Skip to main content

प्रधानमंत्री पुणे, अहमदाबाद और हैदराबाद जाएंगे, तीन कंपनियों के वैक्सीन प्लांट में विजिट करेंगे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज तीन शहरों में कोरोना वैक्सीन के प्रोडक्शन का रिव्यू करेंगे। वे अहमदाबाद में जायडस बायोटेक पार्क, पुणे में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) और हैदराबाद में भारत बायोटेक के प्लांट जाएंगे।

इस विजिट के बारे में प्राइम मिनिस्टर ऑफिस (PMO) ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बताया था। PMO ने कहा था कि भारत कोरोना के खिलाफ लड़ाई के फाइनल फेज में आ गया है। मोदी की इस विजिट और वैज्ञानिकों के साथ बातचीत से उन्हें भारत में वैक्सीनेशन की तैयारियों, चुनौतियों और इसके रोडमैप के बारे में एक नजरिया बनाने में मदद मिलेगी।

SII में रिहर्सल की गई
प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर सीरम इंस्टीट्यूट में शुक्रवार को रिहर्सल भी की गई। यहां मोदी वैक्सीन प्रोडक्शन और उसके डिस्ट्रीब्यूशन मैकेनिज्म का रिव्यू करेंगे। इसके लिए रोड रूट पर मूवमेंट का ट्रायल किया गया। एयरफोर्स के चॉपर की लैंडिंग भी कराई गई।

सीरम इंस्टीट्यूट ने कोरोना वैक्सीन कोवीशील्ड के प्रोडक्शन के लिए ब्रिटेन की कंपनी एस्ट्राजेनेका और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के साथ साझेदारी की है। SII दुनिया में सबसे ज्यादा वैक्सीन बनाता है। एक्सपर्ट्स और सरकारी अधिकारियों का मानना है कि भारत में सबसे पहले यही वैक्सीन मिलेगी।

मोदी 4 बजे हैदराबाद पहुंचेंगे
स्वदेशी वैक्सीन कोवैक्सिन के बारे में जानकारी लेने के लिए मोदी हैदराबाद जाएंगे। दोपहर बाद 4 बजे वे हाकिमपेट एयरफोर्स स्टेशन पर लैंड करेंगे। यहां से वे भारत बायोटेक जाएंगे। एक घंटे तक वैक्सीन बनाने वाले प्लांट पर रुकने के बाद वे 5.10 बजे दिल्ली के लिए रवाना होंगे।

भारत बायोटेक ने इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के साथ कोवैक्सिन बनाने के लिए हाथ मिलाया है। भारत बायोटेक ने इसके फेज-III ट्रायल्स शुरू कर दिए हैं। हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज अंबाला कैंट के एक हॉस्पिटल में इस वैक्सीन का डोज लगवा चुके हैं।

हैदराबाद जाने से पहले मोदी अहमदाबाद जाएंगे। यहां जायडस कैडिला अपनी वैक्सीन ZyCoV-D डेवलप कर रही है। जायडस कैडिला की वैक्सीन भी फेज-3 के ट्रायल्स में है।



आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें
पीएम मोदी अहमदाबाद में जायडस बायोटेक पार्क, पुणे में सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया और हैदराबाद में भारत बायोटेक के प्लांट जाएंगे। - फाइल फोटो


https://ift.tt/33kJYYT

Comments

Popular Posts

अब अपने दम पर और अपनी सोच से जॉब लेने का समय, लॉकडाउन में जो अंतरात्मा की आवाज सुनी थी उसे दबाइएगा मत

सूरज का एक सपना था कि मैं इंजीनियर बनूंगा। क्लास 8 से वो सपने को साकार करने में लगा था। पिताजी प्राइवेट कंपनी में साधारण पोस्ट पर थे मगर बच्चे की एजुकेशन में कोई कसर न छोड़ी। बढ़िया आईआईटी कोचिंग करवाई। आईआईटी में तो सिलेक्शन हुआ नहीं मगर एक ठीक-ठाक सरकारी कॉलेज में सीट मिल गई। फिर क्या था? आपको एडमिशन मिल गया तो समझो ‘लाइफ बन गई।’ यूं तो हम लेते हैं दाखिला कुछ पढ़ने के लिए पर हकीकत में उतना पढ़ते हैं कि पास हो जाएं। कॉलेज में कई नामी प्रोफेसर थे, इक्विपमेंट थे, मगर सूरज ने इनपर ध्यान नहीं दिया। उसे चाहिए थे अच्छे मार्क्स और नौकरी। मेकैनिकल इंजीनियर हो तो क्या हुआ, आप भी आईटी कंपनी के एंट्रेस एग्जाम में बैठ सकते हो। फैक्टरी से बेहतर एक चिल्ड एसी ऑफिस मिलेगा। सूरज ने भी यही रास्ता अपनाया। प्लेसमेंट भी हो गया। घर पर सब खुश। और फिर उथल-पुथल हो गई। मार्च में कोरोना फैला तो स्टूडेंट्स घर भागे। एग्जाम ऑनलाइन दिए या कैंसल हो गए। उससे भी बड़ी विपत्ति कि जॉब ऑफर कैंसल होने लगे। किसी कंपनी ने कहा जून में नहीं सितंबर में जॉइन करो। सूरज की कंपनी ने तो ऑफर ही वापस ले लिया। अब बैठे हैं जनाब बीटेक की ड...