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दिव्यांग राजू , जिसने पीएम मोदी के मन को छुआ, भीख मांगकर बांटे 3 हजार मास्क और गरीबों को राशन

सवा महीने के भीतर ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पठानकोट के दो लोगों को प्रेरणास्रोत बताया। 24 अप्रैल को यहां की युवा सरपंच पल्लवी ठाकुर के बाद रविवार को मन की बात में पीएम मोदी ने पठानकोट के दिव्यांग राजू को प्रेरणास्रोत बताया। बचपन से पोलियोग्रस्त 45 वर्षीय राजू शहर के ढांगू रोड पर 35 सालों से भीख मांगते हैं।

बकौल राजू वह भीख से कमाए पैसे से गरीब कन्याओं की शादियों में, भंडारा कराने और राशन बांटकर उनकी मदद कर रहे हैं। उन्होंने लाॅकडाउन के दौरान 3000 से अधिक मास्क बांटे और 100 परिवारों को राशन दिया। प्रधानमंत्री द्वारा नाम लिए जाने के बाद उसके घर लोग बधाइयां देने पहुंचने लगे। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी शर्मा भी पहुंचे।

लोग मेरी मदद करते हैं, इसलिए मैं दूसरों की मदद करता हूंः राजू
राजू के मुताबिक, वह बचपन से ही पोलियोग्रस्त है। 10 साल की उम्र में मां-बाप का साया सिर से उठ जाने पर वह सड़क पर आ गया। दिव्यांगता के कारण उसे कोई काम नहीं मिला तो भीख मांगना मजबूरी बन गई। राजू की तो शादी भी नहीं हुई। दो भाइयों का परिवार है, लेकिन वह अलग रहता है। खाना भी पड़ोसी बनाकर देता है।

राजू बताता है कि भीख से रोजाना 500 से 700 रुपए मिलते हैं। खाने और खर्च के बाद कमाई का बाकी हिस्सा लोगों की सेवा पर खर्च करता है। मंदिरों में दान देना, गरीबों की बेटियों की शादियों में मदद, हर साल भंडारा कराना आदि में खर्च करता है। अब तक 22 गरीब लड़कियों की शादी में राशन व अन्य मदद दे चुका है।

7 जून को भी एक सफाई सेवक की बेटी की शादी में 1100 रुपये शगुन, 50 किलो चावल और एक पंखा देगा। ढांगू रोड पर 30 हजार खर्च कर एक टूटी पुलिया की रिपेयर कराई है। राजू कहते हैं कि लोग मेरी मदद करते हैं इसलिए मैं दूसरों की मदद करता हूं। भीख मांगना तो चंगा नहीं लगदा लेकिन, सेवा करना चंगा लगदा ए। राजू ने पीएम का आभार भी जताया।



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राजू कहते हैं कि लोग मेरी मदद करते हैं इसलिए मैं दूसरों की मदद करता हूं।


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