Skip to main content

एक दिन में रिकॉर्ड 54750 मरीज बढ़े, देश में अब तक 16.39 लाख केस; मौतों के मामले में दुनिया में पांचवें नंबर पर पहुंचा भारत

देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 16 लाख 39 हजार 350 हो गई है। गुरुवार को रिकॉर्ड 54 हजार 750 मरीज बढ़े। वहीं, 37 हजार 425 मरीज स्वस्थ भी हो गए। पिछले 24 घंटे में इस बीमारी से 783 लोगों ने दम तोड़ा। ये आंकड़े covid19india.org के मुताबिक हैं।

उधर, कोरोना संक्रमण की वजह से मौतों के मामले में भारत अब इटली को पछाड़कर 5वें नंबर पर पहुंच गया है। वेबसाइट worldometers के मुताबिक, शुक्रवार सुबह तक भारत में कोरोना से 35 हजार 786 लोगों की मौत हो चुकी है। कोरोना से मौतों के मामले में सबसे आगे अमेरिका (1 लाख 54 हजार 963), ब्राजील (91 हजार 263), ब्रिटेन (45 हजार 999) और फिर मेक्सिको (45 हजार 361) है। इटली में 35 हजार 132 मौतें हुई हैं।

5 राज्यों का हाल
मध्य प्रदेश: राज्य में जून की अपेक्षा जुलाई में संक्रमण की रफ्तार तीन गुना से ज्यादा हो गई है। प्रदेश में 1 जून से 30 जून के बीच कोरोना के 5592 पॉजिटिव मरीज मिले थे। जबकि जुलाई में 30 दिन में कोरोना के 17315 मरीज मिले हैं। ये बीते महीने की तुलना में तीन गुना से ज्यादा हैं।

भोपाल में इस दौरान ढाई गुना मरीज बढ़े हैं। 30 जून तक यहां 3029 मरीज थे, इनमें 1432 मरीज केवल जून महीने में मिले थे। जबकि जुलाई में 3587 पॉजिटिव मिले हैं।

राज्य सरकार ने 31 अगस्त तक राज्य में सभी सरकारी और निजी स्कूलों को बंद रखने के आदेश जारी किए हैं। वहीं, राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, 'कोरोना संकट के कारण प्राइवेट स्कूल छात्रों से ट्यूशन फीस के अलावा अन्य फीस नहीं लेंगे। शिक्षा विभाग यह सुनिश्चित करेगा कि यदि माता-पिता फीस देने में सक्षम नहीं हैं, तो उनके बच्चे का नाम किसी भी परिस्थिति में स्कूल से नहीं हटाया जाए।'

महाराष्ट्र: सरकार ने राज्य में लॉकडाउन 31 अगस्त तक बढ़ा दिया। उधर, गुरुवार को राज्य में रिकॉर्ड 11 हजार 147 लोग पॉजिटिव मिले। इसी के साथ अब संक्रमितों का आंकड़ा 4 लाख 11 हजार 798 हो गया है।

राजस्थान: प्रदेश में एक सितंबर से सभी धार्मिक स्थल आम लोगों के लिए खुल जाएंगे। सरकार ने इनसे कहा है कि अभी से सोशल डिस्टेंसिंग और हेल्थ प्रोटोकॉल के साथ धार्मिक स्थलों को खोले जाने के लिए तैयारी शुरू करें।

एक माह में प्रदेश में सबसे ज्यादा 3898 नए रोगी जोधपुर में आए। 30 जून को जोधपुर में 2793 रोगी थे जो अब 6691 हो गए। पिछले एक माह में अलवर में 3283 रोगी बढ़े, यह एक माह में रोगियों में 625% बढ़ोतरी है। 30 जून को अलवर में कुल संक्रमित 525 थे जो अब 3807 हो गए हैं। जयपुर में एक माह पहले 3318 रोगी थे जो अब 5255 हो गए। कुल 1937 की बढ़ोतरी।

बिहार: राज्य में गुरुवार को कोरोना सैंपल जांच की संख्या 20 हजार को पार कर गई। अब तक एक दिन में रिकॉर्ड 20801 सैंपल की जांच की गई। बुधवार की तुलना में जांच की संख्या में तीन हजार का इजाफा हुआ है। बुधवार को कुल 17794 सैंपल की जांच हुई थी।

राज्य में 30 जून तक कुल 2 लाख 20 हजार 890 कोरोना टेस्ट हुए, जबकि जुलाई महीने में गुरुवार तक कुल 3 लाख 4 हजार 540 टेस्ट हुए। आंकड़े बताते हैं कि राज्य में अब तक हुए कुल टेस्ट 5 लाख 25 हजार 430 का 58% हिस्सा, यानी टेस्ट जुलाई महीने में ही हुआ।

