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नए कानून के बाद जमीन खरीदने डीलरों के पास फोन आना शुरू, बुकिंग भी होने लगी, पर कीमत दोगुनी हुई

बिहार के सिवान जिले के हरी लाल परिवार सहित 30 साल से जम्मू में हैं। यहां वो ड्राई क्लीन और कपड़े इस्त्री करने का काम करते हैं। उनका एक बेटा सुमन कुमार और दो बेटियां हैं। जो जम्मू में ही पैदा हुईं और पली बढ़ी। आज न तो हरी लाल का बेटा बिहार वापस जाना चाहता है न ही बेटियां। यहां तक कि बिहार चुनाव से भी उन्हें कोई लेना देना नहीं है।

जमीन तो बिहार में है लेकिन घर जम्मू में। जैसे ही धारा 370 हटी, उन्हें उम्मीद जगी कि अब वह किराए के घर को छोड़ अपना घर लेंगे। लेकिन, यह सपना साकार हुआ अब जब 26 अक्टूबर को नया भूमि कानून आया। अब वह जहां रहते हैं वही पर अपनी जमीन लेना चाहते हैं।

उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के मोहम्मद इस्तकार सलमानी। तीन साल पहले काम की तलाश में जम्मू आए और सैलून का काम शुरू किया। जम्मू शहर के सुभाष नगर में सैलून का काम शुरू किया तो चल निकला। आज दुकान और मकान दोनों किराये पर हैं। नए भूमि कानून से पता चला कि अब जमीन खरीद सकते हैं तो कहते हैं कि परिवार को भी यहीं लाना चाहता हूं।

वो कहते हैं, 'नया भूमि कानून अच्छा है। यहां काम करने वाले बाहरी राज्यों के लोगों के लिए बेहतर अवसर है, अपना घर बनाने और काम करने का। अब लगता है कि बाकी राज्यों की तरह जम्मू कश्मीर भी पूरी तरह भारत का हिस्सा है।'

बिहार के रहने वाले सुमन और उनका परिवार पिछले कई वर्षों से ड्राई क्लीन का काम करता है। वे इस नए कानून से खुश हैं।

बाहरी राज्यों के लोग भी करना चाहते हैं इन्वेस्ट, सेटल होने के विचार कम

जम्मू कश्मीर को लेकर कहा जा रहा था कि अगर धारा 370 हटी और नए कानून आए तो बहरी राज्यों के लोग यहां बस जाएंगे। लेकिन, जम्मू या कश्मीर में परमानेंट सेटल होने के बारे में वही सोच रहा है जिसका यहां बिजनेस है या जो यहां केंद्रीय कर्मी है। पंजाब या दिल्ली के ज्यादातर लोग केवल इन्वेस्ट करना चाहते हैं। चाहे जमीन में हो या दूसरे बिजनेस में।

पंजाब के जालंधर के विजय कुमार मेहता कहते हैं, "मेरे रिश्तेदार जम्मू में हैं। आना-जाना लगा रहता है। शहर अच्छा है और लोग भी। बसना तो नहीं चाहेंगे, लेकिन जमीन में इन्वेस्ट करना चाहेंगे।" दिल्ली के अजय बख्शी का ससुराल जम्मू में हैं। वह कहते हैं,"अगर कोई फ्लैट अच्छे दाम पर मिले तो जरूर लेंगे। लेकिन, परमानेंट सेटल होने के बारे में कभी सोचा नहीं। जरूरत भी नहीं है।" पंजाब के होशियारपुर के नवीन गुप्ता एक व्यवसायी हैं। उनका कहना है कि जम्मू में व्यवसाय करने के अवसर देख रहे हैं। अब वहां के किसी नागरिक को पार्टनर बनाने की जरूरत नहीं। खुद काम करेंगे।

