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संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में आज मोदी बोलेंगे, आतंकवाद और कोरोना महामारी से निपटने के उपायों पर हो सकता है फोकस

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) की 75वीं बैठक को ऑनलाइन संबोधित करेंगे। कार्यक्रम में आज जिन्हें बोलना है, उनमें मोदी का नंबर पहला है। यह भाषण पहले से रिकॉर्ड किया होगा। कोरोना महामारी की वजह से इस बैठक में दुनियाभर के नेता वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल हो रहे हैं। मोदी कोरोना महामारी से निपटने के उपायों, आतंकवाद, परमाणु ऊर्जा और संयुक्त राष्ट्र में सुधारों पर फोकस कर सकते हैं।

इमरान ने भारत पर कई आरोप लगाए
यूएनजीए में शुक्रवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की स्पीच हुई थी। इस दौरान उन्होंने भारत की जमकर आलोचना ही। आरएसएस पर आरोप लगाया कि वह भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने में जुटा है। यह भी आरोप लगाया कि बाबरी मस्जिद को ढहाया गया, 2002 के गुजरात दंगों में मुस्लिमों को मारा गया। कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने को भी उन्होंने गलत बताया। जिस वक्त इमरान बोल रहे थे उस समय यूएन के असेंबली हॉल में मौजूद भारतीय विदेश सेवा के 2010 बैच के अफसर मिजितो विनितो उठकर बाहर चले गए। (पूरी खबर यहां पढ़ें)

चार दिन पहले मोदी ने संयुक्त राष्ट्र को नसीहत दी थी
प्रधानमंत्री मोदी ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा की 75वीं सालगिरह पर हो रहे कार्यक्रम में यूएन को नसीहत दी थी। उन्होंने कहा था, “हम पुरानी व्यवस्था के साथ आज की चुनौतियों से मुकाबला नहीं कर सकते। बड़े सुधार नहीं हुए तो यूएन पर भरोसा खत्‍म होने का खतरा है। उन्‍होंने कहा कि आज की दुनिया आपस में जुड़ी हुई है, इसलिए हमें ऐसा बहुपक्षीय व्यवस्था चाहिए, जिसमें आज की वास्तविकता झलकती हो, सभी की आवाज सुनी जाती हो, जो वर्तमान चुनौतियों से निपटता हो और मानव कल्याण पर फोकस करता हो।’’

भारत यूएन सुरक्षा परिषद का अस्थायी सदस्य है
भारत को इसी साल जून में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का अस्थाई सदस्य चुना गया। महासभा में शामिल 193 देशों में से 184 देशों ने भारत का समर्थन किया था। भारत दो साल के लिए अस्थाई सदस्य चुना गया है। भारत के साथ आयरलैंड, मैक्सिको और नॉर्वे भी अस्थाई सदस्य चुने गए। भारत इससे पहले 1950-51, 1967-68, 1972-73, 1977-78, 1984-85, 1991-92 और 2011-12 में संयुक्त राष्ट्र महासभा का अस्थायी सदस्य चुना गया था।

सुरक्षा परिषद में कुल 15 देश
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कुल 15 देश हैं। इनमें पांच स्थायी सदस्य हैं। ये हैं- अमेरिका, रूस, फ्रांस, ब्रिटेन और चीन। 10 देशों को अस्थाई सदस्यता दी गई है। हर साल पांच अस्थायी सदस्य चुने जाते हैं। अस्थाई सदस्यों का कार्यकाल दो साल होता है।



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मंगलवार को मोदी ने यूएन को नसीहत दी थी। उन्होंने कहा था- हम पुरानी व्यवस्था के साथ आज की चुनौतियों से मुकाबला नहीं कर सकते। -फाइल फोटो


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