Skip to main content

प्रवासियों को मदद की मांग के लिए कांग्रेस आज 11 बजे कैंपेन शुरू करेगी, सोशल मीडिया के जरिए 3 घंटे तक लोगों से बात की जाएगी

प्रवासियों और गरीबों की आवाज उठाने के लिए कांग्रेस आज 11 बजे से देशभर में स्पीक अप इंडिया कैंपेन शुरू करेगी। कांग्रेस का कहना है कि तीन घंटे चलने वाली इस ऑनलाइन कैंपेन में सोशल मीडिया के सभी प्लेटफॉर्म के जरिए जनता से बात की जाएगी। इसमें पार्टी के 50 लाख कार्यकर्ता और समर्थक हिस्सा लेंगे।

'आपदा में गरीब सबसे ज्यादा प्रभावित'
कांग्रेस का कहना है कि प्रवासी, छोटे उद्योग और खुदरा व्यापारी परेशान हैं। काम-धंधे ठप होने से बहुत से लोगों के बेरोजगार होने का रिस्क बढ़ गया है। किसी भी आपदा में सबसे ज्यादा प्रभावित गरीब लोग होते हैं। ऐसे लोगों के लिए ही स्पीक अप इंडिया कैंपेन चलाया जाएगा।

'गरीब परिवारों को 10 हजार रुपए की मदद तुरंत मिले'
कांग्रेस कीमांग है कि प्रवासियों सेकिराया लिए बिना सरकार उन्हें सम्मान के साथ घर पहुंचाए। हर गरीब परिवार को 6 महीने तक 7 हजार 500 रुपए दिए जाएं, लेकिन उन्हें 10 हजार की मदद तुरंत मिलनी चाहिए। छोटे उद्योगों को भी जल्द से जल्द मदद की जरूरत है।मनरेगा के तहत रोजगार गारंटी बढ़ाकर 200 दिन करनी चाहिए।



आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें
ये तस्वीर सूरत की है, जहां प्रवासी लोग रेलवे स्टेशन तक पहुंचने के लिए बसों का इंतजार कर रहे थे।


https://ift.tt/2ZN7flp

Comments

Popular Posts

आठ महीनों में एक हजार से ज्यादा घंटे कोरोना मरीजों के बीच बिताए, फिर भी संक्रमण से सुरक्षित

शहर में कोरोना मरीजों का आंकड़ा 40,522 हो गया है। गुरुवार को 556 नए केस मिले। तीन मरीजों की मौत भी हुई। हालांकि 35 हजार से ज्यादा ठीक भी हो चुके हैं। 12 नवंबर के बाद से जिस तेजी से मरीज मिल रहे हैं, उसने चिंताएं बढ़ा दी हैं। ऐसे में छह हजार से ज्यादा स्वास्थ्यकर्मी मिसाल हैं, जो इन आठ महीनों में एक हजार से ज्यादा घंटे मरीजों के बीच बिता चुके हैं। बमुश्किल 300 संक्रमित हुए। मास्क की सावधानी बरतते हुए ये कोराना से बचे हुए हैं। मरीजों को गले भी लगाती हैं, लेकिन पलभर के लिए मास्क नहीं हटातीं पीपीई किट पहनकर सुबह-शाम मरीजों के पास जाती हूं, उनकी काउंसलिंग भी करती हूं। जरूरत पड़ने पर गले भी लगाती हूं। अस्पताल के मरीज कल्पना दीदी के नाम से जानने लगे। 8 महीने में एक दिन ऐसा नहीं गया, जब कोविड वार्ड न गई हूं, पर हमेशा मास्क और ग्लव्स पहने रही। मास्क तो पलभर के लिए भी नहीं हटाती। इन सुरक्षा साधनों का इस्तेमाल कर कोरोना से बचे रहे। -कल्पना पिल्लई, इंचार्ज सिस्टर अरबिंदो अस्पताल सुबह 8 से रात 10 तक पानी नहीं पीते, ताकि मास्क न हटाना पड़े सात महीने से रोज राउंड ले रहा हूं। सबसे ज्यादा ध्यान मास्...

लॉकडाउन में महिलाओं के खातों में 32% इजाफा, इनमें 70% पहली बार शेयर में इन्वेस्ट कर रहीं

कोरोना संकट के दौरान शेयर बाजार में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है। महिलाएं गोल्ड बाॅन्ड से लेकर म्यूचुअल फंड तक में निवेश कर रही हैं। दिलचस्प बात यह है कि शेयर बाजार में निवेश करने वाली महिलाओं में अधिकतर पहली बार निवेश कर रही हैं। इनमें बड़ी संख्या में वर्किंग वुमन्स और हाउस वाइफ हैं। ये महिलाएं ना सिर्फ शेयर मार्केट में पैसे लगा रही हैं, बल्कि दूसरों को प्रेरित भी कर रही हैं। आइए पढ़ते हैं ऐसी ही कुछ महिलाओं की कहानी, जो मार्केट में निवेश कर अच्छा रिटर्न कमा रही हैं... अंकिता तोलानी - वर्किंग अंकिता तोलानी 28 साल की हैं। दिल्ली की एक प्राइवेट कंपनी में जाॅब करती हैं। अंकिता 2016 से शेयर मार्केट में पैसे लगा रही हैं। वो SIP (सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) और गोल्ड बाॅन्ड में निवेश करती हैं। अंकिता कहती हैं,'पहली बार मैंने SIP में 1 लाख रुपए से निवेश शुरू किया था। अब हर साल डेढ़ से दो लाख रुपए निवेश करती हूं।' अंकिता पिछले तीन साल में करीब 10 लाख से ज्यादा निवेश कर चुकी हैं। वहीं, गोल्ड बाॅन्ड में अंकिता अब तक 7 लाख रुपए तक निवेश कर चुकी हैं। वह बताती हैं कि उन्हें गोल्ड बाॅन...