Skip to main content

गणपति बप्पा और प्रणब दा के साथ अगस्त की गमगीन विदाई, पितृ पक्ष के साथ अनलॉक की आजादी लिए आया है 2020 का 9वां महीना

1 सितंबर, साल का 245वां दिन। भारी मन से गणपति बप्पा की विदाई हो रही है और नम आंखों के साथ प्रणब दा को अलविदा कहना पड़ रहा है। फैसलों से लग रहा है कि ये 9वां महीना कई मायनों में कोरोना काल की लगभग समाप्ति का महीना रहेगा। ऐसे में आज पहले दिन थोड़े से बदले अंदाज के साथ मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ ताकि आपका दिन बेहतर हो और दिमाग स्मार्ट तरीके से सोचे-

आज इन 10 बड़े इवेंट्स और खबरों पर रहेगी नजर

  • पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को आज अंतिम विदाई दी जाएगी। गृह नगर प.बंगाल की जगह नई दिल्ली में पूरे राजकीय सम्मान के साथ प्रणब दा का अंतिम संस्कार होगा।

  • देशभर में आज से कोरोना अनलॉक-4 शुरू हो रहा है। इसके तहत सबसे पहले टेकअवे बार खुलेंगे। 7 सितंबर से मेट्रो चलेंगी और 21 से थिएटर खुलने लगेंगे।

  • आज से ज्वॉइंट एंट्रेस एग्जाम JEE मेन शुरू हो रही है। तमाम विवादों के बीच इस इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा में करीब 10 लाख बच्चे बैठेंगे।

  • आज अनंत चतुर्दशी है,और देशभर में 10 दिन के गणेश उत्सव का समापन हो जाएगा। कोरोना संकट के कारण इस बार भव्य विसर्जन पर पाबंदी है।

  • आज से वंदे भारत मिशन का छठवां चरण शुरू होगा। कनाडा के टोरंटो, वैंकुवर और चीन के शंघाई से एयर इंडिया की 31 फ्लाइट्स से भारतीय स्वदेश लौटेंगे।

  • आज से पुराने दरों के हिसाब से ही EMI चुकानी होगी, क्योंकि मार्च में दी गई छूट खत्म हो गई है। एलपीजी रेट्स रिवाइज होंगे और हवाई यात्रा महंगी हो जाएगी।

  • आज से GST के भुगतान में देरी पर कुल टैक्स देनदारी पर 18% ब्याज लगेगा। GST काउंसिल की बैठक में यह निर्णय लिया गया था।

  • नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर आज से कमोडिटी डेरिवेटिव्स में सिल्वर ऑप्शन में ट्रेडिंग की सुविधा लॉन्च की जाएगी।

  • आज से विदेशी खिलौने के लिए क्वॉलिटी कंट्रोल स्टैंडर्ड (QCS) लागू होंगे। अब अनिवार्य जांच के बाद ही खिलौनों को भारत में एंट्री मिलेगी।

  • आज वेस्पा अपना नया स्कूटर रेसिंग सिस्सटीज लॉन्च करेगी। सैमसंग फोल्डेबल फोन गैलेक्सी Z-फोल्ड 2 और हॉन्गकॉन्ग की टेक्नो स्पार्क गो 2020 उतारेगी।

कल की महत्वपूर्ण खबरें जो आप जानना चाहेंगे -

1. प्रणब दा के साथ एक युग का अंत

पूर्व राष्ट्रपति भारत रत्न प्रणब मुखर्जी हमें छोड़कर चले गए... 84 साल के प्रणब मुखर्जी की हालत 10 अगस्त के बाद से ही गंभीर थी। यूपीए के तारणहार और पीएम मोदी समेत संघ प्रिय प्रणब दा का जाना वाकई एक युग का अंत है। देश में 7 दिन का राष्ट्रीय शोक है और प्रणब दा को अंतिम विदाई के साथ उनकी हर उस बात को याद कर रहे हैं, जो दलों से ज्यादा दिलों को जोड़ती थी।

