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कोई जिंदगी से हारा तो कोई सब कुछ बेचकर कर रहा गुजारा, काम बंद होने से टीवी के सपोर्टिंग एक्टर्स का बुरा हाल

'टूटे हुए सपनों ने मेरे कॉन्फिडेंस का दम तोड़ दिया है।' ये शब्द भले ही दुनिया को अलविदा कह गईं 25 साल की टीवी अभिनेत्री प्रेक्षा मेहता के हैं। लेकिन ये टीवी इंडस्ट्री से जुड़े कई कलाकारों की कहानी बयां कर रहे हैं।

69 दिन के लॉकडाउन ने कई सितारों के सपने तोड़ दिए हैं। जहां ये सितारे गुजारे के लिएपरेशान हैं, तो वहीं इन्हें यह डर भी सता रहा है कि भविष्य में काम मिलेगा या नहीं?

ये वो सितारे हैं, जिन्हें अभी इंडस्ट्री में सही से पहचान भी नहीं मिल पाई है। जो एक्टिंग की दुनिया में नाम कमाने का सपना लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से मुंबई पहुंचे। इस मायानगरी में उनका अपना आशियाना नहीं है। बल्कि वे किराये के घर में रहते हैं। और आज इस स्थिति में पहुंच गए हैं कि उनके पास किराया चुकाने के पैसे भी नहीं हैं।

कुछ अपने घर लौट गए हैं तो कोई पैसों की तंगी से निपटने के लिए अपनी कार तक बेचने को मजबूर है। दैनिक भास्कर से बातचीत में ऐसे कुछ ऐसे हीस्ट्रगलिंग सितारों ने अपनी आपबीती बयां की।

काम नहीं तो घर का किराया कैसे चुकाऊं: कीर्ति चौधरी
'हमारी बहू सिल्क' और 'बोले तो सही' जैसे शोज में नजर आ चुकीं अभिनेत्री कीर्ति चौधरी दो साल पहले इंदौर से मुंबई आई थीं। मन में सक्सेसफुल एक्टर बनने की ख्वाहिश थी। लेकिन लॉकडाउन ने उनके सपनों की उड़ान रोक दी। वे वापस अपने घर इंदौर लौट गई हैं।

कीर्ति बताती हैं, "मैंने मुंबई का घर खाली कर दिया है। जब काम ही नहीं है तो किराया कैसे चुकाऊं? ऊपर से मुंबई में रहना आसान नहीं है। बहुत ज्यादा खर्च होता है। इस माहौल में यह खर्च उठाने की हिम्मत अब मुझमें नहीं हैं। मेरे पास कोई बचत नहीं हैं। पता नहीं ये लॉकडाउन कब खत्म होगा? कब फिर से मुझे काम मिलेगा? ऊपर सेइंडस्ट्री में नेपोटिज्म भी है।"

बकौल कीर्ति, "हमारी मेहनत रंग लाने में सालों साल लग जाते हैं। बड़े लोगों से किसी भी तरह की मदद नहीं मिल रही है। हम बस आपस में ही एक-दूसरे की मदद कर रहे हैं। लेकिन ये कब तक चलेगा? मेरे साथ-साथ और भीकई एक्टर्स और टीम मेंबर्स बहुत ही तंगी से जूझ रहे हैं।"

मानसिक तनाव बढ़ रहा है : शिवानी चक्रवर्ती
'अजब-गजब घर जमाई' और 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' में काम कर चुकीं अभिनेत्री शिवानी चक्रवर्ती पिछले 9 साल से मुंबई में काम कर रही हैं। 'निमकी मुखिया' (2017-2020) से उन्हें पहचान मिलनी शुरू हुई। शिवानी को लगने लगा था कि अब उन्हें पीछे देखने की जरूरत नहीं है। वे अच्छा काम मिलने की उम्मीद कर रही थीं। लेकिन लॉकडाउन के बाद उन्हें भविष्य अंधेरे में नजर आ रहा हैं।

शिवानी कहती हैं, "एक्टर बनना आसान नहीं है। पर्दे तक पहुंचने की प्रक्रिया बहुत लंबी होती है। फिर वहां पहुंच भी गए तो मेहनताना मिलने में महीने लग जाते हैं। मेरे पास काम नहीं है। ऐसे में पैसा कहां से होगा? पैसा नहीं तो घर का किराया और बाकी खर्चे कहां निकालूं? खुशनसीब हूं कि इस मुश्किल दौर में परिवार मेरे साथ है।"

