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आईपीएल से पहले भारत में ट्रेनिंग कैंप लगना मुश्किल, बीसीसीआई कॉन्ट्रैक्ट खिलाड़ियों के लिए रिस्क नहीं लेना चाहती

इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) से पहले अहमदाबाद के मोटेरा स्टेडियम में भारतीय खिलाड़ियों का ट्रेनिंग कैंप लगना मुश्किल लग रहा है। सूत्रों की मानें तो भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) कोरोना के बीच बड़े खिलाड़ियों को लेकर रिस्क नहीं लेना चाहता है। यह कैंप 18 अगस्त से 4 सितंबर तक लगना है, लेकिन अब तक बीसीसीआई की ओर से गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन (जीसीए) को आधिकारिक मंजूरी नहीं मिली है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मोटेरा स्टेडियम में पहली बार कोई टीम ट्रेनिंग करेगी। यह ट्रेनिंग बायो सिक्योर माहौल में होनी है। इस कैंप के लिए जीसीए ने तैयारी शुरू कर दी है। इस बार आईपीएल 19 सितंबर से 8 नवंबर के बीच यूएई में होगा।

खिलाड़ियों को काफी ज्यादा यात्राएं करनी होंगी
बीसीसीआई सूत्रों की मानें तो, यदि खिलाड़ियों के लिए ट्रेनिंग कैंप होता है, तो उन्हें ज्यादा यात्राएं करनी पड़ेंगी। सबसे पहले उन्हें घर से अहमदाबाद आना होगा। यहां से फिर दुबई के लिए रवाना होंगे। ऐसे में कोरोना के बीच उनके लिए खतरा काफी ज्यादा बढ़ जाएगा। ऐसे में बीसीसीआई उनके लिए ज्यादा रिस्क नहीं लेना चाहता है।

मोटेरा में रेड बॉल से ट्रेनिंग करेंगे खिलाड़ी
जीसीए के एक अधिकारी ने न्यूज एजेंसी से कहा, ‘‘कैंप को लेकर बीसीसीआई से अब तक हमें कोई औपचारिक मंजूरी नहीं मिली है। हालांकि, यह भी सोचने वाली बात है कि खिलाड़ी रेड बॉल से ट्रेनिंग क्यों करेंगे, जबकि उन्हें पूरी तरह से एक अलग फॉर्मेट में खेलना है।’’

धर्मशाला में भी कैंप लगाने पर विचार हुआ था
जीसीए से जुड़े सूत्र ने बताया कि ट्रेनिंग कैंप के लिए वेन्यू को लेकर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। लेकिन मोटेरा का नाम लगभग फाइनल हो चुका है। भारतीय टीम के कैम्प के लिए धर्मशाला के नाम पर भी विचार किया था। लेकिन मोटेरा के नए बने स्टेडियम में फैसिलिटी ज्यादा अच्छी हैं। यह स्टेडियम काफी बड़ा है। ऐसे में बायो सिक्योर माहौल में ट्रेनिंग कैंप आसानी से लगाया जा सकता है।

धोनी की टीम सबसे पहले 10 या 11 अगस्त को दुबई पहुंच सकती है
आईपीएल टीमें यूएई की डेजर्ट सिटी में खेलने के लिए तैयार हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी वाली चेन्नई सुपर किंग्स सबसे पहले दुबई के लिए रवाना होगी। टीम 10 या 11 अगस्त को दुबई रवाना हो सकती है। सीएसके टीम मैनेजमेंट के सूत्रों के मुताबिक, टीम 15 अगस्त के पहले दुबई में ट्रेनिंग कैंप शुरू कर सकती है। टीम रविवार को होने वाली आईपीएल गवर्निंग काउंसिल की मीटिंग के बाद चार्टर्ड प्लेन बुक कराएगी।

सीएसके के सूत्रों ने बताया, ‘‘हमारी योजना है कि पूरी स्क्वॉड 8 अगस्त के बाद कभी भी दुबई रवाना हो जाए ताकि हम दूसरा हफ्ता खत्म होने के पहले कैंप शुरू कर दें। बीसीसीआई की एसओपी के बाद हम ट्रैवल प्लान फाइनल करेंगे। मौजूदा हालात में खिलाड़ियों के लिए चार्टर्ड फ्लाइट ही सबसे सुरक्षित विकल्प है।’’

कई फ्रेंचाइजी दुबई में ही ट्रेनिंग कैंप लगाएंगी
न सिर्फ सीएसके बल्कि अन्य टीमों की योजना भी लीग के दो-तीन हफ्ते पहले दुबई में ट्रेनिंग करने की है। प्रस्तावित कैंप सितंबर के पहले हफ्ते में शुरू होगा। बीसीसीआई के कोषाध्यक्ष अरुण धूमल ने कहा, ‘‘हम जानते हैं कि कुछ फ्रेंचाइजी दुबई में कैंप शुरू करना चाहती है। यह जरूरी भी है क्योंकि खिलाड़ी लंबे समय से खेले नहीं है। हमें फ्रेंचाइजी के इन कैंप से कोई परेशानी नहीं है। हालांकि, इस दौरान नेशनल टीम का कैंप भी है। हम बेहतर समाधान देख रहे हैं। अभी कुछ भी फाइनल नहीं हुआ है।’’

एक आईपीएल फ्रेंचाइजी ने बताया, ‘‘हम दुबई में कैंप 5 सितंबर से शुरू कर सकते हैं। हम विदेशी खिलाड़ियों के संपर्क में हैं और उन्हें ट्रेनिंग में कोई दिक्कत नहीं है।’’ अधिकतर फ्रेंचाइजी दुबई और अबु धाबी में कैंप लगाना चाहती हैं। आईसीसी एकेडमी भी उनकी पसंद है।



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महेंद्र सिंह धोनी की टीम चेन्नई सुपर किंग्स सबसे पहले 10 या 11 अगस्त को दुबई रवाना हो सकती है। 15 अगस्त के पहले ट्रेनिंग कैंप शुरू कर सकती है। -फाइल फोटो


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