस्लामिया की नींव रखी। यह संस्था शुरू से ही कांग्रेस और गांधीजी के विचारों से प्रेरित थी। 1925 में आर्थिक सेहत बिगड़ी तो गांधीजी की सहायता से संस्था को करोल बाग, दिल्ली लाया गया। तब महात्मा गांधी ने यह भी कहा था- जामिया को चलना होगा। पैसे की चिंता है तो मैं इसके लिए कटोरा लेकर भीख मांगने के लिए भी तैयार हूं। बापू की इस बात ने मनोबल बढ़ाया और संस्था आगे बढ़ती रही। भारत के तीसरे राष्ट्रपति डॉ. जाकिर हुसैन महज 23 साल की उम्र में जामिया...