Skip to main content

रिया चक्रवर्ती को सीबीआई आज भी पूछताछ के लिए बुला सकती है, कल लगातार दूसरे दिन 7 घंटे पूछताछ की गई

एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में सीबीआई जांच का आज 10वां दिन है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने उनसे लगातार दो दिन पूछताछ कर चुकी है। शुक्रवार को 10 घंटे और शनिवार को करीब 7 घंटे तक उनसे सवाल-जवाब हुए। रिपोर्ट की मानें तो रविवार को उन्हें फिर बुलाया गया है। रिया के अलावा उनके भाई शोविक, सुशांत के हाउस मैनेजर सैमुअल मिरांडा, फ्लैटमेट रहे सिद्धार्थ पिठानी, हाउसकीपर नीरज से भी सीबीआई सवाल-जवाब कर चुकी है।

रिया शनिवार को दोपहर 1.30 बजे डीआरडीओ गेस्ट हाउस पहुंची और रात 8.20 बजे निकलीं। उन्हें जाते और लौटते वक्त मुंबई पुलिस ने सुरक्षा दी। सीबीआई सूत्रों के मुताबिक, रिया से सुशांत के क्रेडिट कार्ड के इस्तेमाल को लेकर सवाल किए गए। दरअसल, एक्टर के रूम पार्टनर सिद्धार्थ पिठानी ने आरोप लगाया था कि वे सुशांत का क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करती थीं। हालांकि, रिया ने इन आरोपों को खारिज किया है।

पिठानी, नीरज और मिरांडा के साथ भी पूछताछ की गई
सूत्रों के अनुसार, सीबीआई ने सिद्धार्थ पिठानी, सैम्युअल मिरांडा, नीरज सिंह के सामने भी रिया से सवाल किए। रिया से सुशांत के डिप्रेशन पर भी बात की। सीबीआई ने रिया से इससे जुड़े कागजात भी मंगवाए थे।

पिठानी ने क्या बताया
सीबीआई को सिद्धार्थ पिठानी ने बताया कि प्रियंका (सुशांत की बहन) और रिया के बीच झगड़ा हुआ था। यह झगड़ा एक फार्म हाउस में पिकनिक के दौरान हुआ था। सुशांत ने रिया का साथ दिया था। सिद्धार्थ ने ये भी कहा कि सैमुअल ने उन्हें बताया था कि रिया सुशांत के क्रेडिट कार्ड के जरिए काफी शॉपिंग करती थी।

ड्रग्स केस में एनसीबी जल्द रिया का ब्लड सैंपल ले सकती है
सुशांत केस में मनी लॉन्ड्रिंग एंगल की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को होटल कारोबारी गौरव आर्या को समन देकर 31 अगस्त को पेश होने के लिए कहा। गौरव की तलाश में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की टीम ने भी कई जगह छापेमारी की। रिया से ड्रग्स की बातचीत में गौरव का नाम सामने आया था। एनसीबी जल्द रिया का ब्लड सैंपल ले सकती है। एनसीबी ने रिया और उनके भाई शोविक समेत 5 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।

सुशांत की बहन ने पूछा- रिया महंगे वकील की फीस कहां से दे रही हैं?
रिया ने एक इंटरव्यू में कहा था, "खार में मेरी एक प्रॉपर्टी है, जिसकी डील की कोशिश मैंने सुशांत से मिलने से पहले ही शुरू कर दी थी। मैंने उस प्रॉपर्टी के 74 लाख रुपए चुकाए हैं। इसमें से 50 लाख रुपए का लोन एचडीएफसी बैंक से लिया था। अब भी लोन चुका रही हूं। 17 हजार रुपए ईएमआई है। अब पता नहीं कहां से दूंगी, क्योंकि मेरी जिंदगी बर्बाद चुकी है।"

रिया के इस बयान पर सुशांत की बहन श्वेता सिंह कीर्ति ने लिखा, "आपको इस बात की चिंता है कि ईएमआई कैसे भरेंगी। मुझे बताइए कि आप देश के सबसे महंगे वकील को पैसे कहां से दे रही हैं?" श्वेता ने रिया को जल्द गिरफ्तार करने की मांग भी की है।

ये खबरें भी पढ़ सकते हैं...

