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बाइडेन का आरोप- कोरोना के लिए कोई प्लान नहीं, ट्रम्प अब तक के सबसे बदतर राष्ट्रपति; ट्रम्प बोले- इस वक्त आप इन्चार्ज होते तो 20 करोड़ मौतें होतीं

अमेरिका में राष्ट्रपति पद के दो उम्मीदवारों के बीच पहली प्रेसिडेंशियल डिबेट शुरू हो चुकी है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और उनको चुनौती दे रहे डेमोक्रेट उम्मीदवार ओहायो के क्लीवलैंड में आमने-सामने हैं। कोरोनावायरस की वजह से इस बार तस्वीर कुछ बदली हुई है। डिबेट 90 मिनट चलेगी। कोरोना को लेकर बाइडेन ने आरोप लगाए कि राष्ट्रपति के पास बीमारी की रोकथाम का कोई प्लान नहीं है। ट्रम्प ने कहा कि अगर इस वक्त सत्ता में बाइडेन होते तो 20 करोड़ मौतें हो चुकी होतीं। बाइडेन ने ट्रम्प को झूठा भी बताया।

फॉक्स न्यूज के एंकर क्रिस वॉलेस हैं। 2016 में ट्रम्प और हिलेरी क्लिंटन की पहली डिबेट भी वॉलेस ने ही कराई थी। हॉल में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जा रहा है। राष्ट्रपति ट्रम्प की पत्नी मेलानिया और बेटी इवांका भी मौजूद हैं। दोनों कैंडिडेट्स को क्लीवलैंड के सैमसन पवैलियन पहुंचना था। ट्रम्प स्थानीय समयानुसार रात 8:31 बजे, जबकि बाइडेन 8:33 बजे पहुंचे। स्टेज पर पहुंचने से पहले उन्होंने सलाहकारों से बातचीत की।

इन 6 मुद्दों पर बहस

पहली डिबेट में कुल 6 मुद्दे हैं। दोनों कैंडिडेट्स के रिकॉर्ड, सुप्रीम कोर्ट, कोरोनावायरस, इकोनॉमी, नस्लवाद-हिंसा और इलेक्शन इंटेग्रिटी यानी चुनावी अखंडता।

किस मुद्दे पर क्या बहस हुई

सुप्रीम कोर्ट

बाइडेन : डेमोक्रेट कैंडिडेट बाइडेन ने कहा- चुनाव बिल्कुल सामने हैं। लिहाजा, ट्रम्प एडमिनिस्ट्रेशन को परंपराओं का ध्यान रखते हुए नए जज को तौर पर एमी कोने बैरेट का नाम नहीं चुनना चाहिए। अमेरिकी लोगों को इस प्रस्ताव और नियुक्ति पर सवाल पूछने का हक है। चुनाव प्रक्रिया के बीच में इस तरह की नियुक्ति ठीक नहीं है। हमे चुनाव नतीजों का इंतजार करना चाहिए।
ट्रम्प : राष्ट्रपति के तौर पर मेरे पास यह अधिकार है कि मैं सुप्रीम कोर्ट में जज की नियुक्ति कर सकूं। चुनाव से इसका कोई लेना-देना नहीं हैं। हर चुनाव के अपने प्रभाव होते हैं। लेकिन, बाइडेन यह क्यों भूल जाते हैं कि नियुक्ति को आखिरकार सीनेट से मंजूरी लेने की प्रक्रिया है। हम भी इसका पालन करेंगे। हमारे पास बहुमत भी है। आप ये क्यों भूल जाते हैं कि चार साल पहले सीनेट के मेजॉरिटी लीडर मिच मैक्डोनेल ने मेरिक गारलैंड की सुप्रीम कोर्ट में नियुक्ति रोक दी थी। तब तो आपकी पार्टी के बराक ओबामा ही राष्ट्रपति थे।

