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6 महीने में 1 से 1 करोड़ तक कैसे पहुंचा कोरोना, इस महामारी से चीन से दुनिया के हर देश तक पहुंचने का ट्रेंड

दुनिया का शायद ही कोई ऐसा देश हो, जहां कोरोना न पहुंचा हो। चीन के वुहान से लेकर गिरमिटायी देशों, अरब, अफ्रीका सबको अपनी जद में ले चुका है। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक, कोरोनावायरस दुनिया के 206 देशों तक पहुंच गया है। दुनियाभर के जितने इंसानों को ये छू चुका है, उनकी गिनती 6 महीने में 1 से लेकर 1 करोड़ हो चुकी है। अब तक 5 लाख से ज्यादा मौतें इस महामारी के हिस्से आई हैं।

पिछले साल दिसंबर के आखिर में चीन ने कोरोनावायरस की जानकारी दी थी। उसके बाद से अभी तक दुनिया की 0.1% आबादी इससे संक्रमित हो चुकी है।

हालांकि, अभी तक जितने लोगों को कोरोना का संक्रमण हुआ है, उनमें से 55% लोग ठीक भी हो चुके हैं। डेथ रेट भी 5% के आसपास ही है।

2003 में फैले सार्स का डेथ रेट 15% से ज्यादा था और 2015 में आए मर्स का करीब 35% था।

1. कैसे दुनियाभर में फैल गया कोरोना?
कोरोनावायरस का पहला मामला दिसंबर 2019 में आया था। हालांकि, अभी तक ये नहीं पता चल सका है कि किस दिन पहला मरीज मिला था। उसके बाद जनवरी के आखिरी दिन तक 10 हजार से भी कम मरीज थे। लेकिन, फरवरी के आखिरी दिन तक मरीजों की संख्या 85 हजार से ज्यादा और मार्च के आखिरी दिन तक 7.5 लाख के पार पहुंच गई।

उसके बाद अप्रैल तक कोरोना संक्रमितों की संख्या 30 लाख से ज्यादा गई। 31 मई तक करीब 60 लाख मरीज हो गए और 27 जून तक दुनियाभर में संक्रमितों का आंकड़ा 1 करोड़ के ऊपर आ गया।

इन 6 महीनों में कोरोना का संक्रमण चीन के वुहान शहर से होते हुए दुनिया के 206 देशों में फैल गया।

2. कोरोना से कैसे दुनियाभर में बढ़ता रहा मौतों का आंकड़ा?
कोरोना संक्रमण से पहली मौत 9 जनवरी को चीन के वुहान शहर में हुई थी। चीन के बाहर इससे पहली मौत फिलीपींस में 1 फरवरी को हुई। जबकि, एशिया के बाहर पहली मौत फ्रांस में 14 फरवरी को दर्ज की गई।

कोरोनावायरस किस हद तक कहर बनकर उभरा है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 31 जनवरी तक इससे होने वाली मौतों का आंकड़ा करीब 300 तक था। लेकिन, उसके बाद के 4 महीनों के भीतर ही ये आंकड़ा 5 लाख के पार आ गया है।

3. 6 महीने में एक्टिव केस से ज्यादा ठीक होने वाले मरीज
शुरुआत में कोरोनावायरस जिस तेजी से फैल रहा था, उस तेजी से मरीजों की ठीक होने की संख्या काफी कम थी। मई के आखिर तक 30 लाख 21 हजार 245 एक्टिव केस थे, जबकि ठीक हुए मरीजों की संख्या 28 लाख 59 हजार 906 थी।

लेकिन, जून के पहले हफ्ते से भले ही मरीजों की संख्या बढ़ रही थी, लेकिन ठीक होने वाले मरीजों की संख्या भी तेजी से बढ़ने लगी। 3 जून को पहली बार ठीक हुए मरीजों की संख्या एक्टिव केस से ज्यादा हो गई।

इस दिन 30 लाख 32 हजार 811 एक्टिव केस थे, जबकि ठीक होने वाले मरीजों की संख्या 31 लाख 78 हजार 746 थी। 26 जून तक दुनियाभर में एक्टिव केसेस की संख्या 40 लाख 49 हजार 28 है। और ठीक हुए मरीजों का आंकड़ा 53 लाख 53 हजार 440 पहुंच गया है।

4. भारत में कैसे फैला कोरोना?
हमारे देश में कोरोनावायरस का पहला मामला 30 जनवरी को केरल में सामने आया था। उसके बाद 2 फरवरी तक ही केरल में 3 कोरोना संक्रमित सामने आ गए। ये तीनों ही चीन के वुहान शहर से लौटकर आए थे।

उसके बाद करीब एक महीने तक देश में कोरोना का कोई भी नया मरीज नहीं मिला, लेकिन 2 मार्च के बाद से संक्रमितों की संख्या रोजाना बढ़ती चली गई।

30 अप्रैल को स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना संक्रमितों की संख्या के आधार पर देश के सभी जिलों को रेड, ऑरेंज और ग्रीन जिलों में बांटा था। उस वक्त देश के 733 में से 319 जिले ग्रीन जोन में थे। यानी इन जिलों में 30 अप्रैल तक कोरोना का एक भी मरीज नहीं मिला था।

लेकिन, 26 जून तक देश में 20 से भी कम जिले ही ऐसे रह गए हैं, जहां अब तक एक भी कोरोना संक्रमित नहीं मिला है।

स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, 27 जून तक देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 5 लाख 8 हजार 953 हो गई है। जबकि, 15 हजार 685 लोग दम तोड़ चुके हैं।

हालांकि, इसमें से 2 लाख 95 हजार 881 मरीज ठीक भी हुए हैं। इतनी तारीख तक देश में कुल 1 लाख 97 हजार 387 एक्टिव केस हैं।



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How Corona reached from 1 to 1 crore in 6 months, this great trend to reach every country of the world from China


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