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एक मैच खेलने के लिए करोड़ों मिलेंगे, टी20 वर्ल्ड कप में सिर्फ 5 लाख मिलते; आईपीएल से बीसीसीआई को भी 4 हजार करोड़ का फायदा

आखिरकार आईपीएल की तारीख तय हो गई। अब ये 19 सितंबर से 8 नवंबर के बीच यूएई में खेला जाएगा। टी-20 वर्ल्ड कप टलने से आईपीएल का रास्ता साफ हो गया। कई लोग कह रहे हैं कि इंटरनेशनल क्रिकेट पर फ्रेंचाइजी क्रिकेट या यूं कहें कि पैसे का खेल भारी पड़ गया।

दरअसल, दुनिया के सबसे अमीर बोर्ड के खिलाड़ी पूरा वर्ल्ड कप खेलकर जितना कमाते उसका दो से पांच गुना वो सिर्फ एक आईपीएल मैंच से कमा लेंगे। इसे ऐसे समझें, वर्ल्ड कप में एक मैच खेलने पर टीम इंडिया के खिलाड़ियों को 5 लाख मिलते। वहीं, आईपीएल में एक मैच खेलने पर कोहली को करीब 1.2 करोड़ मिलेंगे तो रोहित को 1 करोड़।

ये तो रही खिलाड़ियों की बात। अगर बीसीसीआई की बात करें तो उसकी भी सबसे ज्यादा कमाई आईपीएल पर ही टिकी है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2020-21 में बीसीसीआई को 3 हजार 730 करोड़ रुपए की कमाई होने का अनुमान था। जिसमें से ढाई हजार करोड़ रुपए की कमाई सिर्फ आईपीएल के जरिए होने की उम्मीद थी। उसके अलावा 950 करोड़ रुपए सीरीज, टूर्नामेंट से और 380 करोड़ रुपए आईसीसी से मिलने का अनुमान था। यानी कि बीसीसीआई की कमाई में 67% से ज्यादा हिस्सा आईपीएल का है।

आईपीएल का एक मैच खेलने के लिए विराट को मिलेंगे 1.21 करोड़ रुपए
टीम इंडिया के कप्तान और आईपीएल में आरसीबी के कप्तान विराट कोहली आईपीएल के सबसे महंगे खिलाड़ी हैं। उन्हें इस साल भी आरसीबी ने 17 करोड़ रुपए में रिटेन किया है। आईपीएल में हर टीम लीग के 14-14 मैच तो खेलती ही है। इस हिसाब से विराट कोहली को हर मैच के लिए 1.21 करोड़ रुपए मिलेंगे। विराट के बाद रोहित शर्मा को भी मुंबई इंडियंस ने 15 करोड़ रुपए में रिटेन किया है। यानी, उन्हें भी हर मैच के लिए 1.07 करोड़ रुपए मिलते हैं।


टी20 वर्ल्ड कप खेलते तो हर मैच के सिर्फ 5 लाख मिलते
बीसीसीआई दुनिया का सबसे रईस क्रिकेट बोर्ड है और जितनी फीस भारतीय खिलाड़ियों को मिलती है, उतनी दुनिया के किसी भी क्रिकेटर्स को नहीं मिलती है। बीसीसीआई की कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट में 27 खिलाड़ी हैं। इन खिलाड़ियों को ए+, ए, बी और सी ग्रेड में रखा गया है। ए+ ग्रेड में 7 करोड़ रुपए, ए ग्रेड में 5 करोड़, बी ग्रेड में 3 करोड़ और सी ग्रेड में सालाना 1 करोड़ रुपए मिलते हैं।

इनके अलावा मैच फीस अलग से मिलती है। टीम इंडिया के खिलाड़ियों को एक टेस्ट मैच खेलने के लिए 15 लाख रुपए, वनडे मैच के लिए 7 लाख रुपए और टी20 मैच के लिए 5 लाख रुपए मिलते हैं।

अक्टूबर-नवंबर में होने वाले टी20 वर्ल्ड कप में टीम इंडिया को लीग के 5 मैच खेलने थे। उसके बाद अगर टीम सेमीफाइनल और फाइनल भी खेलती, तो 7 मैच ही होते। हर मैच से 5 लाख रुपए ही मिलते, तो इस हिसाब से विराट कोहली को वर्ल्ड कप से 25 लाख से 35 लाख रुपए मिलते। लेकिन, आईपीएल में हर मैच के लिए ही उन्हें इससे 4 से 5 गुना रकम मिल रही है।