2. इकॉनमी को 40 साल में सबसे बड़ा झटका

बस इसी खबर का डर कई महीनों से था, जीडीपी के मोर्चे पर भारत को 40 साल में पहली बार इतना बड़ा झटका लगा है ... देश में पहली तिमाही में जीडीपी की ग्रोथ रेट -23.9% रही है। भारत की अर्थव्यवस्था कहां है, इसे इस तरह से समझा जा सकता है कि जी-20 इकॉनमी वाले देशों में जीडीपी के मामले में सबसे खराब परफॉर्मेंस भारत की है।

3. लद्दाख में 75 दिन बाद फिर तनातनी

चीन चाहता क्या है? एक तरफ सुलह है, तो दूसरी तरफ सुलगाने वाली हरकतें ... दो दिन पहले चीन ने फिर से पूर्वी लद्दाख के भारतीय इलाके में घुसपैठ की कोशिश की थी। भारतीय जवानों ने इसे नाकाम कर दिया। घुसपैठ को लेकर रक्षा मंत्रालय ने सोमवार को एक नोट जारी करके बताया है। चीन ने सीमा पर जे-20 फाइटर प्लेन भी तैनात किए हैं।

4. सिर्फ 1 रुपए में छूट गए प्रशांत भूषण

अहं और न्याय के टकराव के बीच, न्यायपालिका के गलियारों का दिलचस्प केस 1 रुपए में सुलट गया…सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने कन्टेम्प्ट ऑफ कोर्ट मामले में सीनियर एडवोकेट प्रशांत भूषण पर सिर्फ एक रुपए का जुर्माना लगाया। भूषण माफी न मांगने पर अड़े थे और कोर्ट माफी न देने पर डटी थी। अब इस फैसले पर कहा जा रहा कि कोर्ट के सामने भूषण की हैसियत 1 रुपए के बराबर ही तो है।

5. सुशांत केस में सीबीआई के 11 दिन

जून से सितंबर आ गया, सुशांत केस जाने कौन सी थ्योरी पर जाकर क्रैक होगा....अब इस मामले में सक्षम कही जाने वाले सीबीआई को भी कुछ सूझ नहीं रहा। सोमवार को इस मामले में सीबीआई जांच 11वां दिन था और रिया को घेरने का चौथा दिन। कुल 35 घंटे की दिल-दिमाग हिला देने वाली पूछताछ के बाद भी अभी सब कुछ उलझा हुआ है। नजर बनी रहेगी कि कौन सी थ्योरी सच साबित होती है।

6. कोरोना LIC का कुछ नहीं बिगाड़ पाया

65वें बर्थडे पर देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी LIC से जुड़ी ये खबर एक टॉकिंग पाइंट है… कोरोना काल के बावजूद आज अपने 64 साल पूरे कर रही इस सरकारी कंपनी पर निवेशकों का भरोसा कायम है और बढ़ भी रहा है। आंकड़े कहते हैं कि 2019-20 में LIC ने 2.19 करोड़ नई पॉलिसी बेची हैं, जो 6 साल में रिकॉर्ड है। क्लेम सेटलमेंट में 159,770.32 करोड़ रुपए का भुगतान किया और 215.98 लाख दावे निपटाए गए।

7. वायरस के लिए एक डोज काफी नहीं

थोड़ा परेशान करने वाली खबर क्योंकि कोरोना की एक वैक्सीन लगवाने से कुछ नहीं होगा… ये बात अमेरिकी विशेषज्ञ कह रहे हैं कि आने वाले दिनों में जब वैक्सीन आएगी तो उसके केवल एक डोज से काम नहीं चलेगा। लोगों को दो डोज की जरूरत पड़ेगी। मौजूदा समय में ही टेस्टिंग किट, पीपीई किट और दूसरी जरूरी चीजों की कमी है। ऐसे में दो बार वैक्सीनेशन का प्रोग्राम चलाना बड़ा मुश्किल होगा।

