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पढ़िए, मैगजीन अहा! जिंदगी की चुनिंदा स्टोरीज सिर्फ एक क्लिक पर

1. आज भारत दुनिया का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक देश है, तो इसमें वर्गीज कुरियन और उनकी श्वेत क्रांति का केंद्रीय योगदान है। इस लेख में पढ़ें, डॉ. वर्गीज कुरियन के जीवन के बारे में, किस तरह उन्होंने देश को बनाया दुनिया का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक...

देश को दुनिया का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक बनाने वाले किसान सेवक 'डॉ. वर्गीज़ कुरियन'

2. उर्दू के महान उपन्यासकार और पटकथा लेखक राजिंदर सिंह बेदी का 6 जुलाई 1984 को ऑल इंडिया रेडियो बम्बई में हुआ इंटरव्यू, उनके जीवन का आखिरी इंटरव्यू साबित हुआ। इंटरव्यू में बेदी के साथ हुई बातचीत पढ़ें इस लेख में...

उर्दू के महान उपन्यासकार और पटकथा लेखक राजिंदर सिंह बेदी के जीवन का आखिरी इंटरव्यू

3. 'वर्तिका नंदा' पत्रकारिता जगत की वो महिला जिन्होंने नौ साल की उम्र में ही दूरदर्शन के कार्यक्रम से प्रतिष्ठा हासिल की। जेल सुधारक से लेकर महिला सशक्तिकरण की दिशा में देश का सबसे बड़ा नागरिक सम्मान पाया। वर्तिका नंदा के जीवन के कुछ खास पहलू जानें इस लेख में...

उम्मीदों के झरोखे हरे कर रहे जिंदगी के सूखे फूल

4. नदियां, पहाड़, शांत झीलें और लहराता समंदर दे कर कुदरत ने न्यूजीलैंड को अनोखे रंगों से सजा दिया है। न्यूजीलैंड में प्रकृति और इंसान की जुगलबंदी का कमाल पढ़ें इस लेख में....

इन खूबसूरत मनमोहक तस्वीरों को देख लगता है, क़ुदरत ने न्यूजीलैंड को फुरसत से गढ़ा है

5. दिनभर के कामों से फुर्सत होने के बाद जब रात में मकान की छत पर टहलते-टहलते तारों को टकटकी बांधकर निहारते थे, तब मानो दिन की सारी थकान उतर जाती थी। इस लेख में पढ़ें, तारे और तारामंडल के बारे में विस्तार से...

रात की चादर में मोतियों से चिपके तारों को निहारती आंखें

6. क्या हम ब्रह्मांड में सचमुच अकेले हैं? क्या कहना है इस पर अंतरिक्ष विज्ञान के वैज्ञानिकों का? जानने के लिए पढ़ें ये लेख...

सितारों से आगे जहां और भी हैं

7. जम्मू-कश्मीर के किसान-वैज्ञानिक मोहम्मद 'मकबूल रैना' का कहना है कि गन से नहीं हल से ही मिलेगी आतंकवाद से मुक्ति। मकबूल ने मछलियों का आकार बढ़ाने के लिए एक सस्ता भी तलाशा है। जानें क्या है वो रास्ता इस लेख में...

इस तरह बढ़ाएं मछलियों की पैदावार और आकार को

8. दुनिया की ऐसी अजीबो-गरीब वसीयतें, जिनकी वसीयत से आस लगाए बैठे व्यक्ति भौंचक रह गए। अहा! जिंदगी के पाठकों के लिए डॉ. शशि गोयल लेकर आई हैं कुछ ऐसी ही वसीयतों के किस्से...

