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13 साल संघर्ष, 32 हजार साइन, तब जाकर मिला महिलाओं को वोटिंग का अधिकार, ऐसा करने वाला पहला देश बना

भारत जिस दिन आजाद हुआ, उसी दिन से महिलाओं को वोटिंग का अधिकार मिल गया था। अमेरिका को देश की महिलाओं को वोट देने का अधिकार देने में 144 साल लग गए थे। ब्रिटेन को तो एक सदी का समय लग गया। कुछ ऐसा ही था न्यूजीलैंड भी, जहां 13 साल के संघर्ष के बाद महिलाओं को वोटिंग का अधिकार मिल पाया था। न्यूजीलैंड दुनिया का पहला देश है, जिसने सबसे पहले महिलाओं को वोट देने का अधिकार दिया था।

न्यूजीलैंड की सरकारी वेबसाइट पर मौजूद जानकारी के मुताबिक, यहां महिलाओं को भी वोटिंग का अधिकार मिले, इसके लिए 1880 के आसपास आंदोलन शुरू हुआ। महिलाओं को वोटिंग का अधिकार दिलाने की लड़ाई के लिए वुमंस क्रिश्चियन टेम्परेंस यूनियन (WCTU) बना, जिसकी लीडर केट शेपर्थ थीं।

केट शेपर्थ ने ही महिलाओं को वोटिंग के अधिकार की लड़ाई लड़ी। इसके लिए उन्होंने एक पिटीशन पर साइन करवाई। उन्होंने करीब तीन साल मेहनत की, तब जाकर 32 हजार महिलाओं के साइन मिल पाए। ये उस समय की न्यूजीलैंड की महिला आबादी का करीब एक चौथाई था।

तस्वीर कैट शेफर्ड की है, जिन्होंने महिलाओं को वोटिंग का हक दिलाने की लड़ाई लड़ी। उनकी तस्वीर यहां के 10 डॉलर के नोट पर भी छपी है।

उनकी पिटीशन पर समर्थन मिलने के बाद 8 सितंबर 1893 को बिल लाया गया। इसके बाद 19 सितंबर को लॉर्ड ग्लास्गो ने बिल पर साइन कर इसे कानून बनाया। तब जाकर महिलाओं को वोटिंग का अधिकार मिला। 28 नवंबर 1893 को हुए आम चुनाव में महिलाओं ने पहली बार वोट डाले। पहले चुनाव में 1.09 लाख महिला वोटर थीं, जिसमें से 82% यानी 90,290 महिलाओं ने वोट डाला।

पहली बार किसी महिला ने उड़ाया एयरबस A-300
एयरबस A-300 विमान अमेरिकी कंपनी बोइंग ने बनाया है। ये विमान काफी बड़ा है। 28 नवंबर 1996 से पहले तक इसे सिर्फ पुरुषों ने ही उड़ाया था। लेकिन 28 नवंबर 1996 को कैप्टन इंद्राणी सिंह ने इसे उड़ाकर इतिहास रच दिया। कैप्टन इंद्राणी सिंह इस विमान की कमांडर भी थीं।

वो दुनिया की पहली महिला हैं, जो एयरबस A-300 की कमांडर रहीं। इंद्राणी को 1986 में पायलट का लाइसेंस मिला और कुछ वक्त बाद वो एयर इंडिया के बोइंग 737 की पायलट बन गईं। इंद्राणी सिंह अब गरीब बच्चों को पढ़ाती भी हैं।

इंद्राणी सिंह अब फ्लाइंग करियर के साथ-साथ गरीब बच्चों को पढ़ाने का काम भी देखती हैं।

भारत और दुनिया में 28 नवंबर की महत्वपूर्ण घटनाएं इस प्रकार हैंः

  • 1520: फर्डिनान्द मैगलन ने प्रशांत महासागर को पार करने की शुरुआत की।
  • 1660: लंदन में द रॉयल सोसायटी का गठन हुआ।
  • 1676: बंगाल की खाड़ी के तट पर पूर्वी भारत के महत्वपूर्ण बंदरगाह पुड्डचेरी पर फ्रांसीसियों का कब्जा।
  • 1814: द टाइम्स ऑफ लंदन को पहली बार ऑटोमैटिक प्रिंट मशीन से छापा गया।
  • 1821: पनामा ने स्पेन से आजाद होने की घोषणा की।
  • 1912: इस्माइल कादरी ने तुर्की से अल्बानिया के आजाद होने की घोषणा की।
  • 1954: महान भौतिकशास्त्री एनरिको फर्मी का निधन हुआ।
  • 1956: चीन के प्रधानमंत्री चाऊ एन लाई भारत दौरे पर आए।
  • 1962: बंगाल के प्रसिद्ध दृष्टिहीन गायक केसी डे का निधन।
  • 1966: डोमनिकन रिपब्लिक ने संविधान अपनाया।
  • 1997: प्रधानमंत्री इंद्रकुमार गुजराल ने अपने पद से इस्तीफा दिया।
  • 2012: सीरिया की राजधानी दमिश्क में दो कार बम धमाकों में 54 की मौत हुई और 120 घायल हुए।


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