अब जान लेते हैं कि 1 सितंबर के इतिहास में क्या खास रहा …

दूसरे विश्वयुद्ध के समय की तस्वीर जिसमें तानाशाह हिटलर सेना को मार्च करते देख रहा।
  • 01 सितंबर 1939 को 15 लाख सैनिकों के साथ हिटलर की जर्मन सेना ने पोलैंड पर हमला बोला था और इसी के साथ शुरू हुआ था दूसरा विश्व युद्ध। इसमें करीब 5 करोड़ लोगों की जान गई थी।
  • 1947 में आज ही के दिन इंडियन स्टैंडर्ड टाइम (IST) अस्तित्व में आया था। हमारा IST इंग्लैंड के ग्रीनविच के स्टैंडर्ड टाइम से साढ़े पांच घंटे आगे है ! मतलब इंग्लैंड में जब दोपहर के 12 बजते हैं, तब भारत में शाम के 5:30 बजे का समय होता है।
  • आज ही के दिन 1933 में उत्तरप्रदेश के बिजनौर में मशहूर कवि और गज़ल लेखक दुष्यंत कुमार का जन्म हुआ था। सिर्फ 42 साल की उम्र में बहुत धारदार रचनाओं की विरासत छोड़ दुष्यंत कुमार दुनिया से रुखसत हो गए थे।

  • आखिर में दुष्यंत कुमार की गजल ‘ये जो शहतीर है पलकों पे उठा लो यारो’ की चार पंक्तियां जो कहती हैं कि चाहो तो सब संभव है

रहनुमाओं की अदाओं पे फ़िदा है दुनिया

इस बहकती हुई दुनिया को संभालो यारो

कैसे आकाश में सुराख़ नहीं हो सकता

एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारो



आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें
september 2020; Pranab Mukherjee passes away, JEE exam starts and sushant case CBI probe, corona vaccine trial and big news updates with Dainik Bhaskar Morning Briefing Today


https://ift.tt/32M9m9b

Comments

Popular Posts

आठ महीनों में एक हजार से ज्यादा घंटे कोरोना मरीजों के बीच बिताए, फिर भी संक्रमण से सुरक्षित

शहर में कोरोना मरीजों का आंकड़ा 40,522 हो गया है। गुरुवार को 556 नए केस मिले। तीन मरीजों की मौत भी हुई। हालांकि 35 हजार से ज्यादा ठीक भी हो चुके हैं। 12 नवंबर के बाद से जिस तेजी से मरीज मिल रहे हैं, उसने चिंताएं बढ़ा दी हैं। ऐसे में छह हजार से ज्यादा स्वास्थ्यकर्मी मिसाल हैं, जो इन आठ महीनों में एक हजार से ज्यादा घंटे मरीजों के बीच बिता चुके हैं। बमुश्किल 300 संक्रमित हुए। मास्क की सावधानी बरतते हुए ये कोराना से बचे हुए हैं। मरीजों को गले भी लगाती हैं, लेकिन पलभर के लिए मास्क नहीं हटातीं पीपीई किट पहनकर सुबह-शाम मरीजों के पास जाती हूं, उनकी काउंसलिंग भी करती हूं। जरूरत पड़ने पर गले भी लगाती हूं। अस्पताल के मरीज कल्पना दीदी के नाम से जानने लगे। 8 महीने में एक दिन ऐसा नहीं गया, जब कोविड वार्ड न गई हूं, पर हमेशा मास्क और ग्लव्स पहने रही। मास्क तो पलभर के लिए भी नहीं हटाती। इन सुरक्षा साधनों का इस्तेमाल कर कोरोना से बचे रहे। -कल्पना पिल्लई, इंचार्ज सिस्टर अरबिंदो अस्पताल सुबह 8 से रात 10 तक पानी नहीं पीते, ताकि मास्क न हटाना पड़े सात महीने से रोज राउंड ले रहा हूं। सबसे ज्यादा ध्यान मास्...

