Skip to main content

राजस्थान के 5 शहरों में तापमान माइनस में; हिमाचल में भारी बर्फबारी से 330 सड़कें बंद; यहां 7 शहरों में शीत का प्रकोप

जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, राजस्थान, दिल्ली, उत्तर प्रदेश के कई इलाके घने काेहरे में हैं। इन राज्यों में अगले 5 दिन घना से बहुत घना कोहरा पड़ेगा। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले दाे दिनों यानी आज 30 और 31 दिसंबर को उत्तर-पश्चिमी भारत में न्यूनतम तापमान 3-5 डिग्री सेल्सियस गिर सकता है।

ठंड का आलम ये है कि राजस्थान के 3 शहरों में तापमान माइनस में चला गया है। इसके अलावा 12 शहर ऐसे हैं जहां 5 डिग्री सेल्सियस से कम तापमान है। हिमाचल प्रदेश में भारी बर्फबारी ने हालात खराब कर दिया है। सड़कों पर बर्फ की मोटी लेयर जम चुकी है। इसके चलते 330 सड़कें अभी भी बंद पड़ी हैं।

राजस्थान में ठंड का कहर
लगातार दाे दिन से चल रही सर्द हवाओं से राजस्थान में सर्दी के तेवर और तीखे हो गए हैं। मंगलवार को पारे ने सर्दी का ऐसा पंच लगाया कि 5 शहरों में तापमान माइनस में पहुंच गया। माउंट आबू में सीजन की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई और पारा माइनस 4.0 डिग्री पहुंच गया।

इसके अलावा फतेहपुर में माइनस 3.2, जाेबनेर में माइनस 1.8, सीकर में माइनस 0.5 और चूरू में माइनस 0.4 डिग्री पारा रहा। यह इस सीजन में पहली बार है जब 5 शहराें में तापमान माइनस में गया है।


इसके अलावा 12 शहरों का पारा भी 5 डिग्री से नीचे रहा। इन शहरों में भीलवाड़ा, वनस्थली, अलवर, पिलानी, राजसमंद, चिताैड़गढ़, डबाेक, जैसलमेर, जाेधपुर, बीकानेर और श्रीगंगानगर में तापमान पांच डिग्री से कम रहा।

जयपुर में भी सीजन की सबसे सर्द रात रही और पारा पहली बार 5.6 डिग्री दर्ज किया गया। इससे पहले दिन यहां पारा 5.7 डिग्री दर्ज किया गया था। छह शहरों को छोड़कर सभी जगह तापमान पांच डिग्री सेल्सियस से नीचे रिकाॅर्ड हुआ। मौसम विभाग के अनुसार इसमें अभी और गिरावट होने के आसार हैं।

हिमाचल में हालात बदतर हुए

बर्फबारी के बाद हिमाचल प्रदेश पूरी तरह से शीतलहर की चपेट में आ गया है। सात शहरों का न्यूनतम तापमान जमाव बिंदु और उससे नीचे चला गया है। नाहन काे छाेड़ शेष सभी शहराें का न्यूनतम तापमान एक और दाे डिग्री के पास पहुंच गया है। नाहन का न्यूनतम तापमान 6 डिग्री रिकॉर्ड किया गया है।

साेलन और भुंतर की रातें शिमला से भी ज्यादा सर्द चल रही हैं। यहां का पारा माइनस एक डिग्री सेल्सियस रिकाॅर्ड किया गया है जबकि शिमला का न्यूनतम तापमान एक डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया है। बिलासपुर और हमीरपुर में तीन-तीन, कांगड़ा का एक, मंडी का दाे और कुफरी का न्यूनतम तापमान माइनस शून्य डिग्री सेल्सियस रिकाॅर्ड किया गया है।

माैसम विभाग ने बुधवार और वीरवार को प्रदेश के मैदानी क्षेत्राें में शीतलहर चलेगी। माैसम विभाग ने अगले पांच दिनाें तक प्रदेश में सभी जगह माैसम के खराब रहने का पूर्वानुमान जारी किया है। हालांकि माैसम विभाग ने मैदानी क्षेत्राें में इस बीच शीतलहर चलने की चेतावनी भी जारी की है।

हरिपुरधार-कुपवी मार्ग पर बर्फबारी से दूसरे दिन भी नहीं चल पाए वाहन।

बंद सड़काें काे बहाल करने के लिए काम में जुटे

बर्फबारी के बाद प्रदेश में जनजीवन अभी भी प्रभावित है। यहां पर तीन एनएच सहित 330 सड़कें अभी भी यातायात की आवाजाही के लिए पूरी तरह से बंद है। शिमला में 60, लाहाैल स्पीति में 76, कल्लू में 35, चंबा में 69 और कांगड़ा उपमंडल में 10 सड़काें पर यातायात अभी भी ठप है। बर्फबारी के कारण बंद सड़काें काे बहाल करने के लिए लाेक निर्माण द्वारा युद्ध स्तर पर प्रयास किए जा रहे है। बंद सड़काें काे खाेलने के लिए अभी कुछ दिन का समय और लग सकता है।

