Skip to main content

नड्‌डा पर हमले के समय तैनात IPS अफसर को ममता ने प्रमोशन दिया, केंद्र सरकार ने प्रतिनियुक्ति पर बुलाया था

पश्चिम बंगाल में BJP और सत्ताधारी TMC के बीच दाव-पेंच जारी हैं। यहां 10 दिसंबर को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के काफिले पर हमला हुआ था। इस दौरान सुरक्षा का जिम्मा जिन IPS अधिकारियों पर था, उन्हें केंद्र ने प्रतिनियुक्ति पर दिल्ली बुलाने का आदेश जारी कर दिया। लेकिन ममता ने न सिर्फ इस आदेश को अनसुना किया बल्कि मंगलवार उन अधिकारियों में एक- राजीव मिश्रा को प्रमोशन भी दे दिया।
मिश्रा दक्षिण बंगाल पुलिस जोन में महानिरीक्षक थे। उन्हें यहीं अपर पुलिस महानिदेशक (ADG) बना दिया गया है। डायमंड हार्बर जिला पुलिस अधीक्षक भोलानाथ पांडेय को SP होमगार्ड के पद पर ट्रांसफर किया गया। वहीं एक अन्य IPS डीआईजी प्रवीण कुमार त्रिपाठी अब भी वहीं तैनात हैं। राजीव मिश्रा के साथ-साथ पांडेय और त्रिपाठी भी नड्‌डा की सुरक्षा व्यवस्था में तैनात थे।

केंद्र ने प्रतिनियुक्ति पर बुलाया था

नड्‌डा के काफिले पर पथराव के बाद इन तीनों अधिकारियों को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 16 दिसंबर को केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर बुलाया था। इनमें से मिश्रा को ITBP, पांडे काे ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट (BPR & D) और त्रिपाठी को SSB में भेजा गया था। लेकिन ममता सरकार ने इनमें से किसी को रिलीव नहीं किया था।
भाजपा ने उकसावे वाला कदम बताया

मिश्रा को पदाेन्नत किए जाने के फैसले को भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन ने ‘उकसावे वाला कदम’ बताया है। उन्होंने पूछा कि जिस अधिकारी पर नड्डा के काफिले पर हमले को लेकर कार्रवाई होनी चाहिए थी, उन्हें प्रमोशन दिया गया है। यह एक तरह से संकेत है कि भाजपा नेताओं पर हमला करने वालों को इनाम मिलेगा।
कुछ विधायकाें काे खरीद सकते हैं, तृणमूल कांग्रेस काे नहीं : ममता
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि भाजपा कुछ विधायकाें काे खरीद सकती है, तृणमूल कांग्रेस काे नहीं। बाेलपुर में मंगलवार काे रैली में उन्हाेंने कहा कि जब तक जनता का समर्थन तृणमूल काे मिल रहा है, तब तक दलबदल से काेई फर्क नहीं पड़ने वाला।



आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें
बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तीनों अफसरों को रिलीव करने से इंकार कर दिया था।


https://ift.tt/2Jt7cFE

Comments

Popular Posts

आठ महीनों में एक हजार से ज्यादा घंटे कोरोना मरीजों के बीच बिताए, फिर भी संक्रमण से सुरक्षित

शहर में कोरोना मरीजों का आंकड़ा 40,522 हो गया है। गुरुवार को 556 नए केस मिले। तीन मरीजों की मौत भी हुई। हालांकि 35 हजार से ज्यादा ठीक भी हो चुके हैं। 12 नवंबर के बाद से जिस तेजी से मरीज मिल रहे हैं, उसने चिंताएं बढ़ा दी हैं। ऐसे में छह हजार से ज्यादा स्वास्थ्यकर्मी मिसाल हैं, जो इन आठ महीनों में एक हजार से ज्यादा घंटे मरीजों के बीच बिता चुके हैं। बमुश्किल 300 संक्रमित हुए। मास्क की सावधानी बरतते हुए ये कोराना से बचे हुए हैं। मरीजों को गले भी लगाती हैं, लेकिन पलभर के लिए मास्क नहीं हटातीं पीपीई किट पहनकर सुबह-शाम मरीजों के पास जाती हूं, उनकी काउंसलिंग भी करती हूं। जरूरत पड़ने पर गले भी लगाती हूं। अस्पताल के मरीज कल्पना दीदी के नाम से जानने लगे। 8 महीने में एक दिन ऐसा नहीं गया, जब कोविड वार्ड न गई हूं, पर हमेशा मास्क और ग्लव्स पहने रही। मास्क तो पलभर के लिए भी नहीं हटाती। इन सुरक्षा साधनों का इस्तेमाल कर कोरोना से बचे रहे। -कल्पना पिल्लई, इंचार्ज सिस्टर अरबिंदो अस्पताल सुबह 8 से रात 10 तक पानी नहीं पीते, ताकि मास्क न हटाना पड़े सात महीने से रोज राउंड ले रहा हूं। सबसे ज्यादा ध्यान मास्...

