Skip to main content

नए केस लगातार चौथे दिन 50 हजार से कम रहे, एक्टिव केस में 26वें दिन भी गिरावट; अब तक 80.38 लाख केस

कोरोना के केस में गिरावट जारी है। बुधवार को 49 हजार 660 नए केस सामने आए। यह लगातार चौथा दिन रहा, जब यह आंकड़ा 50 हजार से कम रहा। नए संक्रमितों से ज्यादा मरीजों के ठीक होने की वजह से एक्टिव केस में 26वें दिन भी गिरावट देखी गई। बुधवार को 57 हजार 506 मरीज ठीक हुए और 508 संक्रमितों की मौत हो गई।

तारीख नए केस
25 अक्टूबर 45932
26 अक्टूबर 36113
27 अक्टूबर 43036
28 अक्टूबर 49660

देश में अब तक कोरोना संक्रमण के 80.38 लाख केस आ चुके हैं। एक्टिव केस भी 6 लाख 5 हजार 943 हैं। अब तक 72 लाख 92 हजार 156 लोग ठीक हो चुके हैं। संक्रमण से अब तक 1 लाख 20 हजार 312 मरीजों की मौत हो चुकी है।

दिल्ली के आंकड़ों ने चिंता बढ़ाई
दिल्ली में पहली बार एक दिन में संक्रमण के 5673 केस मिले हैं। यहां पिछले कुछ दिनों से हर दिन करीब 4000 केस मिले रहे हैं।

पिछले 5 दिन जब दिल्ली में 4000 से ज्यादा केस आए

तारीख केस
23 अक्टूबर 4086
24 अक्टूबर 4116
25 अक्टूबर 4136
27 अक्टूबर 4853
28 अक्टूबर 5673

स्मृति ईरानी को हुआ कोरोना
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। उन्होंने ट्वीट किया, ‘घोषणा करते समय शब्दों को ढूंढना मेरे लिए कठिन है; इसलिए यहां मैं आसान शब्दों में कह रही हूं- मेरी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। जो लोग मेरे संपर्क में आए हैं, उनसे अपील है कि वे जल्द से जल्द खुद की जांच कराएं।’

पांच राज्यों का हाल

1. मध्यप्रदेश
राज्य में पिछले 24 घंटे के अंदर 514 नए मरीज मिले, 1010 लोग रिकवर हुए और 8 संक्रमितों की मौत हो गई। अब तक यहां 1 लाख 68 हजार 483 लोग संक्रमित पाए जा चुके हैं। इनमें 2898 मरीजों की मौत हो चुकी है। 1 लाख 55 हजार 232 लोग अब तक ठीक हो चुके हैं, जबकि 10 हजार 353 मरीजों का अभी इलाज चल रहा है।

2. राजस्थान
पिछले 24 घंटे में 1796 नए मरीज मिले, 2066 लोग रिकवर हुए और 14 मरीजों की मौत हो गई। अब तक 1 लाख 89 हजार 844 लोग संक्रमित पाए जा चुके हैं। इनमें 15 हजार 949 संक्रमितों का अभी इलाज चल रहा है, जबकि 1 लाख 72 हजार 28 लोग ठीक हो चुके हैं। संक्रमण के चलते अब तक 1867 लोगों की मौत हो चुकी है।

3. बिहार
राज्य में बुधवार को 780 लोग संक्रमित मिले। 1073 लोग रिकवर हुए और 4 मरीजों की मौत हो गई। अब तक 2 लाख 14 हजार 163 लोग संक्रमित हो चुके हैं। इनमें 2 लाख 4 हजार 317 लोग ठीक हो चुके हैं। संक्रमण के चलते अब तक 1069 लोगों की मौत हो चुकी है।

4. महाराष्ट्र
मंगलवार को राज्य में 6378 नए मरीज मिले, 8430 लोग रिकवर हुए और 91 मरीजों की मौत हो गई। अब तक 16 लाख 60 हजार 406 लोग संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। इनमें 1 लाख 29 हजार 401 मरीजों का अभी इलाज चल रहा है, जबकि 14 लाख 86 हजार 926 लोग ठीक हो चुके हैं। संक्रमण के चलते अब तक 43 हजार 554 मरीजों की मौत हो चुकी है।

