Skip to main content

पति-पत्नी एकांत में भी एक-दूसरे का सम्मान करेंगे तो वैवाहिक जीवन में हमेशा सुख बना रहेगा

विचार- आमतौर पर पति-पत्नी सभी के सामने के तो बहुत प्रेम से रहते हैं, लेकिन अकेले में झगड़ने लगते हैं। जबकि, एकांत में भी दोनों को एक-दूसरे का आदर करना चाहिए।

कहानी- पति-पत्नी के बीच कैसा व्यवहार होना चाहिए, ये बात शिव-पार्वती से सीख सकते हैं। विवाह के बाद देवी पार्वती पहली बार कैलाश पर्वत पहुंची थीं। शिवजी अपने विशेष स्थान पर बैठे हुए थे, उसी समय श्रृंगार करके देवी पार्वती उनके सामने पहुंचीं।

इस संबंध में रामचरित मानस के बालकांड में लिखा है, 'शिवजी ने देवी को देखा तो उनका बहुत आदर-सत्कार किया और अपने पास ही बैठने की जगह भी दी। इसके बाद दोनों ने बहुत सम्मान के साथ एक-दूसरे से बात की। देवी पार्वती के कहने पर शिवजी ने श्रीराम कथा सुनाई।'

सीख- शिवजी और माता पार्वती के इस छोटे से प्रसंग से हमें ये शिक्षा मिलती है कि पति-पत्नी को एकांत में एक-दूसरे का सम्मान करना चाहिए। आमतौर पर लोग अपने जीवन साथी का सम्मान को करते हैं, लेकिन कभी-कभी कठोर शब्द बोल देते हैं, जिसकी वजह से विवाद हो जाता है।



आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें
aaj ka jeevan mantra by pandit vijayshankar mehta, family management tips from ramcharit manas, happy married couple, happy married life


https://ift.tt/3hqDaPi

Comments

Popular Posts

अब अपने दम पर और अपनी सोच से जॉब लेने का समय, लॉकडाउन में जो अंतरात्मा की आवाज सुनी थी उसे दबाइएगा मत

सूरज का एक सपना था कि मैं इंजीनियर बनूंगा। क्लास 8 से वो सपने को साकार करने में लगा था। पिताजी प्राइवेट कंपनी में साधारण पोस्ट पर थे मगर बच्चे की एजुकेशन में कोई कसर न छोड़ी। बढ़िया आईआईटी कोचिंग करवाई। आईआईटी में तो सिलेक्शन हुआ नहीं मगर एक ठीक-ठाक सरकारी कॉलेज में सीट मिल गई। फिर क्या था? आपको एडमिशन मिल गया तो समझो ‘लाइफ बन गई।’ यूं तो हम लेते हैं दाखिला कुछ पढ़ने के लिए पर हकीकत में उतना पढ़ते हैं कि पास हो जाएं। कॉलेज में कई नामी प्रोफेसर थे, इक्विपमेंट थे, मगर सूरज ने इनपर ध्यान नहीं दिया। उसे चाहिए थे अच्छे मार्क्स और नौकरी। मेकैनिकल इंजीनियर हो तो क्या हुआ, आप भी आईटी कंपनी के एंट्रेस एग्जाम में बैठ सकते हो। फैक्टरी से बेहतर एक चिल्ड एसी ऑफिस मिलेगा। सूरज ने भी यही रास्ता अपनाया। प्लेसमेंट भी हो गया। घर पर सब खुश। और फिर उथल-पुथल हो गई। मार्च में कोरोना फैला तो स्टूडेंट्स घर भागे। एग्जाम ऑनलाइन दिए या कैंसल हो गए। उससे भी बड़ी विपत्ति कि जॉब ऑफर कैंसल होने लगे। किसी कंपनी ने कहा जून में नहीं सितंबर में जॉइन करो। सूरज की कंपनी ने तो ऑफर ही वापस ले लिया। अब बैठे हैं जनाब बीटेक की ड...