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आंदोलनकारी किसानों की जरूरतों को पूरा करने के लिए सिंघु बॉर्डर पर खुला किसान मॉल, यहां सारा सामान मुफ्त

किसान आंदोलन में शामिल लोगों की रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने के लिए टिकरी और सिंघु बॉर्डर पर किसान मॉल खोले गए हैं। अंतरराष्ट्रीय एनजीओ खालसा एड इन मॉल को ऑपरेट कर रहा है। यहां से किसानों को मुफ्त में टूथ ब्रश, टूथपेस्ट, साबुन, कंघी, चप्पल, तेल, शैंपू, अंडर गारमेंट्स, हीटिंग पैड, गारबेज बॉक्स जैसे सामान मिल रहे हैं। बड़े जत्थों के लिए गीजर और वॉशिंग मशीन जैसे सामान भी मुफ्त में उपलब्ध हैं। खालसा एड के लोग बताते हैं कि इस मॉल के संचालन के लिए उन्हें पूरे देश से आर्थिक मदद मिल रही है।

मॉल में सामान लेने के लिए लोगों की भीड़ न लग जाए इसलिए टोकन सिस्टम लागू किया गया है। मॉल संचालकों की ओर से धरनास्थल पर घूम-घूम कर किसानों को टोकन दे दिए जाते हैं। वे इस टोकन को मॉल में लाकर मुफ्त में सामान हासिल कर सकते हैं। वॉलेंटियर कुलवीर सिंह ने कहा, ‘टिकरी बॉर्डर पर जब मॉल शुरू हुआ तो काफी अफरातफरी मच गई थी। लोगों की लंबी कतार लग गई। इसलिए हमने यहां टोकन सिस्टम चालू किया है।

आमतौर पर हर रात 600 से 700 टोकन बांटे जाते हैं। अगले दिन किसान को मॉल के एंट्री प्वाइंट पर टोकन दिखाना होता है। इसके बाद उन्हें एक स्लिप मिलती है। इसमें वे अपना नाम, मोबाइल नंबर, आधार नंबर दर्ज कराते हैं और फिर सामानों पर टिक लगाते हैं जिनकी उन्हें जरूरत है। यह प्रक्रिया पूरी होने पर उन्हें प्रवेश मिलता है।’

तंबू में रहने वाले किसानों को मॉल के सामान के लिए मिलते हैं टोकन

इस मॉल से सामान पाने वाले किसान बताते हैं कि उन्हें लाइन में खड़े होने में भी कोई दिक्कत नहीं है। यह आखिरकार किसानों की भलाई और उनकी जरूरतों को पूरा करने के लिए खोला गया है। हालांकि, कुछ किसान यह भी बताते हैं कि उन्हें टोकन नहीं मिल रहे। उनका कहना है कि जो किसान धरना स्थल पर पीछे की ओर मौजूद हैं, उन तक अभी टोकन नहीं पहुंच रहा है।



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मॉल में सामान लेने के लिए लोगों की भीड़ न लग जाए इसलिए टोकन सिस्टम लागू किया गया है।


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