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पति-पत्नी एकांत में भी एक-दूसरे का सम्मान करेंगे तो वैवाहिक जीवन में हमेशा सुख बना रहेगा

विचार- आमतौर पर पति-पत्नी सभी के सामने के तो बहुत प्रेम से रहते हैं, लेकिन अकेले में झगड़ने लगते हैं। जबकि, एकांत में भी दोनों को एक-दूसरे का आदर करना चाहिए।

कहानी- पति-पत्नी के बीच कैसा व्यवहार होना चाहिए, ये बात शिव-पार्वती से सीख सकते हैं। विवाह के बाद देवी पार्वती पहली बार कैलाश पर्वत पहुंची थीं। शिवजी अपने विशेष स्थान पर बैठे हुए थे, उसी समय श्रृंगार करके देवी पार्वती उनके सामने पहुंचीं।

इस संबंध में रामचरित मानस के बालकांड में लिखा है, 'शिवजी ने देवी को देखा तो उनका बहुत आदर-सत्कार किया और अपने पास ही बैठने की जगह भी दी। इसके बाद दोनों ने बहुत सम्मान के साथ एक-दूसरे से बात की। देवी पार्वती के कहने पर शिवजी ने श्रीराम कथा सुनाई।'

सीख- शिवजी और माता पार्वती के इस छोटे से प्रसंग से हमें ये शिक्षा मिलती है कि पति-पत्नी को एकांत में एक-दूसरे का सम्मान करना चाहिए। आमतौर पर लोग अपने जीवन साथी का सम्मान को करते हैं, लेकिन कभी-कभी कठोर शब्द बोल देते हैं, जिसकी वजह से विवाद हो जाता है।



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