Skip to main content

महीनेभर में 4 राफेल भारत आ रहे; इससे दो मोर्चों पर एक साथ लड़ने की ताकत कई गुना बढ़ जाएगी: एयरचीफ मार्शल

वायुसेना ने दूसरे देशों के साथ अपने सभी संयुक्त सैन्य अभ्यास अगले 6 महीने के लिए रद्द कर दिए हैं। इसके अलावा महीनेभर में ही फ्रांस से चार नए राफेललड़ाकू विमान भारत लाए जा रहे हैं। इनकी तैनाती से वायुसेना की दो मोर्चों पर एक साथ लड़ने की ताकत कई गुना बढ़ जाएगी। ये बातभारत-चीन की विवादित सीमा पर बढ़ते तनाव के बीच वायुसेना प्रमुख आरकेएस भदौरिया ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत में कही।

दुनिया के अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों की कतार में शामिल राफेल अम्बाला एयरबेस पर तैनात होंगे। यहां से ये पलक झपकते ही लद्दाख पहुंच सकते हैं, जहां इस समय कई मोर्चों पर भारत-चीन की सेना आमने-सामने हैं।हालांकि, वायुसेना ने संयुक्त अभ्यास रद्द करने का फैसला कोरोना महामारी के चलते लिया है, लेकिन सीमा पर तनाव को देखते हुए इसे बेहद अहम माना जा रहा है।

वायुसेना हाल के समय में दो मोर्चों पर एक साथ युद्ध की तैयारी करती रही है। पिछले साल गगनशक्ति सैन्य अभ्यास में इस दिशा में अपनी क्षमता कामयाबी के साथ परखी थी। चार राफेल विमानों के आने से यह ताकत कई गुना बढ़ जाएगी।

वायुसेना प्रमुख ने कहा,'मौजूदा हालात में हमने इस साल अंतरराष्ट्रीय अभ्यास में अपनी हिस्सेदारी रद्द कर दी है। 2021 में हमारी हिस्सेदारी इस बात से तय होगी कि जमीनी हकीकत कैसे बनती है। जब हम अभ्यास शुरू करेंगे तो कोविड-19 के संदर्भ में नए नियम संयुक्त रूप से तय करेंगे।

कोरोना के कारण फ्रांस से राफेल मिलने में देरी हुई। मेरिनयाक बेस पर ट्रेनिंग ले रहे भारत के पायलट इन फाइटर विमानों को अगले महीने भारत ला रहे हैं। लद्दाख और पूर्वोत्तर क्षेत्र में सीमा के पास की अग्रिम हवाई पट्टियों से उड़ानें शुरू करने का काम भी तेजी के साथ किया जा रहा है। इन दूर-दराज की एयरफील्ड्स पर नागरिक उड़ानों से सेना और वायुसेना के कर्मियों के आवागमन में काफी मदद मिलेगी।'

83 तेजस लेना हमारी पहली प्राथमिकता, इसके बाद एलसीए मार्क-2 पर ध्यान देंगे

एयरचीफ मार्शल ने बताया कि 83 एलसीए तेजस के साथ अत्याधुनिक टेक्नोलाॅजी और हथियार लेने को प्राथमिकता दी जाएगी। बजट की बंदिशों के हिसाब से हम मूवमेंट में कमी लाएंगे और 25% तक खर्च में कटौती कर लेंगे। वायुसेना ने नई जरूरतों के हिसाब से रोडमैप बनाया है।

हम 83 एलसीए तेजस हासिल करने के बाद एलसीए मार्क-2 और पांचवी पीढ़ी के स्वदेशी लड़ाकू विमान ‘एमका’ पर ध्यान देंगे। हमारा फील्ड राडार्स, सेंसर्स और हथियारों की स्वदेशी आपूर्ति पर भी जोर है। इससे आत्मनिर्भरता अभियान में तेजी आएगी। अंतरिक्ष में जाने वाले गगनयान मिशन के पायलटों ने रूस में फिर से ट्रेनिंग शुरू कर दी है।



आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें
तेजस में उड़ान भरते एयरचीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया। -फाइल फोटो


https://ift.tt/3gy9Nd5

Comments

Popular Posts

आठ महीनों में एक हजार से ज्यादा घंटे कोरोना मरीजों के बीच बिताए, फिर भी संक्रमण से सुरक्षित

शहर में कोरोना मरीजों का आंकड़ा 40,522 हो गया है। गुरुवार को 556 नए केस मिले। तीन मरीजों की मौत भी हुई। हालांकि 35 हजार से ज्यादा ठीक भी हो चुके हैं। 12 नवंबर के बाद से जिस तेजी से मरीज मिल रहे हैं, उसने चिंताएं बढ़ा दी हैं। ऐसे में छह हजार से ज्यादा स्वास्थ्यकर्मी मिसाल हैं, जो इन आठ महीनों में एक हजार से ज्यादा घंटे मरीजों के बीच बिता चुके हैं। बमुश्किल 300 संक्रमित हुए। मास्क की सावधानी बरतते हुए ये कोराना से बचे हुए हैं। मरीजों को गले भी लगाती हैं, लेकिन पलभर के लिए मास्क नहीं हटातीं पीपीई किट पहनकर सुबह-शाम मरीजों के पास जाती हूं, उनकी काउंसलिंग भी करती हूं। जरूरत पड़ने पर गले भी लगाती हूं। अस्पताल के मरीज कल्पना दीदी के नाम से जानने लगे। 8 महीने में एक दिन ऐसा नहीं गया, जब कोविड वार्ड न गई हूं, पर हमेशा मास्क और ग्लव्स पहने रही। मास्क तो पलभर के लिए भी नहीं हटाती। इन सुरक्षा साधनों का इस्तेमाल कर कोरोना से बचे रहे। -कल्पना पिल्लई, इंचार्ज सिस्टर अरबिंदो अस्पताल सुबह 8 से रात 10 तक पानी नहीं पीते, ताकि मास्क न हटाना पड़े सात महीने से रोज राउंड ले रहा हूं। सबसे ज्यादा ध्यान मास्...

लॉकडाउन में महिलाओं के खातों में 32% इजाफा, इनमें 70% पहली बार शेयर में इन्वेस्ट कर रहीं

कोरोना संकट के दौरान शेयर बाजार में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है। महिलाएं गोल्ड बाॅन्ड से लेकर म्यूचुअल फंड तक में निवेश कर रही हैं। दिलचस्प बात यह है कि शेयर बाजार में निवेश करने वाली महिलाओं में अधिकतर पहली बार निवेश कर रही हैं। इनमें बड़ी संख्या में वर्किंग वुमन्स और हाउस वाइफ हैं। ये महिलाएं ना सिर्फ शेयर मार्केट में पैसे लगा रही हैं, बल्कि दूसरों को प्रेरित भी कर रही हैं। आइए पढ़ते हैं ऐसी ही कुछ महिलाओं की कहानी, जो मार्केट में निवेश कर अच्छा रिटर्न कमा रही हैं... अंकिता तोलानी - वर्किंग अंकिता तोलानी 28 साल की हैं। दिल्ली की एक प्राइवेट कंपनी में जाॅब करती हैं। अंकिता 2016 से शेयर मार्केट में पैसे लगा रही हैं। वो SIP (सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) और गोल्ड बाॅन्ड में निवेश करती हैं। अंकिता कहती हैं,'पहली बार मैंने SIP में 1 लाख रुपए से निवेश शुरू किया था। अब हर साल डेढ़ से दो लाख रुपए निवेश करती हूं।' अंकिता पिछले तीन साल में करीब 10 लाख से ज्यादा निवेश कर चुकी हैं। वहीं, गोल्ड बाॅन्ड में अंकिता अब तक 7 लाख रुपए तक निवेश कर चुकी हैं। वह बताती हैं कि उन्हें गोल्ड बाॅन...