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अमेरिका में अल्ट्रावॉयलेट लैम्प से घर-ऑफिस को सैनेटाइज करने में 7 लोगों की आंखें डैमेज हुईं

अमेरिका में अल्ट्रावॉयलेट लैम्प से घर और ऑफिस को सैनेटाइज करने के दौरान 7 लोगों की आंखें डैमेज हो गईं। मरीजों की कॉर्निया में सूजन आई और दर्द से बेहाल रहे। यह बात मियामी मिलर स्कूल ऑफ मेडिसिन यूनिवर्सिटी की रिसर्च में सामने आई।

वैज्ञानिकों का कहना है कि मरीज रिकवर हो रहे हैं लेकिन लोगों को अल्ट्रावॉयलेट (UV) लैम्प इस्तेमाल करने की सही जानकारी होना जरूरी है। ऐसी लापरवाही दोबारा होने पर आंखें जिंदगीभर के लिए डैमेज हो सकती हैं।

आई एक्सपर्ट डॉ. जेस्सी सिंगिलो कहती हैं, महामारी की शुरुआत में हमारे पास आने वाले ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ रही थी, जिनकी आंखों में जलन थी और दर्द से परेशान थे। ये मरीज सामान्य रोशनी के सम्पर्क में आते ही सेंसिटिव हो जाते थे यानी इनकी दिक्कतें बढ़ जाती थीं। धीरे-धीरे मामले बढ़ने पर ये समझ आया कि अल्ट्रावॉयलेट लैम्प की रोशनी के सीधे सम्पर्क में आने पर मरीजों में ऐसा हो रहा है।

5 पॉइंट्स में समझें पूरा मामला

  • ऑक्यूलर इम्यूनोलॉजी एंड इंफ्लेमेशन जर्नल में पब्लिश रिसर्च के मुताबिक, सातों मरीजों में ये मामले 1 अप्रैल से 19 जुलाई 2020 के बीच सामने आए।
  • बेसकॉम पाल्मर आई इंस्टीट्यूट में इनकी जांच की गई। रिपोर्ट में सामने आया कि ये UV लाइट के सम्पर्क में 6 घंटे तक रहे। इनकी उम्र 24 से 59 साल के बीच थी।
  • 7 में से 3 मरीज घर में यूवी लैम्प के सम्पर्क में आए। वहीं, 3 लोगों के ऑफिस में UV लैम्प रखा था। इन लोगों ने स्किन और आंखों को इससे बचाने के लिए कुछ भी नहीं पहना था।
  • सातवां मरीज एक डेंटिस्ट के ऑफिस में गया था। जहां स्टाफ ने यूवी लाइट का इस्तेमाल किया, जिससे वह इसके सम्पर्क में आया। डॉक्टर्स ने सभी मरीजों को आई ड्रॉप्स और आइंटमेंट लेने को कहा।
  • वैज्ञानिकों का कहना है कि UV लैम्प का इस्तेमाल करने से पहले इसकी गाइडलाइन जरूर पढ़ें ताकि स्किन और आंखों में होने वाले डैमेज रोके जा सकें।

4 बातें अल्ट्रावॉयलेट लैम्प से जुड़ी, जिसे जानना जरूरी है

इससे खतरा कितना है?
एक्सपर्ट के मुताबिक, अल्ट्रावॉयलेट लैम्प की रोशनी स्किन को डैमेज कर सकती है। यह स्किन कैंसर और मोतियाबिंद का खतरा बढ़ाती है। या फिर फोटोकिरेटाइटिस भी हो सकता है। ऐसा होने पर सीधे तौर पर असर आंखों की कॉर्निया और सबसे ऊपरी लेयर पर होता है।

3. कौन से लक्षण दिखने पर अलर्ट हो जाएं?
आंखों में लालिमा, दर्द, धुंधलापन, सिरदर्द और रोशनी में जाने पर आंखों में दिक्कत होने जैसे लक्षण अल्ट्रावॉयलेट रोशनी के असर को बताते हैं। ऐसा होने पर डॉक्टरी सलाह लेने की जरूरत है।

4. यूवी लैम्प का कैसे इस्तेमाल करें?
वैज्ञानिकों का कहना है कि जिन मरीजों को दिक्कत हुई वह यूवी लैम्प को इस्तेमाल करने का तरीका नहीं जानते थे। जब भी यूवी लैम्प को इस्तेमाल करें तो इसे ऑन करके रूम या ऑफिस में छोड़ दें। वहां, किसी को न जाने दें।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, इन किरणों में इतनी पावर होती है कि ये शरीर की कोशिकाओं को डैमेज करने लगती हैं। हाथों को सैनेटाइज करने के लिए कभी भी अल्ट्रा-वायलेट लाइट यानी पराबैंगनी किरणों का प्रयोग न करें।

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Seven Americans Eye Damaged While Sanitizing Home And Office With Ultraviolet Lamp


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