Skip to main content

नए हेल्थ कार्ड और आर्टिफिशयल किडनी से जिंदगी आसान होगी, 5जी नेटवर्क और फास्टैग हमारी रफ्तार बढ़ाएंगे

एक अप्रैल से वेतन के नए नियम, इन-हैंड सैलरी कम, पर बचत बढ़ेगी
एक अप्रैल से नए वेजेज रूल लागू होंगे। नियोक्ता कर्मचारी के कुल वेतन में भत्ते का हिस्सा 50% से ज्यादा नहीं कर पाएंगे। यानी कुल वेतन में बेसिक पे और एचआरए का हिस्सा 50% होगा। इस परिवर्तन से जहां कर्मचारियों के पीएफ में ज्यादा रकम जाएगी, वहीं यह कटौती बढ़ने से मासिक इन-हैंड सैलरी कम हो जाएगी।

परीक्षा में मार्किंग पैटर्न चेंज होगा, 4 बार होगी जेईई मेन
CBSE में 10वीं और 12वीं में अब 10% अंक केस स्टडीज से जुड़े होंगे। मार्किंग पैटर्न बदलेगा। प्रश्नों की संख्या भी कम होगी। साल में 4 बार जेईई मेन होगी। 2019 तक स्कूल और क्लासरूम पारंपरिक थे। 2020 में बच्चे ऑनलाइन लर्निंग से रू-ब-रू हुए। 2021 में दुनिया इन दोनों माध्यमों का मिला हुआ रूप यानी ब्लेंडेड लर्निंग देखेगी।

सबका डिजिटल हेल्थ कार्ड, मौसम विभाग देगा मलेरिया का पूर्वानुमान
हेल्थ कार्ड 2021 से पूरे देश में लागू किया जाएगा। यह कार्ड सभी अस्पताल और क्लीनिक से मिलेंगे। इस कार्ड में सभी रोगियों का डाटा सुरक्षित रहेगा। एक क्लिक पर इस रिपोर्ट को कभी भी और कहीं भी देखा जा सकेगा। इधर, मौसम विभाग मलेरिया, डेंगू जैसी वेक्टरबोर्न बीमारियों का पूर्वानुमान करेगा। इससे रोकथाम में आसानी होगी।​​​​​​​

कृत्रिम किडनी आएगी, स्मार्टफोन कनेक्टेड पेस मेकर की भी तैयारी
अमेरिकी वैज्ञानिक आर्टिफिशियल (कृत्रिम) किडनी बनाने में सफलता हासिल कर चुके हैं। इसे किडनी के नीचे के हिस्से में लगाया जाएगा। एक सिरे में लगे पाइप को खून की धमनियों और दूसरे छोर को मूत्राशय से जोड़ा जाएगा। साल 2021 में स्मार्ट फोन कनेक्टेड पेसमेकर लाने की तैयारी है। इसमें मोबाइल फोन से पेसमेकर की मॉनिटरिंग की जा सकेगी।​​​​​​​

हैपेटाइटिस-सी के नए इलाज को मंजूरी, एआर-वीआर से इलाज होगा
अमेरिका ने यूनिवर्सल हेपेटाइटिस सी के नए इलाज को मंजूदी दे दी है। नया इलाज पहले से चल रहे इलाज से 90% ज्यादा असरकारक है। साथ ही, घर बैठे इलाज के लिए वर्चुअल रियलिटी जैसे टूल्स 2021 में आ जाएंगे। जैसे आंखों के डॉक्टर वीआर के जरिए एचडी कैमरे से मरीज की आंख की स्पष्ट तस्वीर देख सकेंगे।​​​​​​​

