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जिन 2 शिलाओं के लिए अशोक सिंघल ने अटल सरकार को चुनौती दी थी, उनके इस्तेमाल पर पर्दा; 18 साल से ट्रेजरी में हैं

अयोध्या में राम मंदिर के भूमि पूजन में अब सिर्फ एक हफ्ता रह गया है, लेकिन अभी तक उन दो शिलाओं को बाहर लाने की कोई पहल नहीं की गई है, जो अयोध्या प्रशासन की ट्रेजरी में 18 साल से रखी हुई हैं। इन शिलाओं के लिए विहिप के तत्कालीन अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष अशोक सिंघल और श्रीरामजन्म भूमि न्यास के अध्यक्ष रामचंद्रदास परमहंस ने अटल बिहारी वाजपेयी की अगुआई वाली एनडीए सरकार को चुनौती दे दी थी।

तत्कालीन केंद्र सरकार के मना करने के बाद भी देशभर से शिलादान के लिए कारसेवक अयोध्या पहुंच रहे थे। अटल सरकार और विहिप आमने-सामने आ गई थीं। तमाम जद्दोजहद के बाद केंद्र ने पीएमओ में अयोध्या सेल के प्रभारी आईएएस अधिकारी शत्रुघ्न सिंह को शिलाएं स्वीकार करने के लिए अयोध्या भेजा था।

उन्होंने 15 मार्च 2002 को अशोक सिंघल और रामचंद्र परमहंस से शिलादान स्वीकार किया था। इसे अयोध्या के डीएम को सौंप दिया गया था। श्रीरामजन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र के ट्रस्टी विमलेंद्र मोहन मिश्र ने कहा कि इन शिलाओं के बारे में फिलहाल उन्हें कोई जानकारी नहीं है, जबकि ट्रस्ट सूत्रों का कहना है कि दोनों शिलाओं को राममंदिर आंदोलन के प्रतीक के रूप में महत्व दिया जाएगा।

विहिप कार्यकर्ता और मंदिर आंदोलन से जुड़े संतोष दुबे का कहना है कि मंदिर के भूमि पूजन में इन दोनों शिलाओं को स्थान दिया जाना चाहिए, क्योंकि इनसे कारसेवकों की भावनाएं जुड़ी हुई हैं। सरकार उनकी भावनाओं की कद्र करे। शिलादान के कार्यक्रम से 21वीं सदी की शुरुआत में ही देश की राजनीति की दिशा तय हो गई थी।

रामभक्त अयोध्या न आएं, लाइव प्रसारण देखें: चंपत राय
मंदिर निर्माण ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने भक्तों से अपील की है कि वे 5 अगस्त को भूमि पूजन में शामिल होने के लिए व्यग्र न हों। अयोध्या न आएं। टीवी पर समारोह का लाइव प्रसारण देखें और शाम को घर पर दीपक जलाकर इसका स्वागत करें। भविष्य में उचित अवसर पर राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण यज्ञ में सभी राम भक्तों को सम्मिलित होने का अवसर मिले, यह प्रयास किया जाएगा।

पीएम की सुरक्षा: 9 जिलों के एडीजी-डीआईजी मुस्तैद
पीएम के अयोध्या दौरे पर उनकी पुख्ता सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं। डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी ने 9 जिलों के एडीजी और डीआईजी स्तर के अधिकारियों को इसकी जिम्मेदारी दी है। सभी अधिकारी 6 अगस्त तक सुरक्षा घेरे की कमान संभालेंगे। उधर, अयोध्या में लोगों ने कोरोनाकाल में प्रशासनिक पाबंदी में ढील देने की मांग की है, ताकि 3 अगस्त से दीप प्रज्ज्वलन कार्यक्रम आयोजित किया जा सके।

राम मंदिर भूमिपूजन से जुड़ी यह खबर भी आप पढ़ सकते हैं...

1. अयोध्या में राम मंदिर भूमिपूजन को लेकर खुफिया एजेंसियां अलर्ट, 5 से 15 अगस्त तक यूपी में हाईअलर्ट रहेगा



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यह अयोध्या में बनने वाले राम मंदिर का नया मॉडल है। यह दो एकड़ में बनेगा। हालाकि, पूरा परिसर 67 एकड़ में तैयार होगा।


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