Skip to main content

संक्रमितों का आंकड़ा 1 करोड़ के पार, इनमें से 54 लाख से ज्यादा ठीक हुए; मरने वालों की संख्या 5 लाख हुई

दुनिया में कोरोना संक्रमितों की संख्या शनिवार रात 1 करोड़ के पार हो गई। इनमें 54 लाख 58 हजार 367 लोग ठीक हो चुके हैं। वहीं, 5 लाख 01 हजार 298 लोगों ने जान गंवाई हैं। सबसे संक्रमित देश अमेरिका में 24 घंटे में 40 हजार से ज्यादा मामले सामने आए हैं। यहां मरीजों की संख्या 25 लाख से ज्यादा हो गई है। वहीं, अब तक 1.28 लाख मौतें हो चुकी हैं।

10 देश जहां कोरोना का असर सबसे ज्यादा

देश

कितने संक्रमित कितनी मौतें कितने ठीक हुए
अमेरिका 25,96,537 1,28,152 10,81,437
ब्राजील 13,15,941 57,103 7,15,905
रूस 6,27,646 8,969 3,93,352
भारत 5,29,577 16,103 3,10,146
ब्रिटेन 3,10,250 43,514 उपलब्ध नहीं
स्पेन 2,95,549 28,341 उपलब्ध नहीं
पेरू 2,75,989 9,135 1,64,024
चिली 2,67,766 5,347 2,28,055
इटली 2,40,136 34,716 1,88,584
ईरान 2,20,180 10,364 1,80,661

*ये आंकड़ेhttps://ift.tt/37Fny4Lसे लिए गए हैं।

ब्राजील: 57 हजार से ज्यादा मौतें
ब्राजील में 24 घंटे में कोरोनावायरस से 1,109 लोगों की मौत हुई है। यहां मरने वालों की संख्या 57,070 हो गया है। वहीं, एक दिन में संक्रमण के 38,693 नए मामले सामने आए हैं। संक्रमितों की संख्या 13 लाख 13 हजार 667 हो गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार अब तक 7 लाख 15 हजार लोग बीमारी से ठीक हो चुके हैं। ब्राजील के साओ पाउलो शहर के मेयर ने घोषणा की है कि रेस्टोरेंट, बार, पब और सैलून खोलने की योजना टाली जा सकती है।

ब्रिटेन: 6 जुलाई से विदेश यात्राओं से प्रतिबंध हटेगा
ब्रिटेन दुनिया में पांचवां सबसे संक्रमित देश है। यहां संक्रमण के अब तक 3.10 लाख मामले सामने आ चुके हैं, जबकि 43 हजार से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं। ब्रिटेश सरकार ने 6 जुलाई से विदेश यात्राओं पर लगे प्रतिबंधों का हटाने का फैसला किया है। ये छूट कुछ यूरोपीय देशों के लिए होंगे। इसके तहत जिन देशों में मामले कम हैं, वहां से आने पर क्वारैंटाइन नहीं होना होगा।

इजराइल: 621 नए मामले
इजराइल में दो अप्रैल के बाद से कोरोना के मामलों में अब तक का सबसे बड़ा इजाफा हुआ है। एक दिन में 621 नए मामले सामने आए हैं। संक्रमितों की संख्या बढ़कर 23,421 हो गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने रविवार को यह जानकारी दी। इजराइल में कुल 317 लोगों की बीमारी से मौत हो चुकी हैं। यहां गंभीर मरीजों की संख्या 46 से घटकर 41 हो गई है। यहां अब तक 17,002 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं।



आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें
कोरोनावायरस महामारी के बीच स्पेन में शनिवार को काला ऐगुब्लावा समुद्र तट पर हजारों लोग पहुंचे। यहां अब तक 2.95 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं।


https://ift.tt/3i7wvtm

Comments

Popular Posts

आठ महीनों में एक हजार से ज्यादा घंटे कोरोना मरीजों के बीच बिताए, फिर भी संक्रमण से सुरक्षित

शहर में कोरोना मरीजों का आंकड़ा 40,522 हो गया है। गुरुवार को 556 नए केस मिले। तीन मरीजों की मौत भी हुई। हालांकि 35 हजार से ज्यादा ठीक भी हो चुके हैं। 12 नवंबर के बाद से जिस तेजी से मरीज मिल रहे हैं, उसने चिंताएं बढ़ा दी हैं। ऐसे में छह हजार से ज्यादा स्वास्थ्यकर्मी मिसाल हैं, जो इन आठ महीनों में एक हजार से ज्यादा घंटे मरीजों के बीच बिता चुके हैं। बमुश्किल 300 संक्रमित हुए। मास्क की सावधानी बरतते हुए ये कोराना से बचे हुए हैं। मरीजों को गले भी लगाती हैं, लेकिन पलभर के लिए मास्क नहीं हटातीं पीपीई किट पहनकर सुबह-शाम मरीजों के पास जाती हूं, उनकी काउंसलिंग भी करती हूं। जरूरत पड़ने पर गले भी लगाती हूं। अस्पताल के मरीज कल्पना दीदी के नाम से जानने लगे। 8 महीने में एक दिन ऐसा नहीं गया, जब कोविड वार्ड न गई हूं, पर हमेशा मास्क और ग्लव्स पहने रही। मास्क तो पलभर के लिए भी नहीं हटाती। इन सुरक्षा साधनों का इस्तेमाल कर कोरोना से बचे रहे। -कल्पना पिल्लई, इंचार्ज सिस्टर अरबिंदो अस्पताल सुबह 8 से रात 10 तक पानी नहीं पीते, ताकि मास्क न हटाना पड़े सात महीने से रोज राउंड ले रहा हूं। सबसे ज्यादा ध्यान मास्...

जिन दुकानों पर अंतिम संस्कार से जुड़ी पूजा सामग्री मिलती थीं, वहां अब पीपीई किट और दस्ताने बिक रहे

निगमबोध घाट पहुंची 32 साल की कुसुम के पिता की मौत आज सुबह ही कोरोना से हुई है। वे दिल्ली के ही एक निजी अस्पताल में बीते पांच दिनों से भर्ती थे। मौत के बाद अस्पताल प्रशासन ने उनके पिता के शव को सील करके अपनी ही गाड़ी से निगमबोध घाट पहुंचाया है। अस्पताल के ही दो कर्मचारी पीपीई किट पहने इस शव को घाट तक लेकर आए हैं। कुसुम ने आखिरी वक्त में अपने पिता का चेहरा भी नहीं देखा था, लिहाजा वे निगमबोध घाट के सेवादारों से हाथ जोड़कर और बिलखते हुए प्रार्थना कर रही हैं कि उन्हें एक आखिरी बार अपने पिता का चेहरा देखने की अनुमति दी जाए। निगमबोध घाट के एक सेवादार कुसुम को समझाते हैं कि कोरोना संक्रमित शवों का चेहरा खोलने की अनुमति नहीं है और ऐसा करने से संक्रमण फैलने का खतरा हो सकता है। लेकिन, अपने पिता के अंतिम दर्शन की कुसुम की जिद को देखते हुए ये सेवादार इसकी अनुमति दे देते हैं। कुसुम के पिता के शव को वापस उसी गाड़ी में कुछ देर के लिए रखा रखा जाता है, जिसमें अस्पताल से उन्हें यहां लाया गया था। पीपीई किट पहने दो लोग शव का चेहरा कुछ सेकंड के लिए खोलते हैं और जल्द ही शव को दोबारा सील करके चिता पर रख द...