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कुंडली, न्यूमरोलॉजी और टैरो कार्ड्स से जानिए आपके लिए कैसा रहेगा नया साल

ज्योतिष के नजरिए से साल 2021 आपके लिए क्या लेकर आ रहा है, ये आप कुंडली, टैरो और अंक ज्योतिष से जान सकते हैं। जन्म कुंडली यानी चंद्र राशि के आधार पर राशिफल बता रहे हैं डॉ. अजय भांबी, टैरो कार्ड राशिफल प्रणिता देशमुख और अंक फल डॉ. कुमार गणेश।

कुंडली राशिफल

2021 में 9 में से सिर्फ 7 ग्रह ही राशि बदलेंगे। इस वजह से 6 राशियों के लिए ये साल अच्छा रहेगा। मेष, वृष, कर्क, कन्या, वृश्चिक और मीन राशि वाले लोगों को उपलब्धियां और सफलता मिलने के योग हैं। जानिए, नए साल का पूरा कुंडली राशिफल...

टैरो राशिफल

टैरो कार्ड्स के अनुसार नए साल 2021 में मेष, मिथुन, वृश्चिक, धनु, मीन राशि के लोगों को सतर्क रहकर काम करना होगा। जानिए, 2021 का पूरा टैरो राशिफल...

अंक फल

जन्म तारीख से भविष्य बताने की विद्या को अंक ज्योतिष कहा जाता है। जानिए, आपके जन्मांक के मुताबिक कैसा रहेगा आपके लिए साल 2021...

नए साल का कैलेंडर

2021 में कौन सा त्योहार कब रहेगा, पढ़िए, 2021 का पूरा कैलेंडर इस लिंक पर...

नए साल में शुभ मुहूर्त

नए साल में गृह प्रवेश, नामकरण संस्कार, सगाई सहित बड़ी खरीदारियों के लिए हर महीने कई शुभ मुहूर्त रहेंगे। जानिए पूरे साल के शुभ मुहूर्त...



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आप शेयर ट्रेडिंग करते हैं तो यह जानना आपके लिए जरूरी है; एक सितंबर से बदल रहा है मार्जिन का नियम

शेयर बाजार में एक सितंबर से आम निवेशकों के लिए नियम बदलने वाले हैं। अब वे ब्रोकर की ओर से मिलने वाली मार्जिन का लाभ नहीं उठा सकेंगे। जितना पैसा वे अपफ्रंट मार्जिन के तौर पर ब्रोकर को देंगे, उतने के ही शेयर खरीद सकेंगे। इसे लेकर कई शेयर ब्रोकर आशंकित है कि वॉल्युम नीचे आ जाएगा। आइए समझते हैं क्या है यह नया नियम और आपकी ट्रेडिंग को किस तरह प्रभावित करेगा? सबसे पहले, यह मार्जिन क्या है? शेयर मार्केट की भाषा में अपफ्रंट मार्जिन सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले शब्दों में से एक है। यह वह न्यूनतम राशि या सिक्योरिटी होती है जो ट्रेडिंग शुरू करने से पहले निवेशक स्टॉक ब्रोकर को देता है। वास्तव में यह राशि या सिक्योरिटी, बाजारों की ओर से ब्रोकरेज से अपफ्रंट वसूली जाने वाली राशि का हिस्सा होती है। यह इक्विटी और कमोडिटी डेरिवेटिव्स में ट्रेडिंग से पहले वसूली जाती है। इसके अलावा स्टॉक्स में किए गए कुल निवेश के आधार पर ब्रोकरेज हाउस भी निवेशक को मार्जिन देते थे। यह मार्जिन ब्रोकरेज हाउस निर्धारित प्रक्रिया के तहत तय होती थी। इसे ऐसे समझिए कि निवेशक ने एक लाख रुपए के स्टॉक्स खरीदे हैं। इस...

जामिया मिल्लिया इस्लामिया के 100 साल, जिसके लिए महात्मा गांधी भीख मांगने को तैयार थे

दिल्ली में जामिया मिल्लिया इस्लामिया (राष्ट्रीय इस्लामी विश्वविद्यालय) एक सेंट्रल यूनिवर्सिटी है, जो आज 100 साल पूरे कर रही है। 29 अक्टूबर 1920 को अलीगढ़ में छोटी संस्था के तौर पर शुरू होकर एक सेंट्रल यूनिवर्सिटी बनने तक की इसकी कहानी कई संघर्षों से भरी है। गांधीजी के कहने पर ब्रिटिश शासन के समर्थन से चल रही शैक्षणिक संस्थाओं का बहिष्कार शुरू हुआ था। राष्ट्रवादी शिक्षकों और छात्रों के एक समूह ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय छोड़ा और जामिया मिल्लिया इस्लामिया की नींव पड़ी। स्वतंत्रता सेनानी मौलाना महमूद हसन ने 29 अक्टूबर 1920 को अलीगढ़ में जामिया मिल्लिया इस्लामिया की नींव रखी। यह संस्था शुरू से ही कांग्रेस और गांधीजी के विचारों से प्रेरित थी। 1925 में आर्थिक सेहत बिगड़ी तो गांधीजी की सहायता से संस्था को करोल बाग, दिल्ली लाया गया। तब महात्मा गांधी ने यह भी कहा था- जामिया को चलना होगा। पैसे की चिंता है तो मैं इसके लिए कटोरा लेकर भीख मांगने के लिए भी तैयार हूं। बापू की इस बात ने मनोबल बढ़ाया और संस्था आगे बढ़ती रही। भारत के तीसरे राष्ट्रपति डॉ. जाकिर हुसैन महज 23 साल की उम्र में जामिया...