शिवानी ने आगे कहा, "मैं अपने घर खंडवा आ गई हूं। लेकिन हर कोई ऐसा खुशनसीब नहीं होता। काम मिलेगा या नहीं? ये सोचते-सोचते कई एक्टर्स डिप्रेशन में चले गए है। इसके चलते वे आत्महत्या जैसे गलत कदम उठा रहे हैं।

मानसिक तनाव बढ़ रहा है। मैंने तय कर लिया है कि लॉकडाउन खुलते ही काम मांगना शुरू कर दूंगी।"

सर्वाइव करने के लिए कार बेच दी: मानस शाह
अभिनेता मानस शाह ने आर्थिक तंगी से बाहर आने के लिए अपनी कार बेच दी। वे बताते हैं, "ये पहली बार है, जब मैं आर्थिक तंगी से जूझ रहा हूं। सर्वाइव करने के लिए मैंने अपनी कार तक बेच दी है। किराया न दे पाने की वजह से अपना घर छोड़कर अब अपने कजिन के साथ रह रहा हूं।"

वे आगे कहते हैं, "मुझे अहमदाबाद में रहने वालेअपने पैरेंट्स का भी खयाल रखना होता है। पुराने काम के पैसे नहीं मिले और अभीकोई काम है नहीं। यह भी नहीं जानता कि भविष्य में क्या होने वाला है। समझ नहीं आ रहा कि इस सिचुएशन से कैसे बाहर आया जाए।" मानस 'हमारी बहू सिल्क' और 'संकट मोचन महाबली हनुमान' जैसे शोज का हिस्सा रह चुके हैं।

पैसा कमाने का कोई जरिया भी नजर नहीं आता: अखलाक खान
'लव यू जिंदगी' और 'न आना इस देश लाडो' जैसे शोज में नजर आए अखलाक खान की शादी लॉकडाउन घोषित होने से दो सप्ताह पहले ही 3 मार्च को हुई। उनकी हमसफर जयश्री वेंकटरमन एक्टिंग फील्ड से ही जुड़ी हैं। लॉकडाउन के चलते दोनों के पास काम नहीं है।

अखलाक बताते हैं, "हमारे हालात ऐसे हैं कि हम बता नहीं सकते। पैसों कीतंगी से जूझने वाले एक्टर्स में मैं भी शामिल हूं।"

अखलाक ने आगे कहा, "15 साल पहले मैं झारखंड से मुंबई आया था। लेकिन मायानगरी में रहना आसान नहीं है। मेरे पुराने पैसे तो कहीं नहीं अटके। लेकिन पैसा कमाने का कोई जरिया भी नजर नहीं आता।

मेरे हिसाब से सबको अपनी एक नहीं, कई पहचान बनानी होंगी। सिर्फ एक प्रोफेशन पर आप जिंदा नहीं रह सकते। मैंने भी लिखना शुरू कर दिया है। शादी हो गई है तो जाहिर तौर भविष्य को लेकर टेंशन बढ़ रहाहै।"

हर दिन 8000 से 12, 000 रु.कमाते हैं ये एक्टर्स
ये एक्टर्स दिहाड़ी मजदूर की तरह ही हैं। इनकी कमाई सिर्फ उस दिन मिलती है, जिस दिन ये काम करते हैं। दैनिक भास्कर के सर्वे के मुताबिक, सपोर्टिंग कलाकार महीने में तकरीबन 10 से 12 दिन शूट करते हैं। इसके लिए हर दिन उन्हें करीब-करीब 8000 -12000 रुपए मेहनताने के तौर पर मिलते हैं।

इसमें से भी 20 फीसदी उन्हें अपने को-ऑर्डिनेटर्स (जो इन एक्टर्स को काम दिलाते हैं) को कमीशन के तौर पर देना होता है।

हर दिन 80 से ज्यादा शोज की शूटिंग होती है
8 बड़े हिंदी जनरल एंटरटेनमेंट चैनल (जीईसी) टीवी इंडस्ट्री पर राज करते हैं। ये हैं स्टार प्लस, कलर्स, जीटीवी, स्टार भारत, सोनी एंटरटेनमेंट, सब टीवी, एंड टीवी और दंगल। इनके लिए हर दिन 80 से ज्यादा शोज की शूटिंग / प्लानिंग होती है। सभी के बीच प्राइमस्लॉट (6pm-10pm) में खुद को सर्वश्रेष्ठ साबित करने की होड़ होती है। कुछ शोज सालों तक लोगों के दिलों पर छाए रहते हैं तो कुछ बमुश्किल 6 महीने ही टिक पाते हैं।

प्रोड्यूसर और आर्टिस्ट्स एसोसिएशन का क्या कहना है?