जिन दुकानों पर अंतिम संस्कार से जुड़ी पूजा सामग्री मिलती थीं, वहां अब पीपीई किट और दस्ताने बिक रहे

निगमबोध घाट पहुंची 32 साल की कुसुम के पिता की मौत आज सुबह ही कोरोना से हुई है। वे दिल्ली के ही एक निजी अस्पताल में बीते पांच दिनों से भर्ती थे। मौत के बाद अस्पताल प्रशासन ने उनके पिता के शव को सील करके अपनी ही गाड़ी से निगमबोध घाट पहुंचाया है। अस्पताल के ही दो कर्मचारी पीपीई किट पहने इस शव को घाट तक लेकर आए हैं। कुसुम ने आखिरी वक्त में अपने पिता का चेहरा भी नहीं देखा था, लिहाजा वे निगमबोध घाट के सेवादारों से हाथ जोड़कर और बिलखते हुए प्रार्थना कर रही हैं कि उन्हें एक आखिरी बार अपने पिता का चेहरा देखने की अनुमति दी जाए। निगमबोध घाट के एक सेवादार कुसुम को समझाते हैं कि कोरोना संक्रमित शवों का चेहरा खोलने की अनुमति नहीं है और ऐसा करने से संक्रमण फैलने का खतरा हो सकता है। लेकिन, अपने पिता के अंतिम दर्शन की कुसुम की जिद को देखते हुए ये सेवादार इसकी अनुमति दे देते हैं। कुसुम के पिता के शव को वापस उसी गाड़ी में कुछ देर के लिए रखा रखा जाता है, जिसमें अस्पताल से उन्हें यहां लाया गया था। पीपीई किट पहने दो लोग शव का चेहरा कुछ सेकंड के लिए खोलते हैं और जल्द ही शव को दोबारा सील करके चिता पर रख द...

लॉकडाउन में महिलाओं के खातों में 32% इजाफा, इनमें 70% पहली बार शेयर में इन्वेस्ट कर रहीं

कोरोना संकट के दौरान शेयर बाजार में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है। महिलाएं गोल्ड बाॅन्ड से लेकर म्यूचुअल फंड तक में निवेश कर रही हैं। दिलचस्प बात यह है कि शेयर बाजार में निवेश करने वाली महिलाओं में अधिकतर पहली बार निवेश कर रही हैं। इनमें बड़ी संख्या में वर्किंग वुमन्स और हाउस वाइफ हैं। ये महिलाएं ना सिर्फ शेयर मार्केट में पैसे लगा रही हैं, बल्कि दूसरों को प्रेरित भी कर रही हैं। आइए पढ़ते हैं ऐसी ही कुछ महिलाओं की कहानी, जो मार्केट में निवेश कर अच्छा रिटर्न कमा रही हैं... अंकिता तोलानी - वर्किंग अंकिता तोलानी 28 साल की हैं। दिल्ली की एक प्राइवेट कंपनी में जाॅब करती हैं। अंकिता 2016 से शेयर मार्केट में पैसे लगा रही हैं। वो SIP (सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) और गोल्ड बाॅन्ड में निवेश करती हैं। अंकिता कहती हैं,'पहली बार मैंने SIP में 1 लाख रुपए से निवेश शुरू किया था। अब हर साल डेढ़ से दो लाख रुपए निवेश करती हूं।' अंकिता पिछले तीन साल में करीब 10 लाख से ज्यादा निवेश कर चुकी हैं। वहीं, गोल्ड बाॅन्ड में अंकिता अब तक 7 लाख रुपए तक निवेश कर चुकी हैं। वह बताती हैं कि उन्हें गोल्ड बाॅन...