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पंजाब-गुजरात समेत 4 राज्यों में डमी वैक्सीनेशन; बूथ पर 25 वर्कर, इनमें से 20 आम लोगों के किरदार में होंगे

भारत में नए साल के पहले हफ्ते में कोरोना से सुरक्षा के लिए टीकाकरण शुरू होने की संभावना है। इसी के मद्देनजर, सोमवार को पंजाब, गुजरात, असम और आंध्रप्रदेश के दो-दो जिलों में ड्राई रन (माॅकड्रिल) करने की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मंगलवार को ड्राई रन होगा।

चारों राज्यों में वैक्सीनेशन सेंटर्स पर वेटिंग एरिया, वैक्सीन रूम, ऑब्जर्वेशन रूम तैयार कराए गए हैं। हर बूथ पर 25-25 हेल्थ वर्कर बुलाए गए हैं। इनमें 20 आम लोगों की भूमिका में होंगे, यानी उन्हें टीका लगवाने के लिए बुलाए गया है। इन्हें एसएमएस के जरिए सूचना दी गई है। असल वैक्सीनेशन के दौरान भी यही प्रक्रिया अपनाई जाएगी। यानी जिन्हें एसएमएस मिलेगा, उन्हें ही टीकाकरण बूथ में आने दिया जाएगा। लोगों को को-विन ऐप पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा।

आज सबसे पहले वैक्सीन को कोल्ड चेन पॉइंट से टीकाकरण बूथ पहुंचाया जाएगा

बूथ कहां-कहां और कितने बनेंगे?
ड्राई रन के लिए सिर्फ जिला अस्पताल या शहर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में वैक्सीनेशन सेंटर बनाए गए हैं। ये सिर्फ रिहर्सल के लिए हैं। बाद में जब टीकाकरण शुरू होगा, तो गांव-गांव में बूथ बनेंगे। ये करीब-करीब चुनाव आयोग से जुटाई गई पोलिंग बूथ की जानकारियों के आधार पर तैयार होंगे।

ड्राई रन में क्या होगा?
डमी वैक्सीन को कोल्ड चेन पॉइंट से बूथ तक रेफ्रिजरेटर वाली मोबाइल वैन से पहुंचाया जाएगा। बूथ पर भीड़ नियंत्रण की मॉकड्रिल होगी। फिजिकल डिस्टेंसिंग मेंटेन कराने के लिए अतिरिक्त कर्मचारी लगाए जाएंगे।

पूरी प्रक्रिया कौन कराएगा?
हर बूथ पर एक मेडिकल ऑफिसर, वैक्सीन हैंडलर, वैक्सिनेटर, वैकल्पिक वैक्सिनेटर, सुपरवाइजर, डेटा मैनेजर, आशा वर्कर और एक को-ऑर्डिनेटर होगा। जिन लोगों को वैक्सीन दी जानी है, उनका नाम, पहचान-पत्र का यूनिक नंबर और पता दर्ज किया जाएगा। किस वैक्सिनेटर ने किस व्यक्ति को वैक्सीन दी, वह किस बैच और किस कंपनी की थी, इसकी भी पूरी जानकारी दर्ज होगी। इससे बाद में रिएक्शन होने पर वैक्सीन की पहचान हो सकेगी।

जिन्हें टीका लगना है, उनका वेरिफिकेशन कैसे होगा?
सबसे पहले स्वास्थ्य कर्मियों और फ्रंटलाइन वर्कर्स को टीका लगना है। इनका वेरिफिकेशन पहचान पत्र से होगा। 50 साल से ज्यादा उम्र के जिन लोगों को टीका लगना है, उनका वेरिफिकेशन पिछले लोकसभा और विधानसभा चुनावों के आंकड़ों के आधार पर होगा।

को-विन एप के जरिये इन चिह्नित लोगों को ट्रैक किया जाएगा। इस प्लेटफॉर्म में रियल टाइम मॉनिटरिंग होगी कि किसे टीका लग गया और कौन बाकी है। सिर्फ प्राथमिकता के आधार पर पहले से चिह्नित लोगों का ही टीकाकरण होगा। इन्हें पहले को-विन एप पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा।

एक बूथ पर एक दिन में कितने लोगों को टीका लगाया जाएगा?
एक दिन में एक बूथ पर 100 लोगों को ही टीका लगेगा। राज्य अपने हिसाब से वैक्सीनेशन सेशन का दिन और समय तय कर सकते हैं। वैक्सीनेशन के लिए देशभर में कुल कितने बूथ होंगे, यह तय किया जाना अभी बाकी है।



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पंजाब, गुजरात, आंध्र प्रदेश और असम में कोरोना वैक्सीनेशन का ड्राई रन हो रहा है। इसका मकसद असल टीकाकरण से पहले तैयारियों को पुख्ता करना है।


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