आ सकता है 5-G, लैंडलाइन से मोबाइल मिलाने पर 0 जरूरी

लैंडलाइन से किसी भी मोबाइल पर फोन लगाते हैं तो उसके लिए आपको नंबर से पहले 0 का इस्तेमाल करना होगा। 2021 में भारत में 5-G नेटवर्क की शुरुआत भी संभव है। वहीं, एंड्रॅाइड 4.0.3 ऑपरेटिंग सिस्टम से पुराने वर्जन पर वॉटस्ऐप नहीं चलेगा। यूपीआई से पेमेंट महंगा हो जाएगा। एनपीसीआई थर्ड पार्टी एप्स पर एक्सट्रा चार्ज लगाएगा।​​​​​​​

चौपहिया पर फास्टैग अनिवार्य, चिप वाले पासपोर्ट भी जारी होंगे
सभी 4 पहिया वाहनों पर फास्टैग अनिवार्य होगा। बिना फास्टैग के टोल पर दोगुना चार्ज देना होगा। इलेक्ट्रॉनिक चिप वाले पासपोर्ट जारी होंगे। इसमें स्कैन करने से पासपोर्ट धारक की पूरी जानकारी स्क्रीन पर होगी। धोखाधड़ी रुकने के साथ ही चेक-इन में समय बचेगा। ई-पासपोर्ट की यह सुविधा अभी प्रायोगिक स्तर पर कुछ सेक्टर्स में दी गई है।​​​​​​​

चेक पेमेंट पर पॉजिटिव पे लागू, कॉन्टैक्टलेस पेमेंट लिमिट बढ़ेगी
​​​​​​​
पॉजिटिव पे सिस्टम शुरू 2021 में शुरू होगा। 50 हजार से ज्यादा के चेक जारी करने पर बैंक को एसएमएस के जरिए सूचना देनी होगी। आरबीआई ने 1 जनवरी से कॉन्टैक्टलेस कार्ड पेमेंट्स की लिमिट्स 2,000 से बढ़ाकर ​​5,000 रुपए कर दी है। म्यूचल फंड कंपनियां रिस्कोमीटर जारी करेंगी। मल्टीकैप फंड में 75% राशि इक्विटी में लगेगी।​​​​​​​​​​​​​​



आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें
New health card and artificial kidney will make life easier, 5G network and fastag will increase our speed


https://ift.tt/3huwHDa

Comments

Popular Posts

आठ महीनों में एक हजार से ज्यादा घंटे कोरोना मरीजों के बीच बिताए, फिर भी संक्रमण से सुरक्षित

शहर में कोरोना मरीजों का आंकड़ा 40,522 हो गया है। गुरुवार को 556 नए केस मिले। तीन मरीजों की मौत भी हुई। हालांकि 35 हजार से ज्यादा ठीक भी हो चुके हैं। 12 नवंबर के बाद से जिस तेजी से मरीज मिल रहे हैं, उसने चिंताएं बढ़ा दी हैं। ऐसे में छह हजार से ज्यादा स्वास्थ्यकर्मी मिसाल हैं, जो इन आठ महीनों में एक हजार से ज्यादा घंटे मरीजों के बीच बिता चुके हैं। बमुश्किल 300 संक्रमित हुए। मास्क की सावधानी बरतते हुए ये कोराना से बचे हुए हैं। मरीजों को गले भी लगाती हैं, लेकिन पलभर के लिए मास्क नहीं हटातीं पीपीई किट पहनकर सुबह-शाम मरीजों के पास जाती हूं, उनकी काउंसलिंग भी करती हूं। जरूरत पड़ने पर गले भी लगाती हूं। अस्पताल के मरीज कल्पना दीदी के नाम से जानने लगे। 8 महीने में एक दिन ऐसा नहीं गया, जब कोविड वार्ड न गई हूं, पर हमेशा मास्क और ग्लव्स पहने रही। मास्क तो पलभर के लिए भी नहीं हटाती। इन सुरक्षा साधनों का इस्तेमाल कर कोरोना से बचे रहे। -कल्पना पिल्लई, इंचार्ज सिस्टर अरबिंदो अस्पताल सुबह 8 से रात 10 तक पानी नहीं पीते, ताकि मास्क न हटाना पड़े सात महीने से रोज राउंड ले रहा हूं। सबसे ज्यादा ध्यान मास्...

