Skip to main content

प्रधानमंत्री मोदी आज आत्मनिर्भर उत्तरप्रदेश रोजगार अभियान की शुरुआत करेंगे, दावा- इससे एक करोड़ लोगों को फायदा होगा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 'आत्मनिर्भर उत्तरप्रदेश रोजगार अभियान'की शुरुआत करेंगे। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहेंगे। उत्तरप्रदेश सरकार का दावा है कि नौकरी और रोजगार पाने वालेलोग इस अभियान से जुड़ेंगे।

सरकार के मुताबिक, यह कार्यक्रम सुबह 11 बजे शुरू होगा।दूसरे राज्यों से घर लौटे 38 लाख प्रवासी श्रमिक और कामगार के साथ-साथ स्थानीय लोगों को इसका फायदा मिलेगा और यह संख्या एक करोड़ से ज्यादा है।

तीन तरह के कार्यक्रमहोंगे

  • पहला- भारत सरकार का आत्मनिर्भर भारत रोजगार कार्यक्रम है। इसमें वे लोग शामिल हैं, जिन लोगों को इस कार्यक्रम के जरिए रोजगार दिया गया है।
  • दूसरा-एमएसएमई सेक्टर में जिन लोगों को नौकरी मिली है और सरकार ने जिन औद्योगिक संगठनों के साथ एमओयू किया है, ये लोग भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे।
  • तीसरा-स्व: रोजगार। इसमें वे लोग होंगे, जिन्होंने अपने कारोबार के लिए बैंकों और सरकारी योजानाओं से कर्ज लिया है।

प्रधानमंत्री 6 जनपदों केलोगों से बात करेंगे

  • इस कार्यक्रम में 31 जिलों के लोग ऑनलाइन जुड़ेंगे। वहीं, प्रधानमंत्री मोदी प्रदेश के 6 जिलों के रोजगार पाने लोगों से बात करेंगे। इसमें लखनऊ, गोंडा, बहराइच, जालौन, गोरखपुर और सिद्धार्थ नगर जिला शामिल हैं।
  • यूपी के 31 जिलों में लखीमपुर खीरी, हरदोई, सीतापुर, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, उन्नाव, जालौन, फतेहपुर, रायबरेली, अमेठी, अयोध्या, बस्ती, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, महराजगंज, अंबेडकर नगर, आजमगढ़, जौनपुर, मिर्जापुर, प्रयागराज, कौशाम्बी, वाराणसी, गाजीपुर, देवरिया, कुशीनगर, गोरखपुर जिले शामिल हैं।


आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें
Today, PM Modi to address online mega campaign to provide employment to one crore people in UP


https://ift.tt/31jsoEw

Comments

Popular Posts

आठ महीनों में एक हजार से ज्यादा घंटे कोरोना मरीजों के बीच बिताए, फिर भी संक्रमण से सुरक्षित

शहर में कोरोना मरीजों का आंकड़ा 40,522 हो गया है। गुरुवार को 556 नए केस मिले। तीन मरीजों की मौत भी हुई। हालांकि 35 हजार से ज्यादा ठीक भी हो चुके हैं। 12 नवंबर के बाद से जिस तेजी से मरीज मिल रहे हैं, उसने चिंताएं बढ़ा दी हैं। ऐसे में छह हजार से ज्यादा स्वास्थ्यकर्मी मिसाल हैं, जो इन आठ महीनों में एक हजार से ज्यादा घंटे मरीजों के बीच बिता चुके हैं। बमुश्किल 300 संक्रमित हुए। मास्क की सावधानी बरतते हुए ये कोराना से बचे हुए हैं। मरीजों को गले भी लगाती हैं, लेकिन पलभर के लिए मास्क नहीं हटातीं पीपीई किट पहनकर सुबह-शाम मरीजों के पास जाती हूं, उनकी काउंसलिंग भी करती हूं। जरूरत पड़ने पर गले भी लगाती हूं। अस्पताल के मरीज कल्पना दीदी के नाम से जानने लगे। 8 महीने में एक दिन ऐसा नहीं गया, जब कोविड वार्ड न गई हूं, पर हमेशा मास्क और ग्लव्स पहने रही। मास्क तो पलभर के लिए भी नहीं हटाती। इन सुरक्षा साधनों का इस्तेमाल कर कोरोना से बचे रहे। -कल्पना पिल्लई, इंचार्ज सिस्टर अरबिंदो अस्पताल सुबह 8 से रात 10 तक पानी नहीं पीते, ताकि मास्क न हटाना पड़े सात महीने से रोज राउंड ले रहा हूं। सबसे ज्यादा ध्यान मास्...

जिन दुकानों पर अंतिम संस्कार से जुड़ी पूजा सामग्री मिलती थीं, वहां अब पीपीई किट और दस्ताने बिक रहे

निगमबोध घाट पहुंची 32 साल की कुसुम के पिता की मौत आज सुबह ही कोरोना से हुई है। वे दिल्ली के ही एक निजी अस्पताल में बीते पांच दिनों से भर्ती थे। मौत के बाद अस्पताल प्रशासन ने उनके पिता के शव को सील करके अपनी ही गाड़ी से निगमबोध घाट पहुंचाया है। अस्पताल के ही दो कर्मचारी पीपीई किट पहने इस शव को घाट तक लेकर आए हैं। कुसुम ने आखिरी वक्त में अपने पिता का चेहरा भी नहीं देखा था, लिहाजा वे निगमबोध घाट के सेवादारों से हाथ जोड़कर और बिलखते हुए प्रार्थना कर रही हैं कि उन्हें एक आखिरी बार अपने पिता का चेहरा देखने की अनुमति दी जाए। निगमबोध घाट के एक सेवादार कुसुम को समझाते हैं कि कोरोना संक्रमित शवों का चेहरा खोलने की अनुमति नहीं है और ऐसा करने से संक्रमण फैलने का खतरा हो सकता है। लेकिन, अपने पिता के अंतिम दर्शन की कुसुम की जिद को देखते हुए ये सेवादार इसकी अनुमति दे देते हैं। कुसुम के पिता के शव को वापस उसी गाड़ी में कुछ देर के लिए रखा रखा जाता है, जिसमें अस्पताल से उन्हें यहां लाया गया था। पीपीई किट पहने दो लोग शव का चेहरा कुछ सेकंड के लिए खोलते हैं और जल्द ही शव को दोबारा सील करके चिता पर रख द...