आईपीएल होने से बीसीसीआई को 4 हजार करोड़ का फायदा होगा
आईपीएल से बीसीसीआई को जितनी कमाई होती है, उतनी कमाई उसे टीम इंडिया के सालभर होने वाले टूर्नामेंट से भी नहीं होती। जब इस साल आईपीएल रद्द की बात हो रही थी, तब बीसीसीआई प्रेसिडेंट सौरव गांगुली ने कहा था कि अगर आईपीएल रद्द होता है, तो इससे बोर्ड को 4 हजार करोड़ रुपए का नुकसान होगा।

बोर्ड को हर साल 3 हजार 269 करोड़ रुपए ब्रॉडकास्टिंग राइट्स से मिलते हैं। स्टार ने आईपीएल के ब्रॉडकास्टिंग राइट्स 5 साल के लिए 16,347.5 करोड़ रुपए में खरीदे हैं। एक मैच के लिए स्टार बीसीसीआई को 55 करोड़ रुपए देता है यानी हर बॉल पर 23.3 लाख रुपए।

स्टार के अलावा वीवो ने भी 5 साल के लिए आईपीएल की टाइटल स्पॉन्सरशिप 2 हजार 199 करोड़ रुपए में हासिल की है। यानी हर सीजन के लिए वीवो बोर्ड को 239 करोड़ रुपए देता है।


आईपीएल की ब्रांड वैल्यू पिछले साल 13.5% बढ़ी थी
ग्लोबल एडवाइजर कंपनी डफ एंड फेल्प्स ने सितंबर 2019 में आईपीएल की ब्रांड वैल्यू को लेकर एक रिपोर्ट जारी की थी। इस रिपोर्ट के मुताबिक, आईपीएल की ब्रांड वैल्यू 2018 की तुलना में 2019 में 13.5% बढ़ गई थी।

2018 में आईपीएल की ब्रांड वैल्यू 41 हजार 800 करोड़ रुपए थी, जो 2019 में बढ़कर 47 हजार 500 करोड़ रुपए हो गई थी।

न सिर्फ आईपीएल, बल्कि इसमें खेलने वाली टीम्स की ब्रांड वैल्यू भी लगातार बढ़ रही है। सबसे ज्यादा 809 करोड़ रुपए की ब्रांड वैल्यू मुंबई इंडियंस की है। उसके बाद चेन्नई सुपरकिंग्स है।


आईपीएल से सिर्फ बीसीसीआई को ही नहीं, बल्कि दूसरे देशों को भी फायदा
आईपीएल न होने से सिर्फ बीसीसीआई को ही नुकसान नहीं होता, बल्कि दूसरे देशों को भी नुकसान होता। आईपीएल में 60 से ज्यादा विदेशी खिलाड़ी खेल रहे हैं। इन खिलाड़ियों को करीब 250 करोड़ रुपए में खरीदा गया है।

न सिर्फ खिलाड़ियों को, बल्कि इंटरनेशनल क्रिकेट बोर्ड को भी पैसा मिलता है। बीसीसीआई आईपीएल से मिलने वाले रेवेन्यू का कुछ हिस्सा अलग-अलग क्रिकेट बोर्ड के साथ शेयर करता है।

इनसाइड स्पोर्ट्स की रिपोर्ट के मुताबिक, 2018 में बीसीसीआई ने इंटरनेशनल क्रिकेट बोर्ड के साथ शेयर होने वाले रेवेन्यू में 100% की बढ़ोतरी कर दी थी। इससे बीसीसीआई पर करीब 25 करोड़ रुपए का खर्चा बढ़ गया था।

बीसीसीआई सबसे ज्यादा 19.13 करोड़ रुपए क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया को देता है। आईपीएल में सबसे ज्यादा विदेशी खिलाड़ी भी ऑस्ट्रेलिया के ही खेलते हैं। इस साल 17 ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी खेल रहे हैं। नेपाल क्रिकेट बोर्ड को बीसीसीआई की तरफ से 4 लाख रुपए मिलते हैं। नेपाल का सिर्फ एक ही खिलाड़ी आईपीएल खेलता है, जिसे 20 लाख रुपए में खरीदा है।

आईपीएल से पाकिस्तान के खिलाड़ियों को भी 12 करोड़ रुपए से ज्यादा मिले हैं। 2008 में आईपीएल के पहले सीजन में 11 पाकिस्तानी खिलाड़ी भी खेले थे, जिन्हें 12.84 करोड़ रुपए में खरीदा गया था। लेकिन, उसके बाद से आईपीएल में पाकिस्तानी खिलाड़ियों पर रोक लगा दी गई।

आईपीएल के लिए यूएई ही क्यों चुना? कोरोनाकाल में क्या यूएई सेफ है? ये जानने के लिए ये खबर पढ़ें:

भास्कर एक्सप्लेनर:6 साल बाद IPL फिर पहुंचा यूएई: 2014 में यहां कुल 60 में से 20 मैच खेले गए थे; जानिए इस बार किस तरह अलग होगा यह टूर्नामेंट?



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