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18 हफ्ते में देश में 1.65 लाख, जबकि अमेरिका में 14.77 लाख केस आए; इस दौरान रोज नए मामलों की ग्रोथ रेट भी 30% से घटकर 5% हुई

कोरोनावायरस से जूझते-जूझते हमें 4 महीने पूरे हो गए। हमारे देश में कोरोनावायरस का पहला मामला 30 जनवरी को केरल में सामने आया था। उसके बाद 2 फरवरी तक ही केरल में 3 कोरोना संक्रमित सामने आ गए। ये तीनों ही चीन के वुहान शहर से लौटकर आए थे।

उसके बाद करीब एक महीने तक देश में कोरोना का कोई भी नया मरीज नहीं मिला। लेकिन, 2 मार्च के बाद से संक्रमितों की संख्या रोजाना बढ़ती चली गई।

4 महीने पूरे होने के साथ-साथ 29 मई को कोरोनावायरस के 18 हफ्ते भी पूरे हो चुके हैं। इस दौरान संक्रमण के मामले3 से बढ़कर 1.65 लाख से ज्यादा हो गए। लेकिन, चीन में इतने हफ्ते तक 84 हजार 494 मामले ही सामने आए। यानी कि अब तक हमारे देश में चीन की तुलना में 48% ज्यादा मामले हैं। हालांकि, 31 मई तक देश में 1.82 लाख से ज्यादा मामले आ चुके हैं।

हालांकि, आबादी में हमसे चार गुना से भी कम अमेरिका में 18 हफ्तों में 14.77 लाख से ज्यादा मामले आ गए हैं। जबकि, इटली और स्पेन में अभी कोरोनावायरस को 17 हफ्ते ही हुए हैं और अभी तक वहां संक्रमितों की संख्या 2.30 लाख के पार पहुंच गई है।

114 दिन में हमारे यहां 1.28 लाख मरीज थे, अमेरिका में इतने मरीज 71वें दिन में हो गए थे
हमारे देश में एक अच्छी बात ये भी है कि बाकी देशों की तुलना में हमारे यहां कोरोनावायरस की रफ्तार भी धीमी है। हमारे यहां बाकी देशों की तुलना में केस के दोगुने होने का समय काफी ज्यादा है।

चीन में कोरोनावायरस के 100 मामले पहले ही दिन में मिल गए थे। जबकि, हमारे यहां इतने मरीज होने में 42 दिन लगे। लेकिन, अमेरिका में पहले 100 केस 44 दिन में सामने आए थे।

इसी तरह 1 हजार मरीज हमारे यहां 58वें दिन में हो गए थे। जबकि, चीन में 5वें दिन और अमेरिका में 53वें दिन में ही हो गए थे।

वहीं, 1 लाख 28 हजार से ज्यादा मरीज सामने आने में हमारे यहां 114 दिन लगे थे। जबकि, इतने ही मरीज अमेरिका में 73वें दिन में आ गए थे। अमेरिका में कोरोना का पहला मरीज 21 जनवरी को मिला था।

लॉकडाउन का फायदा मिला, तभी कोरोना की रफ्तार इतनी धीमी?
कोरोनावायरस को फैलने से रोकने के लिए सबसे पहले 22 मार्च को एक दिन का जनता कर्फ्यू लगाया गया। 21 मार्च तक कोरोना के नए मामलों में रोजाना 30% की ग्रोथ हो रही थी। लेकिन, उसके बाद मामलों की ग्रोथ रेट में कमी आने लगी।

25 मार्च से देश में पूरी तरह से लॉकडाउन लग गया। लॉकडाउन का पहला फेज 14 अप्रैल तक था। इस दौरान नए मामलों की ग्रोथ रेट घटकर 10% पर आ गई। उसके बाद दूसरे फेज का लॉकडाउन 3 मई को खत्म हुआ। तब तक कोरोना के नए मामलों की ग्रोथ रेट 7% रह गई। अब ये और घटकर 5% पर आ गई।



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US India Coronavirus Update | India Coronavirus Cases Vs United States COVID New Cases Growth Rate


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