Skip to main content

किसानों ने हरियाणा में रिलायंस का पेट्रोल पंप बंद करवाया, पंजाब में 1500 मोबाइल टावरों को नुकसान

कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन का आज 34वां दिन है। सरकार और किसानों के बीच 21 दिन बाद बुधवार को 7वें दौर की बातचीत होगी। किसानों ने सरकार को 29 दिसंबर की तारीख दी थी, लेकिन सरकार की तरफ से 30 दिसंबर का न्योता मिला। जिसे किसानों ने मान लिया, लेकिन कहा कि सरकार एजेंडा बताए।

अंबानी के प्रोडक्ट्स का विरोध तेज
पानीपत में समालखा के पास जीटी रोड पर स्थित रिलायंस के पेट्रोल पंप को किसानों ने सोमवार को बंद करा दिया। पोस्टर और बैनर फाड़ दिए। पुलिस ने केस दर्ज किया है। 3 पुलिसकर्मियों को पंप पर तैनात किया गया है। पंप के मैनेजर ने बताया कि यह तीसरी घटना है, जब किसानों ने पेट्रोल पंप को बंद कराया है।

उधर, पंजाब में अब तक करीब 1500 टेलीकॉम टावरों को नुकसान पहुंचाया जा चुका है। इनमें ज्यादातर रिलायंस जियो के हैं। इससे मोबाइल सेवा पर असर पड़ा है। रिलायंस जियो ने टावरों की सुरक्षा के लिए पंजाब पुलिस से मदद मांगी है।

सरकार से बातचीत सफल नहीं रही तो 31 दिसंबर को ट्रैक्टर मार्च
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा, 'जो प्रस्ताव हमने रखे हैं, उस पर चर्चा करेंगे। कानून वापस नहीं लिए गए तो यहीं बैठे रहेंगे।' किसान 30 दिसंबर को ट्रैक्टर मार्च का ऐलान भी कर चुके हैं। लेकिन, सूत्रों का कहना है कि सरकार से बातचीत सफल नहीं रही तो 31 दिसंबर को मार्च निकाला जाएगा।



आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें
तीनों नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसान 26 नवंबर से दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे हैं। फोटो गाजीपुर बॉर्डर की है।


https://ift.tt/2L3bd3U

Comments

Popular Posts

आजाद भारत में जन्म लेने वाले देश के पहले प्रधानमंत्री मोदी का आज जन्मदिन; 72 साल पहले हैदराबाद का भारत में विलय हुआ था

चायवाले से प्रधानमंत्री पद का विलक्षण सफर तय करने वाले नरेंद्र दामोदरदास मोदी का जन्म आज ही के दिन 1950 में हुआ था। गुजरात के वडनगर में एक गरीब परिवार में वे पैदा हुए। पिता दामोदरदास मोदी रेलवे स्टेशन पर चाय बेचा करते थे। नरेंद्र मोदी भी बचपन में उनकी मदद करते थे। मोदी अचानक राजनीति में नहीं आए। आठ साल की उम्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी आरएसएस से जुड़े। 1971 में संघ का पूर्णकालिक कार्यकर्ता बनने के बाद उनकी राजनीतिक शिक्षा-दीक्षा शुरू हुई। 1975 में आपातकाल के दौरान छिपकर वक्त गुजारना पड़ा। 1985 में भाजपा में संगठन का काम मिला। गुजरात के भुज में आए भूकंप के बाद प्रशासनिक व्यवस्थाएं चरमरा गई थीं, तब 2001 में मोदी को मुख्यमंत्री बनाया गया। गुजरात दंगों को लेकर आरोपों से घिरे। लेकिन, गुजरात के विकास मॉडल को बेस बनाकर केंद्र की राजनीति में आए और 2014 में प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी के तौर पर पहली बार किसी गैर-कांग्रेसी पार्टी यानी भाजपा की पूर्ण बहुमत वाली सरकार बनाई। 2019 में पहले से बेहतर प्रदर्शन के साथ सत्ता में लौटे। हैदराबाद के विलय के 72 साल सरदार पटेल और हैदराबाद के निज...