दुनिया की ऐसी अजीबो-ग़रीब वसीयतें, जिन्हें जान कर आप भी रह जाएंगे दंग

9. "अहा! जिंदगी" में "दिमाग की बत्ती" स्तम्भ शुरू किया गया है। इसमें प्रस्तुत सामग्री पाठकों की सहज-बुद्धि को चुनौती देकर उन्हें इन गुत्थियों को सुलझाने के लिए प्रेरित करेगी।

पाठकों की सहज-बुद्धि को चुनौती



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Read the magazine Aha! Selective Stories of Life with Just One Click 27 november 2020


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आठ महीनों में एक हजार से ज्यादा घंटे कोरोना मरीजों के बीच बिताए, फिर भी संक्रमण से सुरक्षित

शहर में कोरोना मरीजों का आंकड़ा 40,522 हो गया है। गुरुवार को 556 नए केस मिले। तीन मरीजों की मौत भी हुई। हालांकि 35 हजार से ज्यादा ठीक भी हो चुके हैं। 12 नवंबर के बाद से जिस तेजी से मरीज मिल रहे हैं, उसने चिंताएं बढ़ा दी हैं। ऐसे में छह हजार से ज्यादा स्वास्थ्यकर्मी मिसाल हैं, जो इन आठ महीनों में एक हजार से ज्यादा घंटे मरीजों के बीच बिता चुके हैं। बमुश्किल 300 संक्रमित हुए। मास्क की सावधानी बरतते हुए ये कोराना से बचे हुए हैं। मरीजों को गले भी लगाती हैं, लेकिन पलभर के लिए मास्क नहीं हटातीं पीपीई किट पहनकर सुबह-शाम मरीजों के पास जाती हूं, उनकी काउंसलिंग भी करती हूं। जरूरत पड़ने पर गले भी लगाती हूं। अस्पताल के मरीज कल्पना दीदी के नाम से जानने लगे। 8 महीने में एक दिन ऐसा नहीं गया, जब कोविड वार्ड न गई हूं, पर हमेशा मास्क और ग्लव्स पहने रही। मास्क तो पलभर के लिए भी नहीं हटाती। इन सुरक्षा साधनों का इस्तेमाल कर कोरोना से बचे रहे। -कल्पना पिल्लई, इंचार्ज सिस्टर अरबिंदो अस्पताल सुबह 8 से रात 10 तक पानी नहीं पीते, ताकि मास्क न हटाना पड़े सात महीने से रोज राउंड ले रहा हूं। सबसे ज्यादा ध्यान मास्...

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कोरोना संकट के दौरान शेयर बाजार में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है। महिलाएं गोल्ड बाॅन्ड से लेकर म्यूचुअल फंड तक में निवेश कर रही हैं। दिलचस्प बात यह है कि शेयर बाजार में निवेश करने वाली महिलाओं में अधिकतर पहली बार निवेश कर रही हैं। इनमें बड़ी संख्या में वर्किंग वुमन्स और हाउस वाइफ हैं। ये महिलाएं ना सिर्फ शेयर मार्केट में पैसे लगा रही हैं, बल्कि दूसरों को प्रेरित भी कर रही हैं। आइए पढ़ते हैं ऐसी ही कुछ महिलाओं की कहानी, जो मार्केट में निवेश कर अच्छा रिटर्न कमा रही हैं... अंकिता तोलानी - वर्किंग अंकिता तोलानी 28 साल की हैं। दिल्ली की एक प्राइवेट कंपनी में जाॅब करती हैं। अंकिता 2016 से शेयर मार्केट में पैसे लगा रही हैं। वो SIP (सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) और गोल्ड बाॅन्ड में निवेश करती हैं। अंकिता कहती हैं,'पहली बार मैंने SIP में 1 लाख रुपए से निवेश शुरू किया था। अब हर साल डेढ़ से दो लाख रुपए निवेश करती हूं।' अंकिता पिछले तीन साल में करीब 10 लाख से ज्यादा निवेश कर चुकी हैं। वहीं, गोल्ड बाॅन्ड में अंकिता अब तक 7 लाख रुपए तक निवेश कर चुकी हैं। वह बताती हैं कि उन्हें गोल्ड बाॅन...