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पुराने दोस्त हैं मोदी और अन्ना हजारे? पड़ताल में 36 साल से भी ज्यादा पुरानी निकली वायरल फोटो

क्या हो रहा है वायरल : सोशल मीडिया पर एक फोटो वायरल हो रही है। फोटो में दो शख्स खड़े दिख रहे हैं। पहले शख्स को पीएम मोदी और दूसरे शख्स को अन्ना हजारे बताया जा रहा है।

फोटो शेयर करते हुए कुछ यूजर दावा कर रहे हैं कि अन्ना हजारे और प्रधानमंत्री मोदी पुराने दोस्त हैं। दावा है कि अन्ना पुरानी दोस्ती के चलते ही मोदी सरकार से जुड़े मुद्दों पर चुप रहते हैं।

और सच क्या है?

  • फोटो को गूगल पर रिवर्स सर्च करने से इकोनॉमिक टाइम्स वेबसाइट पर 22 सितंबर, 2017 की एक रिपोर्ट में हमें यही फोटो मिली।
  • रिपोर्ट से पता चलता है कि वायरल फोटो में मोदी के साथ दिख रहे शख्स संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी लक्ष्मण राव इनामदार हैं। लक्ष्मण राव ने पीएम मोदी के जीवन में उनके गुरु की भूमिका निभाई।
  • आज तक वेबसाइट की रिपोर्ट के अनुसार, मोदी के गुरु लक्ष्मण राव इनामदार का 1984 में निधन हो गया था। चूंकि लक्ष्मण राव का निधन 36 साल पहले ही हो चुका है इसलिए साफ है कि फोटो भी 36 साल से ज्यादा पुरानी है।
  • सोशल मीडिया पर फोटो को लेकर किया जा रहा दावा फेक है। फोटो में नरेंद्र मोदी के साथ खड़े दिख रहे शख्स अन्ना हजारे नहीं हैं।


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Anna Hazare and Prime Minister Narendra Modi Rare Photo । Viral Photo of Modi and Anna Hazare


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जामिया मिल्लिया इस्लामिया के 100 साल, जिसके लिए महात्मा गांधी भीख मांगने को तैयार थे

दिल्ली में जामिया मिल्लिया इस्लामिया (राष्ट्रीय इस्लामी विश्वविद्यालय) एक सेंट्रल यूनिवर्सिटी है, जो आज 100 साल पूरे कर रही है। 29 अक्टूबर 1920 को अलीगढ़ में छोटी संस्था के तौर पर शुरू होकर एक सेंट्रल यूनिवर्सिटी बनने तक की इसकी कहानी कई संघर्षों से भरी है। गांधीजी के कहने पर ब्रिटिश शासन के समर्थन से चल रही शैक्षणिक संस्थाओं का बहिष्कार शुरू हुआ था। राष्ट्रवादी शिक्षकों और छात्रों के एक समूह ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय छोड़ा और जामिया मिल्लिया इस्लामिया की नींव पड़ी। स्वतंत्रता सेनानी मौलाना महमूद हसन ने 29 अक्टूबर 1920 को अलीगढ़ में जामिया मिल्लिया इस्लामिया की नींव रखी। यह संस्था शुरू से ही कांग्रेस और गांधीजी के विचारों से प्रेरित थी। 1925 में आर्थिक सेहत बिगड़ी तो गांधीजी की सहायता से संस्था को करोल बाग, दिल्ली लाया गया। तब महात्मा गांधी ने यह भी कहा था- जामिया को चलना होगा। पैसे की चिंता है तो मैं इसके लिए कटोरा लेकर भीख मांगने के लिए भी तैयार हूं। बापू की इस बात ने मनोबल बढ़ाया और संस्था आगे बढ़ती रही। भारत के तीसरे राष्ट्रपति डॉ. जाकिर हुसैन महज 23 साल की उम्र में जामिया...