उत्तर प्रदेश: राज्य में पिछले 24 घंटे के दौरान कोरोनावायरस के 3705 नए मामले सामने आए हैं। नए मरीजों के बढ़ने की ये अब तक की सबसे बड़ी संख्या है। राज्य में अब 32,649 एक्टिव केस हैं। जबकि, 46,803 लोग ठीक होकर घर जा चुके हैं।



आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें
यह तस्वीर दिल्ली की है। गुरुवार को यहां 19 हजार से ज्यादा लोगों के सैंपल लिए गए। एक हजार से ज्यादा केस आए। कोरोना की वजह से 93 लोगों ने दम तोड़ा।


https://ift.tt/3gfIzaH

Comments

Popular Posts

आप शेयर ट्रेडिंग करते हैं तो यह जानना आपके लिए जरूरी है; एक सितंबर से बदल रहा है मार्जिन का नियम

शेयर बाजार में एक सितंबर से आम निवेशकों के लिए नियम बदलने वाले हैं। अब वे ब्रोकर की ओर से मिलने वाली मार्जिन का लाभ नहीं उठा सकेंगे। जितना पैसा वे अपफ्रंट मार्जिन के तौर पर ब्रोकर को देंगे, उतने के ही शेयर खरीद सकेंगे। इसे लेकर कई शेयर ब्रोकर आशंकित है कि वॉल्युम नीचे आ जाएगा। आइए समझते हैं क्या है यह नया नियम और आपकी ट्रेडिंग को किस तरह प्रभावित करेगा? सबसे पहले, यह मार्जिन क्या है? शेयर मार्केट की भाषा में अपफ्रंट मार्जिन सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले शब्दों में से एक है। यह वह न्यूनतम राशि या सिक्योरिटी होती है जो ट्रेडिंग शुरू करने से पहले निवेशक स्टॉक ब्रोकर को देता है। वास्तव में यह राशि या सिक्योरिटी, बाजारों की ओर से ब्रोकरेज से अपफ्रंट वसूली जाने वाली राशि का हिस्सा होती है। यह इक्विटी और कमोडिटी डेरिवेटिव्स में ट्रेडिंग से पहले वसूली जाती है। इसके अलावा स्टॉक्स में किए गए कुल निवेश के आधार पर ब्रोकरेज हाउस भी निवेशक को मार्जिन देते थे। यह मार्जिन ब्रोकरेज हाउस निर्धारित प्रक्रिया के तहत तय होती थी। इसे ऐसे समझिए कि निवेशक ने एक लाख रुपए के स्टॉक्स खरीदे हैं। इस...

जामिया मिल्लिया इस्लामिया के 100 साल, जिसके लिए महात्मा गांधी भीख मांगने को तैयार थे

दिल्ली में जामिया मिल्लिया इस्लामिया (राष्ट्रीय इस्लामी विश्वविद्यालय) एक सेंट्रल यूनिवर्सिटी है, जो आज 100 साल पूरे कर रही है। 29 अक्टूबर 1920 को अलीगढ़ में छोटी संस्था के तौर पर शुरू होकर एक सेंट्रल यूनिवर्सिटी बनने तक की इसकी कहानी कई संघर्षों से भरी है। गांधीजी के कहने पर ब्रिटिश शासन के समर्थन से चल रही शैक्षणिक संस्थाओं का बहिष्कार शुरू हुआ था। राष्ट्रवादी शिक्षकों और छात्रों के एक समूह ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय छोड़ा और जामिया मिल्लिया इस्लामिया की नींव पड़ी। स्वतंत्रता सेनानी मौलाना महमूद हसन ने 29 अक्टूबर 1920 को अलीगढ़ में जामिया मिल्लिया इस्लामिया की नींव रखी। यह संस्था शुरू से ही कांग्रेस और गांधीजी के विचारों से प्रेरित थी। 1925 में आर्थिक सेहत बिगड़ी तो गांधीजी की सहायता से संस्था को करोल बाग, दिल्ली लाया गया। तब महात्मा गांधी ने यह भी कहा था- जामिया को चलना होगा। पैसे की चिंता है तो मैं इसके लिए कटोरा लेकर भीख मांगने के लिए भी तैयार हूं। बापू की इस बात ने मनोबल बढ़ाया और संस्था आगे बढ़ती रही। भारत के तीसरे राष्ट्रपति डॉ. जाकिर हुसैन महज 23 साल की उम्र में जामिया...