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क्या आज से शुरू हो रही JEE के एग्जाम सेंटरों में बाढ़ का पानी भरा है? इस दावे से वायरल की जा रही फोटो का सच जानिए

क्या हो रहा वायरल : सोशल मीडिया पर कुछ फोटो वायरल हो रही हैं। फोटो में भारी बारिश के चलते सड़कों और घरों में हुआ जलभराव दिख रहा है। दावा किया जा रहा है कि ये फोटो नीट और जेईई परीक्षा केंद्रों की हैं। फोटो शेयर करते हुए सोशल मीडिया पर सरकार से सवाल पूछा जा रहा है कि जब परीक्षा केंद्रों की यह हालत है, तो फिर परीक्षा कैसे आयोजित होगी ?

देश भर के इंजीनियरिंग कॉलेजों में एडमिशन के लिए होने वाली JEE मेन्स मंगलवार से शुरू हो रही है। यह परीक्षा 6 सितंबर तक होनी है। वहीं मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए होने वाली NEET 13 सितंबर को होगी।

कोरोना संक्रमण के बीच हो रही इन दो परीक्षाओं को लेकर जहां पैरेंट्स परेशान हैं। वहीं, छात्रों ने लगातार परीक्षा पोस्टपोन करने की सरकार से मांग की थी। हालांकि, इसी बीच सोशल मीडिया पर इन परीक्षाओं को लेकर कई भ्रामक दावे भी किए जा रहे हैं।

चार फोटो वायरल हो रही हैं

1. पहली फोटो

एग्जाम सेंटर में जलभराव के दावे के साथ ये तस्वीरें पिछले एक सप्ताह से सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही हैं।

2.दूसरी फोटो

इस फोटो को देखकर स्पष्ट हो रहा है कि ये कोरोना काल की नहीं है। कोई भी शख्स मास्क पहने नहीं दिख रहा। साथ ही पब्लिक ट्रांसपोर्ट संचालित होता दिख रहा है। जबकि इस समय अधिकतर राज्यों में पब्लिक ट्रांसपोर्ट बंद है।

3. तीसरी फोटो

जेईई परीक्षा आयोजित कराए जाने के लगातार हो रहे विरोध के पीछे दो वजह हैं। पहली देश भर में तेजी से बढ़ रहे कोरोना के मामले। और दूसरी, देश के कई हिस्सों में बाढ़ के हालात।

4. चौथी फोटो

चूंकि इस समय बिहार, मध्यप्रदेश, असम और छत्तीसगढ़ जैसे राज्य सच में बाढ़ का सामना कर रहे हैं। इसलिए एग्जाम सेंटरों में जलभराव के दावे को यूजर सच मानकर शेयर कर रहे हैं।

फोटो के साथ वायरल हो रहा मैसेज

This is the condition of examination centers and govt. wants to conduct exam's

हिंदी अनुवाद - परीक्षा केंद्रों की यह हालत है और सरकार परीक्षा आयोजित कराना चाहती है।

सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावे

फैक्ट चेक पड़ताल

नीट और जेईई के परीक्षा केंद्रों का बताकर चार फोटो वायरल हो रही हैं। हमने एक-एक करके हर फोटो की जांच शुरू की, तो बिल्कुल अलग ही सच्चाई निकल कर आई।

पहली फोटो का सच

गूगल पर फोटो को रिवर्स सर्च करने से कुछ मीडिया रिपोर्ट सामने आईं। जिनसे पता चलता है कि फोटो इलाहाबाद में हुई बारिश का है। फोटो में जलमग्न दिख रहा एमएल कॉन्वेंट स्कूल इलाहाबाद का ही है। न्यूज वेबसाइट पर उल्लेख नहीं है कि खबर किस समय की है। लेकिन, खबर में प्रयागराज का पुराना नाम ‘इलाहाबाद’ लिखा हुआ है।

उत्तरप्रदेश सरकार ने अक्टूबर, 2018 में इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज रखे जाने को मंजूरी दी थी। तबसे मीडिया रिपोर्ट्स में भी शहर का नाम प्रयागराज ही लिखा जाता है। स्पष्ट है कि वायरल हो रही पहली फोटो दो साल से भी ज्यादा पुरानी है और इसका नीट-जेईई परीक्षा से कोई संबंध नहीं है।

दूसरी फोटो का सच

न्यूज-18 की वेबसाइट पर तीन साल पुरानी एक फोटो स्टोरी है। स्टोरी में 29 अगस्त, 2017 की देश भर की बड़ी घटनाओं की तस्वीरें हैं। यहां हमें वो दूसरी फोटो मिली। जिसे नीट-जेईई परीक्षा केंद्रों का बताया जा रहा है। असल में ये फोटो मुंबई में आई बाढ़ की है।

तीसरी फोटो का सच

दैनिक जागरण की वेबसाइट पर 4 अगस्त, 2019 की खबर से पता चलता है कि ये फोटो पिछले साल हरिद्वार में आई बाढ़ का है।

चौथी फोटो का सच

चौथी फोेटो को रिवर्स सर्च करने पर भी दैनिक जागरण की ही एक खबर हमारे सामने आई। 9 जुलाई, 2019 की इस खबर में फोटो को पटना में हुई बारिश का बताया गया है।

निष्कर्ष: JEE-NEET के परीक्षा केंद्रों का बताकर शेयर की जा रही तस्वीरें यूपी, बिहार, उत्तराखंड और महाराष्ट्र में आई बाढ़ की हैं। पुरानी तस्वीरों के आधार पर भ्रामक दावा किया जा रहा है कि परीक्षा केंद्रों में बाढ़ का पानी भरा है।



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Is the situation bad due to floods at NEET-JEE examination centers? Old pictures of floods in Uttarakhand, UP and Bihar go viral with false claims


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