Skip to main content

कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता, हमें काम के महत्व को समझना चाहिए

कहानी- महात्मा गांधी दक्षिण अफ्रीका से कांग्रेस के अधिवेशन में शामिल होने के लिए कोलकाता पहुंचे थे। उस समय उन्हें मोहनदास करमचंद गांधी के नाम से ही जाना जाता था। जब वे कोलकाता में कांग्रेस कार्यालय पहुंचे, तो वहां उनकी मुलाकात घोषाल जी से हुई।

घोषाल जी ही कांग्रेस कार्यालय का कामकाज देख रहे थे। गांधीजी ने उनसे कहा, 'मैं यहां काम करने आया हूं। कोई काम हो तो बताएं।'

घोषाल जी ने गांधी को देखा तो उन्हें लगा कि ये क्या काम करेगा? कुछ सोचकर वे बोले, 'मेरे पास कोई बहुत बड़ा काम नहीं है। यहां बहुत से पत्र आए हुए हैं। इनमें से जो उपयुक्त हैं, उन्हें अलग निकालना है और उनके उत्तर देना है। क्या तुम ये काम कर सकते हो?'

गांधीजी इस काम के लिए तैयार हो गए और उन्होंने पत्रों के जवाब भी दे दिए। घोषाल जी को ये देखकर आश्चर्य हुआ कि एक-एक पत्र को गंभीरता से पढ़ा गया और उनके सही उत्तर भी गांधीजी द्वारा दिए गए।

घोषाल जी कार्यालय से निकलने लगे तो उनकी शर्ट के बटन गांधीजी ने लगा दिए। आमतौर ये काम घोषाल जी का सेवक ही करता था। जब गांधीजी ने बटन लगाए तो घोषाल जी बहुत प्रसन्न हुए। उन्होंने गांधीजी के बारे जानकारी निकाली तो मालूम हुआ कि वे कितने पढ़े-लिखे हैं।

घोषाल जी हैरान रह गए कि इतना पढ़ा-लिखा व्यक्ति और सेवा करने की ऐसी भावना। उस दिन घोषाल जी ने गांधीजी से एक शिक्षा ली थी कि कोई भी काम बड़ा या छोटा नहीं होता है।

सीख- हमारी नीयत, इरादे और समझ के आधार काम का महत्व तय होता है। कुछ लोग जो बड़े पद पर होते हैं, उन्हें लगता है कि वे छोटे काम कैसे कर सकते हैं। लेकिन, जीवन में कभी-कभी ऐसे अवसर भी आते हैं जब हमें सामान्य काम भी करने पड़ते हैं। उस समय काम के महत्व को समझें। कभी भी अपने पद पर घमंड नहीं करना चाहिए।



आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें
aaj ka jeevan mantra by pandit vijayshankar mehta, we should understand the importance of work, tips for success


https://ift.tt/2WOu2dS

Comments

Popular Posts

हफ्ते में 5 दिन खुलेगा पूरा भोपाल, व्यापारियों से चर्चा के बाद लागू होगी नई व्यवस्था; पंजाब में शनिवार, रविवार और छुट्टियों पर बाजार रहेगा बंद, बाहर निकलने पर बैन

कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुएपंजाबऔर मध्यप्रदेशसरकार ने लॉकडाउन को सख्ती से लागू करने का फैसला किया है। जहां पंजाब सरकार ने शनिवार, रविवार और पब्लिक हॉलिडे परपूरे राज्य मेंसभी दुकानें, बाजार बंद और घर से निकलने पर पूरी तरह पाबंदी रखने का फैसला किया है। वहीं, मध्यप्रदेश सरकार ने राजधानी भोपाल मेंसप्ताह में पांच दिन पूरा शहरखोलने की घोषणा की है। यहांशनिवार-रविवार को दो दिन दूध-दवाई जैसी आवश्यक वस्तुओं की दुकानों को छोड़कर शहर पूरी तरह बंद रहेगा। मध्यप्रदेश: भोपाल मेंदो दिन शनि-रवि को बंद रखे जाएंगे बाजार भोपाल में कोरोना संक्रमण लगातार फैल रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है।गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने सप्ताह में पांच दिन पूरा भोपाल खोलने की घोषणा की है। शनिवार-रविवार को दो दिन दूध-दवाई जैसी आवश्यक वस्तुओं की दुकानों को छोड़कर शहर पूरी तरह बंद रहेगा। फिलहाल क्लस्टर और नंबर सिस्टम से अलग-अलग इलाकों की दुकानें खोली जा रही हैं। नई व्यवस्था को लेकर कलेक्टर तरुण पिथोड़े का कहना है - पहले इस बारे में व्यापारिक संगठनों से बात की जाएगी। उसके बाद ही तय किया जाएगा कि व्यवस...