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घसीटकर घर लाए, हाथ-पैर तोड़े फिर गांव में सड़क पर 12 साल के बच्चे समेत तीन को मां के सामने ट्रैक्टर से कुचल दिया

सिवनी मालवा क्षेत्र के आयपा गांव में जमीनी विवाद के चलते चचेरे भाइयों ने 12 साल के बच्चे समेत तीन लोगों की हत्या कर दी। आरोपियों ने जिस तरह से वारदात को अंजाम दिया है, वह रूह कंपा देने वाला है। आरोपियों ने युवकों की मां की आंखों के सामने ही उन्हें ट्रैक्टर से कुचल डाला। वारदात के बाद चार आरोपियों ने ट्रैक्टर समेत थाने में सरेंडर कर दिया। शाम तक पुलिस ने अन्य तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। तीन आरोपी फरार हैं।

गांव में कुंवर सिंह और राजेंद्र सिंह पिता बालाराम रहते थे। करीब डेढ़ साल पहले दोनों ने आरोपी अनवर यदुवंशी के घर के पास डेढ़ एकड़ जमीन खरीदी थी, तभी से दोनों के बीच विवाद शुरू हो गए। अनवर और कुंवर सिंह आपस में चचेरे भाई थे। रास्ते पर आने-जाने और पानी निकासी से आए दिन दोनों पक्षों में झगड़ा होता रहता था। कुछ दिन पहले पुलिस ने आरोपियों का अवैध रेत से भरा ट्रैक्टर पकड़ लिया था। आरोपियों को शक था कुंवर और राजेंद्र ने ही पुलिस को शिकायत की है।

घर से ले गए घसीटते हुए
शनिवार को आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से वारदात को अंजाम दिया। दोपहर करीब 12 बजे नौ लोग मिलकर ट्रैक्टर से कुंवर सिंह के घर पहुंचे। आरोपियों ने दोनों को ट्रैक्टर के पीछे बांधा और घसीटते हुए करीब एक किलोमीटर दूर अपने घर लेकर आए। इसके बाद यहां दोनों को फाटक के पीछे बांधकर लाठियों और लोहे के सरियों से पीटा। दोनों के हाथ पैर तोड़ दिए। बाद में ट्रैक्टर से बांधकर घसीटते हुए गांव में बीच रोड पर लेकर आए। यहां कुंवर सिंह का 12 वर्षीय बेटा आयुष भी आ गया। आरोपियों ने उसकी भी पिटाई की। इसके बाद तीनों को ट्रैक्टर से कुचल दिया।

बूढ़ी आंखों के सामने बेटों की हत्या
पुलिस के मुताबिक, जब राजेंद्र और कुंवर सिंह की मां को घटना के बारे में पता चला, तो वह भी पहुंच गई। बूढ़ी मां की आंखाें के सामने आरोपियाें ने उसके नाती और बेटों की ट्रैक्टर से कुचलकर हत्या कर दी। मां उनके सामने गिड़गिड़ाती रही, लेकिन आरोपियों ने एक ना सुनी।

वारदात के बाद सरेंडर
इस खूनी खेल के बाद तीन आरोपियों ने ट्रैक्टर समेत थाने में जाकर पुलिस को पूरी वारदात बता दी। इस पर एसपी संतोष गौर, एसडीओपी सौम्या अग्रवाल समेत पुलिस बल मौके पर पहुंचा। तीनों शवों को पुलिस ने कब्जे में लेकर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। देर रात तीन अन्य आरोपियों को भी पुलिस ने पकड़ लिया।

किसी को नहीं लगी खबर
खास बात है कि आयपा गांव नर्मदा किनारे बसा है। यहां नदी में हर साल बाढ़ आने से लोगों ने अपने-अपने खेतों में ही घर बना लिए हैं। यही कारण है कि लोगों के घर दूर-दूर हैं। आरोपी करीब दो घंटे तक खूनी खेल खेलते रहे, लेकिन किसी को भी खबर तक नहीं लगी।



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बीच सड़क पर तीनों के शव पड़े थे। परिजन विलाप कर रहे थे। गांव में रहने वाले लोगों को इस घटनाक्रम का अंदाजा भी नहीं था।


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