जम्मू के एक धड़े को डर, भूमि माफिया न हो जाए सक्रिय

जम्मू के व्यवसायी संदीप गुप्ता का मानना है कि बाहर के रियल एस्टेट के लोगों के पास बेशुमार दौलत है। वह बड़े तौर पर जमीन खरीदकर मन मुताबिक दाम पर बेचेंगे। यहां के स्थानीय लोगों के लिए कामकाज का कम्पीटिशन भी बढ़ेगा और लोगों के लिए दाम भी। जिस जमीन का दाम आज 5 या 6 लाख रुपये प्रति मरला है, वही सीधे 10 लाख रु पहुंच जाएगी।

उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के मोहम्मद इस्तकार सलमानी भी जमीन खरीदना चाहते हैं। वे कहते हैं कि अगर जमीन मिल जाए तो वो परिवार को भी यहीं लाएंगे।

सैनिक कालोनी के बिजनेस प्रधान राकेश चौधरी कहते हैं कि नए भूमि कानून का स्वागत करना चाहिए। क्योंकि जब बाहरी राज्यों के लोग आएंगे और काम करेंगे या जमीन खरीदेंगे तो जम्मू के लोगों के लिए अवसर बढ़ेंगे और विकास होगा। वो कहते हैं कि अगर जम्मू कश्मीर के लोगों की दिल्ली एनसीआर में प्रॉपर्टी हैं तो वहां के लोग यहां क्यों नहीं आ सकते।

जम्मू में फ्लैट कल्चर भी बढ़ रहा

जम्मू के व्यवसायी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि हमारे पास एक कॉलोनी में 250 फ्लैट बने हैं। इसमें से ज्यादातर बिक गए थे। नया कानून आने के बाद से 4 -5 दिनों में कई बाहरी राज्यों से फोन आ रहे हैं। यहां तक कि कुछ बुक भी हुए हैं। कुछ टॉवर अभी बन रहे हैं।

हालांकि अभी अचानक दाम नहीं बढ़े हैं, लेकिन जब कुछ ही फ्लैट बचेंगे तो 50 लाख वाला फ्लैट भी 75 लाख तक जायेगा। और जिन लोगों ने कम पैसे में लेकर इन्वेस्ट किया है, वह भी मुनाफा कमा सकते हैं। वहीं जम्मू की एक कॉलोनी में फ्लैट बुक करने वाले चंडीगढ़ के प्रशांत कुमार कहते हैं कि एक फ्लैट लेने का मन बनाया है। अब अवसर है इन्वेस्ट करने का। कुछ प्रॉपर्टी डीलर से भी बात हुई है।

प्रॉपर्टी डीलर का काम बढ़ेगा

जम्मू के सैनिक कॉलोनी में पिछले एक दशक से प्रॉपर्टी का काम करने वाले सचिन चलोत्रा कहते हैं, 'काम तो बढ़ेगा, हमारे पास हमेशा स्थानीय ग्राहक होते थे। अब दाम ज़मीन और लोकेशन के हिसाब से होंगे। क्योंकि बाहर से लोग आएंगे तो अच्छी जमीन का अच्छा दाम भी मिलेगा।

भूमि कानून संशोधन पर राजनीति शुरू

पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कहा है कि केंद्र सरकार के इरादे अब बिलकुल साफ है। नया भूमि कानून केवल एक चुनावी स्टंट है, क्योंकि बिहार में चुनाव है। उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश और नागालैंड जैसे राज्यों में बाहरी लोगों के जमीन खरीदने पर पाबंदी है। जबकि केंद्र ने एक साजिश के तहत अमीर तबके को खुली जमीन खरीदने के अवसर दिए हैं ताकि वह यहां के लोगों को बाहर फेंक सके।

क्या है नया भूमि कानून जानने के लिए पढ़िए:

अब आप-हम भी खरीद सकते हैं कश्मीर में जमीन; आइए समझते हैं कैसे?



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बिहार के सिवान जिले का हरी लाल परिवार सहित 30 साल से जम्मू में हैं। यहां वो ड्राई क्लीन और कपड़े इस्त्री करने का काम करते हैं।


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