1. मौत से 5 महीने पहले सुशांत ने भविष्य को लेकर जताई थी चिंता, खर्च कम करने की बात की थी, रिया चक्रवर्ती कर रही थीं उनके पैसों को मैनेज

2. रिया और सुशांत के घर काम करने वालों में ड्रग्स को लेकर बात हुई थी, एक्ट्रेस ने सैमुअल मिरांडा से ‘डूबी’ लाने को कहा था

3. सुशांत के खर्चों को लेकर दावा: एक्टर ने एक बैंक खाते से 10 महीने में 4.6 करोड़ रुपए खर्च किए थे, रिया और उनके भाई शोविक के खर्चे भी उठाए थे



आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें
रिया शनिवार को दोपहर 1.30 बजे डीआरडीओ गेस्ट हाउस पहुंची और रात 8.20 बजे निकलीं। -फाइल फोटो


https://ift.tt/2YPEbZo

Comments

Popular Posts

आप शेयर ट्रेडिंग करते हैं तो यह जानना आपके लिए जरूरी है; एक सितंबर से बदल रहा है मार्जिन का नियम

शेयर बाजार में एक सितंबर से आम निवेशकों के लिए नियम बदलने वाले हैं। अब वे ब्रोकर की ओर से मिलने वाली मार्जिन का लाभ नहीं उठा सकेंगे। जितना पैसा वे अपफ्रंट मार्जिन के तौर पर ब्रोकर को देंगे, उतने के ही शेयर खरीद सकेंगे। इसे लेकर कई शेयर ब्रोकर आशंकित है कि वॉल्युम नीचे आ जाएगा। आइए समझते हैं क्या है यह नया नियम और आपकी ट्रेडिंग को किस तरह प्रभावित करेगा? सबसे पहले, यह मार्जिन क्या है? शेयर मार्केट की भाषा में अपफ्रंट मार्जिन सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले शब्दों में से एक है। यह वह न्यूनतम राशि या सिक्योरिटी होती है जो ट्रेडिंग शुरू करने से पहले निवेशक स्टॉक ब्रोकर को देता है। वास्तव में यह राशि या सिक्योरिटी, बाजारों की ओर से ब्रोकरेज से अपफ्रंट वसूली जाने वाली राशि का हिस्सा होती है। यह इक्विटी और कमोडिटी डेरिवेटिव्स में ट्रेडिंग से पहले वसूली जाती है। इसके अलावा स्टॉक्स में किए गए कुल निवेश के आधार पर ब्रोकरेज हाउस भी निवेशक को मार्जिन देते थे। यह मार्जिन ब्रोकरेज हाउस निर्धारित प्रक्रिया के तहत तय होती थी। इसे ऐसे समझिए कि निवेशक ने एक लाख रुपए के स्टॉक्स खरीदे हैं। इस...

जामिया मिल्लिया इस्लामिया के 100 साल, जिसके लिए महात्मा गांधी भीख मांगने को तैयार थे

दिल्ली में जामिया मिल्लिया इस्लामिया (राष्ट्रीय इस्लामी विश्वविद्यालय) एक सेंट्रल यूनिवर्सिटी है, जो आज 100 साल पूरे कर रही है। 29 अक्टूबर 1920 को अलीगढ़ में छोटी संस्था के तौर पर शुरू होकर एक सेंट्रल यूनिवर्सिटी बनने तक की इसकी कहानी कई संघर्षों से भरी है। गांधीजी के कहने पर ब्रिटिश शासन के समर्थन से चल रही शैक्षणिक संस्थाओं का बहिष्कार शुरू हुआ था। राष्ट्रवादी शिक्षकों और छात्रों के एक समूह ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय छोड़ा और जामिया मिल्लिया इस्लामिया की नींव पड़ी। स्वतंत्रता सेनानी मौलाना महमूद हसन ने 29 अक्टूबर 1920 को अलीगढ़ में जामिया मिल्लिया इस्लामिया की नींव रखी। यह संस्था शुरू से ही कांग्रेस और गांधीजी के विचारों से प्रेरित थी। 1925 में आर्थिक सेहत बिगड़ी तो गांधीजी की सहायता से संस्था को करोल बाग, दिल्ली लाया गया। तब महात्मा गांधी ने यह भी कहा था- जामिया को चलना होगा। पैसे की चिंता है तो मैं इसके लिए कटोरा लेकर भीख मांगने के लिए भी तैयार हूं। बापू की इस बात ने मनोबल बढ़ाया और संस्था आगे बढ़ती रही। भारत के तीसरे राष्ट्रपति डॉ. जाकिर हुसैन महज 23 साल की उम्र में जामिया...