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मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बड़े भाई अग्रसेन को ईडी ने आज पूछताछ के लिए दिल्ली बुलाया, 11 साल पुराने फर्टिलाइजर घोटाले में सवाल-जवाब होंगे

राजस्थान में सियासी उठापटक के बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बड़े भाई अग्रसेन गहलोत की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अग्रसेन को पूछताछ के लिए समन भेजा है। न्यूज एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक अग्रसेन को आज ही दिल्ली में ईडी के ऑफिस में पेश होना है।

फर्टिलाइजर घोटाले में ईडी ने 22 जुलाई को जोधपुर में अग्रसेन के घर और दफ्तरों पर छापे मारे थे। कुछ दूसरे लोगों के ठिकानों पर भी रेड पड़ी थी। चार राज्यों- राजस्थान, पश्चिम बंगाल, गुजरात और दिल्ली में यह कार्रवाई की गई। कस्टम विभाग की चार्जशीट के आधार पर ईडी, फर्टिलाइजर घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रहा है।

घोटाला क्या था, अग्रसेन गहलोत पर क्या आरोप?

  • ईडी के अफसरों के मुताबिक अग्रसेन गहलोत की कंपनी अनुपम कृषि, म्यूरियेट ऑफ पोटाश (एमओपी) फर्टिलाइजर के एक्सपोर्ट पर बैन होने के बावजूद उसके निर्यात में शामिल थी। एमओपी को इंडियन पोटाश लिमिटेड (आईपीएल) इम्पोर्ट कर किसानों को सब्सिडी पर बेचती है।
  • अग्रसेन गहलोत आईपीएल के ऑथराइज्ड डीलर थे। 2007 से 2009 के बीच उनकी कंपनी ने सब्सिडाइज रेट पर एमओपी खरीदा, लेकिन उसे किसानों को बेचने की बजाय दूसरी कंपनियों को बेच दिया। उन कंपनियों ने एमओपी को इंडस्ट्रियल सॉल्ट के नाम पर मलेशिया और सिंगापुर पहुंचा दिया।
  • डायरेक्ट्रोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस ने 2012-13 में फर्टिलाइजर घोटाले का खुलासा किया था। कस्टम विभाग ने अग्रसेन की कंपनी पर करीब 5.46 करोड़ रुपए की पेनल्टी भी लगाई थी। भाजपा ने 2017 में इसे मुद्दा बनाया। यह मामला अब फिर से चर्चा में आ गया है।

मुख्यमंत्री के ओएसडी से सीबीआई ने पूछताछ की थी
राजस्थान की सियासी उठापटक के बीच ईडी समेत 3 केंद्रीय एजेंसियां मुख्यमंत्री के करीबियों पर कार्रवाई कर चुकी हैं। 13 जुलाई को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने कांग्रेस नेता राजीव अरोड़ा और धर्मेद्र राठौड़ के ठिकानों पर छापे मारे थे। 20 और 21 जुलाई को सीबीआई ने कांग्रेस विधायक कृष्णा पूनिया से पूछताछ की थी। 21 जुलाई को ही मुख्यमंत्री के ओएसडी देवाराम सैनी से भी सीबीआई ने सवाल-जवाब किए। बताया जा रहा है कि एसएचओ विष्णुदत बिश्नोई आत्महत्या मामले में पूनिया और सैनी से पूछताछ की गई थी।



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सचिन पायलट गुट की बगावत के बाद अशोक गहलोत बहुमत होने का दावा कर रहे हैं। उन्होंने राज्यपाल को तीसरी बार अर्जी देकर 31 जुलाई से सत्र बुलाने की मांग की है। (फाइल फोटो)


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