जिन दुकानों पर अंतिम संस्कार से जुड़ी पूजा सामग्री मिलती थीं, वहां अब पीपीई किट और दस्ताने बिक रहे

निगमबोध घाट पहुंची 32 साल की कुसुम के पिता की मौत आज सुबह ही कोरोना से हुई है। वे दिल्ली के ही एक निजी अस्पताल में बीते पांच दिनों से भर्ती थे। मौत के बाद अस्पताल प्रशासन ने उनके पिता के शव को सील करके अपनी ही गाड़ी से निगमबोध घाट पहुंचाया है। अस्पताल के ही दो कर्मचारी पीपीई किट पहने इस शव को घाट तक लेकर आए हैं। कुसुम ने आखिरी वक्त में अपने पिता का चेहरा भी नहीं देखा था, लिहाजा वे निगमबोध घाट के सेवादारों से हाथ जोड़कर और बिलखते हुए प्रार्थना कर रही हैं कि उन्हें एक आखिरी बार अपने पिता का चेहरा देखने की अनुमति दी जाए। निगमबोध घाट के एक सेवादार कुसुम को समझाते हैं कि कोरोना संक्रमित शवों का चेहरा खोलने की अनुमति नहीं है और ऐसा करने से संक्रमण फैलने का खतरा हो सकता है। लेकिन, अपने पिता के अंतिम दर्शन की कुसुम की जिद को देखते हुए ये सेवादार इसकी अनुमति दे देते हैं। कुसुम के पिता के शव को वापस उसी गाड़ी में कुछ देर के लिए रखा रखा जाता है, जिसमें अस्पताल से उन्हें यहां लाया गया था। पीपीई किट पहने दो लोग शव का चेहरा कुछ सेकंड के लिए खोलते हैं और जल्द ही शव को दोबारा सील करके चिता पर रख द...

लॉकडाउन में महिलाओं के खातों में 32% इजाफा, इनमें 70% पहली बार शेयर में इन्वेस्ट कर रहीं

कोरोना संकट के दौरान शेयर बाजार में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है। महिलाएं गोल्ड बाॅन्ड से लेकर म्यूचुअल फंड तक में निवेश कर रही हैं। दिलचस्प बात यह है कि शेयर बाजार में निवेश करने वाली महिलाओं में अधिकतर पहली बार निवेश कर रही हैं। इनमें बड़ी संख्या में वर्किंग वुमन्स और हाउस वाइफ हैं। ये महिलाएं ना सिर्फ शेयर मार्केट में पैसे लगा रही हैं, बल्कि दूसरों को प्रेरित भी कर रही हैं। आइए पढ़ते हैं ऐसी ही कुछ महिलाओं की कहानी, जो मार्केट में निवेश कर अच्छा रिटर्न कमा रही हैं... अंकिता तोलानी - वर्किंग अंकिता तोलानी 28 साल की हैं। दिल्ली की एक प्राइवेट कंपनी में जाॅब करती हैं। अंकिता 2016 से शेयर मार्केट में पैसे लगा रही हैं। वो SIP (सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) और गोल्ड बाॅन्ड में निवेश करती हैं। अंकिता कहती हैं,'पहली बार मैंने SIP में 1 लाख रुपए से निवेश शुरू किया था। अब हर साल डेढ़ से दो लाख रुपए निवेश करती हूं।' अंकिता पिछले तीन साल में करीब 10 लाख से ज्यादा निवेश कर चुकी हैं। वहीं, गोल्ड बाॅन्ड में अंकिता अब तक 7 लाख रुपए तक निवेश कर चुकी हैं। वह बताती हैं कि उन्हें गोल्ड बाॅन...