इंडस्ट्री में कई प्रोड्यूसर एक्टर्स को उनका बकाया नहीं दे रहे हैं तो कई ऐसे भी हैं, जो अपनी टीम की हर संभव मदद कर रहे हैं। कभी पैसा देकर तो कभी राशन उपलब्ध कराकर। मददगार प्रोड्यूसर्स में 'भाभीजी घर पर हैं' फेम बिनैफर कोहली भी शामिल हैं।

वे कहती हैं, "आज मैं जो भी हूं अपनी टीम की वजह से हूं और यह उनका खयाल रखने की जिम्मेदारी मेरी है। एक्टर्स, टेक्नीशियन , स्पॉटब्वॉय, मेकअप आर्टिस्ट सभी मेरे लिए फैमिली मेंबर्स की तरह हैं।"

बकौल बिनैफर, "मेरी पूरी कोशिश है कि उन्हें किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। टीम के कई एक्टर्स ने मिलकर पैसे जोड़े हैं, ताकि वे दूसरे टीम मेंबर्स को मदद करें। जिनके घर राशन की कमी है, उन तक अनाज पहुंचा रहे हैं। एक बेसिक रकम देकर हर जरूरतमंद की मदद कर रहे हैं। मैंने खुद से जुड़े हर शख्स की मदद करने की मन में ठानी है।"

'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' के प्रोडूसर असित मोदी भी अपनी टीम का पूरा ख्याल रख रहे हैं। वे कहते हैं, "फिलहाल हर कोई मानसिक तनाव से गुजर रहा है। ऐसे में एक-दूसरे का मनोबल बढ़ाना बहुत जरूरी है। कई लोग भावनात्मक रूप से टूटे हुए हैं। उनके दिमाग में निराशा छाई हुई है।

मैं कॉल और वीडियो कॉल के जरिए एक्टर्स, कैमरामैन, लाइटमैन, स्पॉटब्वॉय समेत अपनी टीम के सभी सदस्यों का हालचाल जानता रहता हूं। मैंने वक्त पर अपने मेंबर्स की पेमेंट भी की, ताकि वे डिमोटिवेट न हों। उनके अंदर निराशा न हो।"

सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (सिंटा) के अध्यक्ष सुशांत सिंह कहते हैं, "हमारा संगठन इंडस्ट्री से जुड़े लोगों की मदद करने की पूरी कोशिश कर रहा है। यकीन मानिए लोगों की मदद के लिए हम दिन-रात लगे रहते हैं। अकाउंट में पैसे भिजवाने से लेकर मेंबर्स तक राशन पहुंचाने तक हम हर संभव सहायता कर रहे हैं।

कई लोग घबराए हुए हैं। डिप्रेशन में चले गए हैं। ऐसे सभी लोगों से मेरा निवेदन है कि कोई गलत कदम न उठाए। जो लोग खुद को इमोशनली संभाल नहीं पा रहे हैं, उनसे हम सोशल मीडिया के जरिए बात करने की कोशिश कर रहे हैं।"

लॉकडाउन में अब तक 11 शो बंद
लॉकडाउन की वजह से 19 मार्च से टीवी शोज की शूटिंग रुकी हुई है। अब तक 11 शो को बंद करने का फैसला लिया जा चुका है। ये शो हैं - 'बेहद 2', 'नजर 2', 'नागिन 4', 'इशारों-इशारों में', 'पटियाला बेब्स', 'दिल धड़के धड़कने दो', 'दादी अम्मा... दादी अम्मा मान जाओ', 'इश्क सुभानअल्लाह', 'मनमोहिनी', 'ये जादू हैं जिन्न का' और 'दिल ये ज़िद्दी हैं'।

और इन पुराने शोज की हुई वापसी
लॉकडाउन के बीच जब नए और पहले से चल रहे शोज की शूटिंग रुक गई तो कई पुराने शोज ने वापसी की, जो दर्शकों का दिल जीतने में सफल रहे। दूरदर्शन पर 'रामायण', 'महाभारत', 'देख भाई देख', 'श्रीमान श्रीमती', 'बुनियाद', 'शक्तिमान' और 'चाणक्य' जैसे पॉपुलर शो लौटे। तो वहीं निजी चैनलों पर 'बालिका वधू', 'हम पांच', संकट मोचन महाबली हनुमान' और विघ्नहर्ता श्रीगणेश जैसे लोकप्रिय शोज का पुनः प्रसारण शुरू कर दिया।



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