5. उत्तरप्रदेश
राज्य में बुधवार को 1980 नए मरीज मिले 2742 लोग ठीक हुए और 18 मरीजों की मौत हो गई। अब तक 4 लाख 76 हजार 34 लोग संक्रमित पाए जा चुके हैं। इनमें 25 हजार 487 मरीजों का इलाज चल रहा है, जबकि 4 लाख 43 हजार 589 लोग ठीक हो चुके हैं। कोरोना ने अब तक राज्य में 6958 लोगों की जान ले ली।



आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें
कोरोना की स्थिति को देखते हुए मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस पर ऑटोमेटेड गेट लगाए गए हैं।


https://ift.tt/3myhq5C

Comments

Popular Posts

आप शेयर ट्रेडिंग करते हैं तो यह जानना आपके लिए जरूरी है; एक सितंबर से बदल रहा है मार्जिन का नियम

शेयर बाजार में एक सितंबर से आम निवेशकों के लिए नियम बदलने वाले हैं। अब वे ब्रोकर की ओर से मिलने वाली मार्जिन का लाभ नहीं उठा सकेंगे। जितना पैसा वे अपफ्रंट मार्जिन के तौर पर ब्रोकर को देंगे, उतने के ही शेयर खरीद सकेंगे। इसे लेकर कई शेयर ब्रोकर आशंकित है कि वॉल्युम नीचे आ जाएगा। आइए समझते हैं क्या है यह नया नियम और आपकी ट्रेडिंग को किस तरह प्रभावित करेगा? सबसे पहले, यह मार्जिन क्या है? शेयर मार्केट की भाषा में अपफ्रंट मार्जिन सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले शब्दों में से एक है। यह वह न्यूनतम राशि या सिक्योरिटी होती है जो ट्रेडिंग शुरू करने से पहले निवेशक स्टॉक ब्रोकर को देता है। वास्तव में यह राशि या सिक्योरिटी, बाजारों की ओर से ब्रोकरेज से अपफ्रंट वसूली जाने वाली राशि का हिस्सा होती है। यह इक्विटी और कमोडिटी डेरिवेटिव्स में ट्रेडिंग से पहले वसूली जाती है। इसके अलावा स्टॉक्स में किए गए कुल निवेश के आधार पर ब्रोकरेज हाउस भी निवेशक को मार्जिन देते थे। यह मार्जिन ब्रोकरेज हाउस निर्धारित प्रक्रिया के तहत तय होती थी। इसे ऐसे समझिए कि निवेशक ने एक लाख रुपए के स्टॉक्स खरीदे हैं। इस...

जामिया मिल्लिया इस्लामिया के 100 साल, जिसके लिए महात्मा गांधी भीख मांगने को तैयार थे

दिल्ली में जामिया मिल्लिया इस्लामिया (राष्ट्रीय इस्लामी विश्वविद्यालय) एक सेंट्रल यूनिवर्सिटी है, जो आज 100 साल पूरे कर रही है। 29 अक्टूबर 1920 को अलीगढ़ में छोटी संस्था के तौर पर शुरू होकर एक सेंट्रल यूनिवर्सिटी बनने तक की इसकी कहानी कई संघर्षों से भरी है। गांधीजी के कहने पर ब्रिटिश शासन के समर्थन से चल रही शैक्षणिक संस्थाओं का बहिष्कार शुरू हुआ था। राष्ट्रवादी शिक्षकों और छात्रों के एक समूह ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय छोड़ा और जामिया मिल्लिया इस्लामिया की नींव पड़ी। स्वतंत्रता सेनानी मौलाना महमूद हसन ने 29 अक्टूबर 1920 को अलीगढ़ में जामिया मिल्लिया इस्लामिया की नींव रखी। यह संस्था शुरू से ही कांग्रेस और गांधीजी के विचारों से प्रेरित थी। 1925 में आर्थिक सेहत बिगड़ी तो गांधीजी की सहायता से संस्था को करोल बाग, दिल्ली लाया गया। तब महात्मा गांधी ने यह भी कहा था- जामिया को चलना होगा। पैसे की चिंता है तो मैं इसके लिए कटोरा लेकर भीख मांगने के लिए भी तैयार हूं। बापू की इस बात ने मनोबल बढ़ाया और संस्था आगे बढ़ती रही। भारत के तीसरे राष्ट्रपति डॉ. जाकिर हुसैन महज 23 साल की उम्र में जामिया...