Skip to main content

पायलट ट्रेनिंग के बाद भी नौकरी नहीं मिली तो कानपुर की सौम्या ने उधार की ड्रेस बेचकर खड़ा किया बिजनेस

2007 की आर्थिक मंदी में कानपुर की सौम्या गुप्ता के भी सपने टूटे थे। तब 19 साल की सौम्या ने 65 लाख रुपए खर्च कर अमेरिका में पायलट की ट्रेनिंग पूरी की थी। लेकिन लाख कोशिशों के बाद भी नौकरी नहीं मिली। इसलिए जिम रिसेप्शनिस्ट से लेकर कॉल सेंटर तक में काम किया। फिर उधार लेकर कपड़ों का अपना बिजनेस शुरू किया। आज उनकी कंपनी में 35 कर्मचारी काम करते हैं और उनके डिजाइन किए करीब दस हजार कपड़े रोज बिकते हैं।

सौम्या कहती हैं कि 2006 में मेरा करिअर शुरू होने से पहले ही खत्म हो गया। ट्रेनिंग के बाद नौकरी मिलना तय था। पर अचानक पूरी इंडस्ट्री अनिश्चितताओं के घेरे में आ गई। इसका कारण था अमेरिका का सब-प्राइम मोर्गेज डिफाल्ट, जिसके कारण लेहमन ब्रदर्स जैसे बड़े बैंक और अमेरिकन इंश्योरेंस ग्रुप दिवालिया हो गई थीं।

वे बताती हैं कि 2008 का पूरा साल मैंने नौकरी की तलाश में बिता दिया। आखिर मैंने 5000 रुपए महीने की नौकरी जिम में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर शुरू की। कुछ दिनों बाद ही एक कॉल सेंटर ज्वाइन कर लिया। रात में यहां काम करती और दिन में दूसरी नौकरी की तलाश।

इस बीच एक मेरी मुलाकात राबर्टो कवाली और गॉटियर जैसे ब्रांड के कपड़ों का एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट का काम करने वाली एक महिला से हुई। मैंने उनसे 20 ड्रेसें उधार लीं और घर में दोस्तों के लिए इन कपड़ों की सेल लगाई। एक घंटे में 100% मुनाफा कमाया।

ये 2009 की बात है। मैंने कॉल सेंटर की नौकरी छोड़ दी और कपड़ों के बिजनेस में आ गई। स्नैपडील, फ्लिपकार्ट और दूसरे छोटे-बड़े ऑनलाइन प्लेटफार्म पर कपड़े बेचने की जद्दोजहद शुरू कर दी। आज मेरी कंपनी 10 ऑन 10 हर रोज 10 हजार ड्रेस बेचती है। कंपनी का काम अभी अमेरिका से चल रहा है और कनाडा और यूरोप में बिजनेस शुरू किया है।

अब मास्क का एक्सपोर्ट

सौम्या बताती हैं कि कोरोनावायरसके आने पर उन्हें लगा जैसे वो 2007 में पहुंच गई हों। फर्क सिर्फ इतना था कि आज कमाई नौ अंकों में होती है। ड्रेस की बिक्री घटी तो मास्क का एक्सपोर्ट शुरू किया है।



आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें
सौम्या कहती हैं कि कोरोना के कारण ड्रेस की बिक्री घटी तो उन्होंने मास्क का एक्सपोर्ट शुरू कर दिया है।


https://ift.tt/36M3Yo5

Comments

Popular Posts

छोटे बच्चों पर भी थी मौलानाओं की नजर:18 साल से कम उम्र के बच्चों को करते थे गुमराह, माइंड वॉश के बाद धर्मांतरण करवाते थे; कानपुर में 14 साल का बच्चा था निशाने पर

https://ift.tt/eA8V8J

केंद्र सरकार ने देशभर के कर्मचारियों के लिए नहीं जारी की गाइडलाइन, सिर्फ एक विभाग के लिए जारी हुए सर्कुलर से फैला कन्फ्यूजन

क्या वायरल : केंद्र सरकार ने देश भर के कर्मचारियों के लिए गाइडलाइन जारी की हैं। जिनके अनुसार एक दिन में अधिकतम 20 लोगों का स्टाफ ही एक ऑफिस में काम करेगा। कंटेनमेंट जोन में रहने वाले लोगों को ऑफिस नहीं आना होगा। इस तरह के 11 बिंदुओं की गाइडलाइन से जुड़ा एक सर्कुलर इंटरनेट पर वायरल हो रहा है। इस तरह के ट्वीट वायरल हो रहे हैं https://twitter.com/JantaKaSafar/status/1270232058653261824 https://twitter.com/shubh_tree फैक्ट चेक पड़ताल - सबसे पहले हमने यह क्रॉस चेक किया कि वायरल हो रहा सर्कुलर असली है या नहीं। एएनआई के ऑफिशियल ट्विटरहैंडल पर भी यही सर्कुलर ट्वीट किया गया है। इससे यह स्पष्ट हुआ कि यह फर्जी नहीं है। संभवत: एएनआई द्वारा यह सर्कुलर ट्वीट किए जाने के बाद ही कई न्यूज वेबसाइट्स ने यह खबर पब्लिश की कि केंद्र सरकार ने देश भर के दफ्तरों के लिए गाइडलाइन जारी की हैं। इसके बाद ही सोशल मीडिया पर भी यह खबर वायरल हुुई। -सर्कुलर के पहले पैराग्राफ को ही ध्यान से पढ़ें तो यह समझ आ जाता है कि ये सभी कर्मचारियों के लिए नहीं है। पहले पैराग्राफ की अंतिम लाइन में लिखा है - All officers i...