जिन दुकानों पर अंतिम संस्कार से जुड़ी पूजा सामग्री मिलती थीं, वहां अब पीपीई किट और दस्ताने बिक रहे

निगमबोध घाट पहुंची 32 साल की कुसुम के पिता की मौत आज सुबह ही कोरोना से हुई है। वे दिल्ली के ही एक निजी अस्पताल में बीते पांच दिनों से भर्ती थे। मौत के बाद अस्पताल प्रशासन ने उनके पिता के शव को सील करके अपनी ही गाड़ी से निगमबोध घाट पहुंचाया है। अस्पताल के ही दो कर्मचारी पीपीई किट पहने इस शव को घाट तक लेकर आए हैं। कुसुम ने आखिरी वक्त में अपने पिता का चेहरा भी नहीं देखा था, लिहाजा वे निगमबोध घाट के सेवादारों से हाथ जोड़कर और बिलखते हुए प्रार्थना कर रही हैं कि उन्हें एक आखिरी बार अपने पिता का चेहरा देखने की अनुमति दी जाए। निगमबोध घाट के एक सेवादार कुसुम को समझाते हैं कि कोरोना संक्रमित शवों का चेहरा खोलने की अनुमति नहीं है और ऐसा करने से संक्रमण फैलने का खतरा हो सकता है। लेकिन, अपने पिता के अंतिम दर्शन की कुसुम की जिद को देखते हुए ये सेवादार इसकी अनुमति दे देते हैं। कुसुम के पिता के शव को वापस उसी गाड़ी में कुछ देर के लिए रखा रखा जाता है, जिसमें अस्पताल से उन्हें यहां लाया गया था। पीपीई किट पहने दो लोग शव का चेहरा कुछ सेकंड के लिए खोलते हैं और जल्द ही शव को दोबारा सील करके चिता पर रख द...

लॉकडाउन में महिलाओं के खातों में 32% इजाफा, इनमें 70% पहली बार शेयर में इन्वेस्ट कर रहीं

कोरोना संकट के दौरान शेयर बाजार में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है। महिलाएं गोल्ड बाॅन्ड से लेकर म्यूचुअल फंड तक में निवेश कर रही हैं। दिलचस्प बात यह है कि शेयर बाजार में निवेश करने वाली महिलाओं में अधिकतर पहली बार निवेश कर रही हैं। इनमें बड़ी संख्या में वर्किंग वुमन्स और हाउस वाइफ हैं। ये महिलाएं ना सिर्फ शेयर मार्केट में पैसे लगा रही हैं, बल्कि दूसरों को प्रेरित भी कर रही हैं। आइए पढ़ते हैं ऐसी ही कुछ महिलाओं की कहानी, जो मार्केट में निवेश कर अच्छा रिटर्न कमा रही हैं... अंकिता तोलानी - वर्किंग अंकिता तोलानी 28 साल की हैं। दिल्ली की एक प्राइवेट कंपनी में जाॅब करती हैं। अंकिता 2016 से शेयर मार्केट में पैसे लगा रही हैं। वो SIP (सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) और गोल्ड बाॅन्ड में निवेश करती हैं। अंकिता कहती हैं,'पहली बार मैंने SIP में 1 लाख रुपए से निवेश शुरू किया था। अब हर साल डेढ़ से दो लाख रुपए निवेश करती हूं।' अंकिता पिछले तीन साल में करीब 10 लाख से ज्यादा निवेश कर चुकी हैं। वहीं, गोल्ड बाॅन्ड में अंकिता अब तक 7 लाख रुपए तक निवेश कर चुकी हैं। वह बताती हैं कि उन्हें गोल्ड बाॅन...