Skip to main content

प्ले-ऑफ के लिए दिल्ली का मुकाबला मुंबई से; शाम को बेंगलुरु-हैदराबाद आमने-सामने

IPL के 13वें सीजन का लीग राउंड अपने आखिरी चरण में पहुंच गया है। शनिवार को होने वाले डबल हेडर (एक दिन में 2 मैच) में 4 में से दो टीमों के पास प्ले-ऑफ में अपनी जगह पक्की करने का मौका है। मुंबई इंडियंस पहले ही अपनी जगह प्ले-ऑफ में पहुंच चुकी है। उसका मुकाबला दोपहर में 3:30 बजे दिल्ली कैपिटल्स से होगा।

इसके बाद शाम 7:30 बजे शारजाह में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच मुकाबला होगा। यदि दिल्ली और बेंगलुरु अपने-अपने मुकाबले जीत लेतीं हैं, तो दोनों की प्ले-ऑफ में जगह पक्की हो जाएगी।

सीजन के 51वें मैच में मुंबई के साथ होने वाले मुकाबले में दिल्ली जीत की पटरी पर लौटना चाहेगी। लगातार 3 मैच हारने के बाद दिल्ली दबाव में है। वहीं, मुंबई के रेगुलर कप्तान रोहित शर्मा अनफिट हैं। उनकी जगह कुछ मैचों में कीरोन पोलार्ड कप्तानी संभाल रहे हैं।

हैदराबाद के लिए एलिमिनेटर जैसा मुकाबला होगा

वहीं, सीजन का 52वां मैच बेंगलुरु और हैदराबाद के बीच खेला जाएगा। हैदराबाद के लिए यह मैच एलिमिनेटर की तरह होगा। अगर यहां हारे, तो उसके लिए प्ले-ऑफ के सारे रास्ते बंद हो जाएंगे। दूसरी ओर, लगातार 2 मैच हार कर आ रही बेंगलुरु इस मैच को जीतकर प्ले-ऑफ में अपनी जगह पक्की करना चाहेगी।

पॉइंट्स टेबल में मुंबई टॉप पर, दिल्ली नंबर-3 पर
पॉइंट्स टेबल की बात करें, तो मुंबई टॉप पर है। उसने सीजन में 12 मैच खेले हैं, जिसमें उसने 8 जीते और 4 हारे हैं। वहीं, दिल्ली ने सीजन में अब तक 12 में से 7 जीते और 4 हारे हैं और 14 पॉइंट्स के साथ वह तीसरे स्थान पर है।

पिछली भिड़ंत में मुंबई ने दिल्ली को हराया था
सीजन में पिछली बार जब मुंबई और दिल्ली का आमना-सामना हुआ था, तब मुंबई ने दिल्ली को 5 विकेट से हराया था। अबु धाबी में सीजन के 27वें मैच में दिल्ली ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 4 विकेट पर 162 रन बनाए थे। जवाब में मुंबई ने 5 विकेट पर 166 रन बनाकर मैच जीत लिया था।

बेंगलुरु टॉप-2 और हैदराबाद बॉटम-4 में
पॉइंट्स टेबल में बेंगलुरु टॉप-2 और हैदराबाद बॉटम-4 में है। बेंगलुरु ने सीजन में 12 में से 7 मैच जीते और 5 हारे हैं। उसके 14 पॉइंट्स हैं। वहीं, हैदराबाद ने सीजन में 12 मैच में से 5 जीते और 7 हारे हैं। उसके 10 पॉइंट्स हैं।

बेंगलुरु ने हैदराबाद को हराया था
सीजन के 11वें मैच में बेंगलुरु ने हैदराबाद को 10 रन से हराया था। दुबई में खेले गए मुकाबले में बेंगलुरु ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 5 विकेट पर 163 रन बनाए थे। जवाब में हैदराबाद 153 रन पर सिमट गई थी।