बर्फबारी के बाद लक्कड़ बाजार स्थित आइस स्केटिंग रिंक में फिर से स्केटिंग शुरू हाे गई है।

सैलानियों की मौज

बर्फबारी के बाद लक्कड़ बाजार स्थित आइस स्केटिंग रिंक में फिर से स्केटिंग शुरू हाे गई है। ऐसे में दाे दिन तक स्केटिंग बंद रहने के बाद मंगलवार काे फिर से स्केटिंग करने के लिए स्केटर पहुंचे। सुबह और शाम के दोनों सेशन हुए। शहर में बर्फबारी के बाद माैसम साफ रहा, इसके बावजूद भी ठंड का प्रकोप जारी है। शिमला शहर का न्यूनतम तापमान 1.6 डिग्री और अधिकतम 8.1 डिग्री सेल्सियस रिकाॅर्ड किया गया है। सुबह औ शाम कड़ाके की ठंड पड़ रही है।



आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें
बाड़मेर में खेजड़ी के पेड़ पर जमी बर्फ। फोटो- भास्कर पाठक गणपतसिंह राजपुरोहित।


https://ift.tt/3hswAb1

Comments

Popular Posts

आप शेयर ट्रेडिंग करते हैं तो यह जानना आपके लिए जरूरी है; एक सितंबर से बदल रहा है मार्जिन का नियम

शेयर बाजार में एक सितंबर से आम निवेशकों के लिए नियम बदलने वाले हैं। अब वे ब्रोकर की ओर से मिलने वाली मार्जिन का लाभ नहीं उठा सकेंगे। जितना पैसा वे अपफ्रंट मार्जिन के तौर पर ब्रोकर को देंगे, उतने के ही शेयर खरीद सकेंगे। इसे लेकर कई शेयर ब्रोकर आशंकित है कि वॉल्युम नीचे आ जाएगा। आइए समझते हैं क्या है यह नया नियम और आपकी ट्रेडिंग को किस तरह प्रभावित करेगा? सबसे पहले, यह मार्जिन क्या है? शेयर मार्केट की भाषा में अपफ्रंट मार्जिन सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले शब्दों में से एक है। यह वह न्यूनतम राशि या सिक्योरिटी होती है जो ट्रेडिंग शुरू करने से पहले निवेशक स्टॉक ब्रोकर को देता है। वास्तव में यह राशि या सिक्योरिटी, बाजारों की ओर से ब्रोकरेज से अपफ्रंट वसूली जाने वाली राशि का हिस्सा होती है। यह इक्विटी और कमोडिटी डेरिवेटिव्स में ट्रेडिंग से पहले वसूली जाती है। इसके अलावा स्टॉक्स में किए गए कुल निवेश के आधार पर ब्रोकरेज हाउस भी निवेशक को मार्जिन देते थे। यह मार्जिन ब्रोकरेज हाउस निर्धारित प्रक्रिया के तहत तय होती थी। इसे ऐसे समझिए कि निवेशक ने एक लाख रुपए के स्टॉक्स खरीदे हैं। इस...

जामिया मिल्लिया इस्लामिया के 100 साल, जिसके लिए महात्मा गांधी भीख मांगने को तैयार थे

दिल्ली में जामिया मिल्लिया इस्लामिया (राष्ट्रीय इस्लामी विश्वविद्यालय) एक सेंट्रल यूनिवर्सिटी है, जो आज 100 साल पूरे कर रही है। 29 अक्टूबर 1920 को अलीगढ़ में छोटी संस्था के तौर पर शुरू होकर एक सेंट्रल यूनिवर्सिटी बनने तक की इसकी कहानी कई संघर्षों से भरी है। गांधीजी के कहने पर ब्रिटिश शासन के समर्थन से चल रही शैक्षणिक संस्थाओं का बहिष्कार शुरू हुआ था। राष्ट्रवादी शिक्षकों और छात्रों के एक समूह ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय छोड़ा और जामिया मिल्लिया इस्लामिया की नींव पड़ी। स्वतंत्रता सेनानी मौलाना महमूद हसन ने 29 अक्टूबर 1920 को अलीगढ़ में जामिया मिल्लिया इस्लामिया की नींव रखी। यह संस्था शुरू से ही कांग्रेस और गांधीजी के विचारों से प्रेरित थी। 1925 में आर्थिक सेहत बिगड़ी तो गांधीजी की सहायता से संस्था को करोल बाग, दिल्ली लाया गया। तब महात्मा गांधी ने यह भी कहा था- जामिया को चलना होगा। पैसे की चिंता है तो मैं इसके लिए कटोरा लेकर भीख मांगने के लिए भी तैयार हूं। बापू की इस बात ने मनोबल बढ़ाया और संस्था आगे बढ़ती रही। भारत के तीसरे राष्ट्रपति डॉ. जाकिर हुसैन महज 23 साल की उम्र में जामिया...