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अयोध्या में तीन घंटे रहेंगे पीएम मोदी, नेपाल सीमा तक हाई अलर्ट घोषित; प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग, प्रवेश पर पहचान पत्र की जांच की जा रही

अयोध्या में राम मंदिर के भूमि पूजन के लिए प्रधानमंत्री के ऐतिहासिक दौरे को लेकर युद्धस्तर पर तैयारियां चल रही हैं। वहीं, प्रधानमंत्री बनने के बाद पहली बार आ रहे पीएम नरेंद्र मोदी अयोध्या में तीन घंटे से ज्यादा रुक सकते हैं। इसे ध्यान में रखकर सुरक्षा और सजावट पर खास ध्यान दिया जा रहा है। माहौल को पूरी तरह धार्मिक बनाए रखने की तैयारी की गई है।

अयोध्या को जोड़ने वाले हाईवे व सड़कों पर सुरक्षा बैरिकेडिंग कर दी गई है। अयोध्या में प्रवेश करने वाले वाहनों के लिए परिचय पत्र की जांच अनिवार्य हो गई है। सभी संवेदनशील स्थानों, पावर हाउस, इमारतों आदि पर जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहें है। जिनके लिए एकीकृत कंट्रोलरूम बन रहा है। इस कंट्रोल रूम से अयोध्या के चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जाएगी। आसमानी सुरक्षा के लिए भी उपाय किए जा रहे हैं।

हनुमानगढ़ी और सरयू घाट भी जा सकते हैं मोदी

पीएम मोदी हनुमानगढ़ी और सरयू घाट पर भी जा सकते हैं। इन दोनों स्थानों के साथ नगर के मठों-मंदिरों को भी संवारा जा रहा है। उप्र के एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने कहा कि ‘पीएम की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जा रहा है।

अयोध्या जिला प्रशासन ने जितनी संख्या में फोर्स और पुलिस अधिकारी मांगे हैं, उन्हें दे दिए गए हैं। अयोध्या में सात जोन बनाए गए हैं, इसमें हनुमानगढ़ी और सरयू तट जोन भी शामिल हैं। खुफिया एजेंसियों के इनपुट के बाद अयोध्या व आसपास के जिलों से नेपाल की सीमा तक हाईअलर्ट घोषित किया गया है।

पुख्ता तैयारी: पर्यटन मंत्री प्रहलाद पटेल पहुंचे, हैलीपैड बनकर तैयार

भूमि पूजन की तैयारियां के बीच शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल अयोध्या पहुंचे। उन्होंने हनुमानगढ़ी और श्रीरामलला के दर्शन किए। राज्य के पर्यटन मंत्री नीलकंठ तिवारी भी उनके साथ थे। दोनों मंत्रियों ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से पर्यटन पर चर्चा की।

उप्र के अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी, एडीजी जोन एसएन साबत व एडीजी कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार ने पीएम के दौरे के सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की। साकेत महाविद्यालय में बन रहे हेलीपैड के साथ पूरे मार्ग का निरीक्षण किया।

पहली बार: देश की आध्यात्मिक शक्तियां एकसाथ मौजूद रहेंगी

5 अगस्त को पहली बार देश की आध्यात्मिक शक्तियां एक साथ 70 एकड़ के जन्मभूमि परिसर में मौजूद होगीं। इस परिसर में भूमि पूजन के दौरान सनातन धर्म के साथ दूसरे पंथों, संप्रदायों व मजहबों के धर्मगुरू होंगे। देशभर से आने वाले धर्मगुरुओं के स्वागत के लिए बेहतरीन इंतजाम किए जा रहे हैं।

सभी के लिए उनकी प्रतिष्ठा के मुताबिक आसान दिया जाना है। विहिप के पूर्वी उप्र के संगठन मंत्री अंबरीश ने कहा कि परिसर में हर पंथ व मजहब के धर्मगुरुओं की मौजूदगी से देश के सर्वधर्म समभाव लक्ष्य साकार होगा।

उत्सव: अयोध्या में 3 अगस्त से ही घरों के बाहर लाखों दीप जलाए जाएंगे।

16 लाख लड्डू: दूतावासों में प्रसाद के तौर पर बीकानेरी लड्डू भेजे जाएंगे। चार लाख पैकेट तैयार किए गए।

भेंट: पीएम मोदी को ट्रस्ट राम और लव-कुश की प्रतिमाएं भेंट करेगा।

लंगर: लड्डू बांटने और भोजन के लिए भंडारा, लंगर लगंगेे।



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फोटो वाराणसी रेलवे स्टेशन की है। यहां से अयोध्या की ओर जाने वाली सभी वाहनों की चेकिंग हो रही है।


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