दिल्ली-मुंबई के सबसे महंगे खिलाड़ी
दिल्ली में ऋषभ पंत 15 करोड़ और शिमरॉन हेटमायर 7.75 करोड़ रुपए कीमत के साथ सबसे महंगे प्लेयर हैं। वहीं, मुंबई में कप्तान रोहित शर्मा 15 करोड़ और हार्दिक पंड्या 11 करोड़ रुपए कीमत के साथ सबसे महंगे प्लेयर हैं।

बेंगलुरु-हैदराबाद के महंगे खिलाड़ी
RCB में कप्तान विराट कोहली 17 करोड़ और एबी डिविलियर्स 11 करोड़ रुपए कीमत के साथ सबसे महंगे प्लेयर हैं। वहीं, हैदराबाद में वॉर्नर सबसे महंगे खिलाड़ी हैं। टीम उन्हें एक सीजन के 12.50 करोड़ रुपए देगी। उनके बाद टीम में मनीष पांडे का नाम है, जिन्हें इस सीजन में 11 करोड़ रुपए मिलेंगे।

पिच और मौसम रिपोर्ट
दुबई और शारजाह में मैच के दौरान आसमान साफ रहेगा। दोनों जगह तापमान 22 से 33 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। दोनों जगह पिच से बल्लेबाजों को मदद मिल सकती है। यहां स्लो विकेट होने के कारण स्पिनर्स को भी काफी मदद मिलेगी। दुबई में टॉस जीतने वाली टीम पहले बल्लेबाजी करना पसंद करेगी। वहीं, अबु धाबी में टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी करना पसंद करेगी।
दुबई में इस आईपीएल से पहले हुए पिछले 61 टी-20 में पहले बल्लेबाजी वाली टीम की जीत का सक्सेस रेट 55.74% रहा है। वहीं, शारजाह में हुए पिछले 13 टी-20 में पहले बल्लेबाजी वाली टीम की जीत का सक्सेस रेट 69% रहा है।

दुबई में रिकॉर्ड

  • इस मैदान पर हुए कुल टी-20: 61
  • पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम जीती: 34
  • पहले गेंदबाजी करने वाली टीम जीती: 26
  • पहली पारी में टीम का औसत स्कोर: 144
  • दूसरी पारी में टीम का औसत स्कोर: 122

शारजाह में रिकॉर्ड

  • इस मैदान पर हुए कुल टी-20: 13
  • पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम जीती: 9
  • पहले गेंदबाजी करने वाली टीम जीती: 4
  • पहली पारी में टीम का औसत स्कोर: 149
  • दूसरी पारी में टीम का औसत स्कोर: 131

मुंबई ने सबसे ज्यादा 4 बार खिताब जीता
आईपीएल इतिहास में मुंबई ने सबसे ज्यादा 4 बार (2019, 2017, 2015, 2013) खिताब जीता है। पिछली बार उसने फाइनल में चेन्नई को 1 रन से हराया था। मुंबई ने अब तक 5 बार फाइनल खेला है। वहीं, दिल्ली अकेली ऐसी टीम है, जो अब तक फाइनल नहीं खेल सकी। हालांकि, दिल्ली टूर्नामेंट के शुरुआती दो सीजन (2008, 2009) में सेमीफाइनल तक पहुंची थी।

हैदराबाद ने 2 बार खिताब जीता
हैदराबाद ने अब तक तीन बार फाइनल (2009, 2016, 2018) खेला है। जिसमें उसे 2 बार (2009, 2016) जीत मिली और एक बार (2018) हार का सामना करना पड़ा। वहीं, दिल्ली अकेली ऐसी टीम है, जो अब तक फाइनल नहीं खेल सकी। वहीं, आरसीबी ने 2009 में अनिल कुंबले और 2011 में डेनियल विटोरी की कप्तानी में फाइनल खेला था। 2016 में विराट की कप्तानी में भी टीम फाइनल में पहुंची।



आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें
DC vs MI Head To Head Record - RCB vs SRH Playing DREAM11 | Indian Premier League (IPL) Match Preview Update


https://ift.tt/3eedNPq

Comments

Popular Posts

आप शेयर ट्रेडिंग करते हैं तो यह जानना आपके लिए जरूरी है; एक सितंबर से बदल रहा है मार्जिन का नियम

शेयर बाजार में एक सितंबर से आम निवेशकों के लिए नियम बदलने वाले हैं। अब वे ब्रोकर की ओर से मिलने वाली मार्जिन का लाभ नहीं उठा सकेंगे। जितना पैसा वे अपफ्रंट मार्जिन के तौर पर ब्रोकर को देंगे, उतने के ही शेयर खरीद सकेंगे। इसे लेकर कई शेयर ब्रोकर आशंकित है कि वॉल्युम नीचे आ जाएगा। आइए समझते हैं क्या है यह नया नियम और आपकी ट्रेडिंग को किस तरह प्रभावित करेगा? सबसे पहले, यह मार्जिन क्या है? शेयर मार्केट की भाषा में अपफ्रंट मार्जिन सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले शब्दों में से एक है। यह वह न्यूनतम राशि या सिक्योरिटी होती है जो ट्रेडिंग शुरू करने से पहले निवेशक स्टॉक ब्रोकर को देता है। वास्तव में यह राशि या सिक्योरिटी, बाजारों की ओर से ब्रोकरेज से अपफ्रंट वसूली जाने वाली राशि का हिस्सा होती है। यह इक्विटी और कमोडिटी डेरिवेटिव्स में ट्रेडिंग से पहले वसूली जाती है। इसके अलावा स्टॉक्स में किए गए कुल निवेश के आधार पर ब्रोकरेज हाउस भी निवेशक को मार्जिन देते थे। यह मार्जिन ब्रोकरेज हाउस निर्धारित प्रक्रिया के तहत तय होती थी। इसे ऐसे समझिए कि निवेशक ने एक लाख रुपए के स्टॉक्स खरीदे हैं। इस...

जामिया मिल्लिया इस्लामिया के 100 साल, जिसके लिए महात्मा गांधी भीख मांगने को तैयार थे

दिल्ली में जामिया मिल्लिया इस्लामिया (राष्ट्रीय इस्लामी विश्वविद्यालय) एक सेंट्रल यूनिवर्सिटी है, जो आज 100 साल पूरे कर रही है। 29 अक्टूबर 1920 को अलीगढ़ में छोटी संस्था के तौर पर शुरू होकर एक सेंट्रल यूनिवर्सिटी बनने तक की इसकी कहानी कई संघर्षों से भरी है। गांधीजी के कहने पर ब्रिटिश शासन के समर्थन से चल रही शैक्षणिक संस्थाओं का बहिष्कार शुरू हुआ था। राष्ट्रवादी शिक्षकों और छात्रों के एक समूह ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय छोड़ा और जामिया मिल्लिया इस्लामिया की नींव पड़ी। स्वतंत्रता सेनानी मौलाना महमूद हसन ने 29 अक्टूबर 1920 को अलीगढ़ में जामिया मिल्लिया इस्लामिया की नींव रखी। यह संस्था शुरू से ही कांग्रेस और गांधीजी के विचारों से प्रेरित थी। 1925 में आर्थिक सेहत बिगड़ी तो गांधीजी की सहायता से संस्था को करोल बाग, दिल्ली लाया गया। तब महात्मा गांधी ने यह भी कहा था- जामिया को चलना होगा। पैसे की चिंता है तो मैं इसके लिए कटोरा लेकर भीख मांगने के लिए भी तैयार हूं। बापू की इस बात ने मनोबल बढ़ाया और संस्था आगे बढ़ती रही। भारत के तीसरे राष्ट्रपति डॉ. जाकिर हुसैन महज 23 साल की उम्र में जामिया...