बाइडेन ने कहा- शटअप

डिबेट के दौरान बाइडेन कुछ बोल रहे थे। इसी दौरान ट्रम्प ने उन्हें रोकने की कोशिश की। इस पर बाइडेन भड़क गए। उन्होंने कहा- शटअप मैन। यानी आप चुप रहिए। मामला सुप्रीम कोर्ट से संबंधित था। हालांकि, बाइडेन यहां फंस भी गए। दरअसल, बाइडेन ने सुप्रीम कोर्ट में एमी कोने बैरेट की नियुक्ति का विरोध किया तो ट्रम्प ने फौरन उन्हें बराक ओबामा के कार्यकाल की याद दिला दी।

कोरोनानावायरस

बाइडेन : ये शर्म की बात है कि अमेरिका जैसे विकसित देश में 2 लाख लोग महामारी की वजह से जान गंवा चुके हैं। सच्चाई तो ये है कि राष्ट्रपति ट्रम्प और उनकी एडमिनिस्ट्रेशन के पास इससे निपटने का कोई प्लान नहीं है। फरवरी तो तक तो उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि ये कितना गंभीर मामला है। वे जनता से इसे छिपाना चाहते थे। मैं राष्ट्रपति होता तो हेल्थ केयर वर्कर्स और जनता दोनों को बचाता।
ट्रम्प: अगर मैं ये कहता हूं कि कोरोना चीन की वजह से फैला तो इसमें क्या गलत है? देश के ज्यादातर गवर्नर मेरा समर्थन करते हैं। उनका कहना है कि मैंने शानदार काम किया। इसमें आपकी पार्टी की सरकारें और गवर्नर भी शामिल हैं। और यह मत भूलिए कि सिर्फ चंद हफ्तों में हमारे पास वैक्सीन होगी। अब बहुत कम लोगों की मौत हो रही है। मैं चैलेंज करता हूं कि अगर आप राष्ट्रपति होते तो जो मैंने कर दिखाया वो आप कभी नहीं कर पाते। आप राष्ट्रपति होते तो 20 करोड़ लोग मारे जाते।

इनकम टैक्स

बहस के बीच ही ट्रम्प और बाइडेन के बीच इनकम टैक्स का मुद्दा भी आया। न्यूयॉर्क टाइम्स ने दावा किया था कि ट्रम्प ने 10 साल तक टैक्स ही नहीं भरा था। ट्रम्प ने दावा किया कि उन्होंने लाखों डॉलर इनकम टैक्स भरा और इसके सबूत उनके पास मौजूद हैं। मॉडरेटर वॉलेस को उन्होंने यही जवाब दिया। कहा- मैंने लाखों डॉलर टैक्स जमा किया है। इसका ऑडिट चल रहा है। जैसे ही ये खत्म होगा, सच्चाई दुनिया के सामने आ जाएगी। इस पर बाइडेन डिफेंसिव नजर आए। उन्होंने बात बदलने की कोशिश की। कहा- राष्ट्रपति ने अपने कार्यकाल में अर्थव्यवस्था को ठीक से नहीं संभाला। बाइडेन ने कहा- आप, अमेरिकी इतिहास के सबसे बदतर राष्ट्रपति साबित हुए हैं।

बहस के दौरान इवांका ने पिता के समर्थन में ट्वीट किया।

अर्थव्यवस्था

बाइडेन : महामारी के दौरान ट्रम्प जैसे अरबपतियों ने खूब फायदा उठाया। लोगों को यह देखना चाहिए कि हमारे राष्ट्रपति ने अरबपति होने का कैसे फायदा उठाया। उन्होंने टैक्स के तौर पर सिर्फ 750 डॉलर दिए। अखबार यह रिपोर्ट छाप रहे हैं। देश की अर्थव्यवस्था चौपट हो रही है। आपको याद रखना होगा कि जब तक कोविड-19 से नहीं निपटेंगे। तब तक आर्थिक हालात भी नहीं सुधरेंगे।

ट्रम्प : मैंने कभी नहीं कहा कि बाजार बंद रखो। देश को बंद कर दो। अगर आप होते तो तो पूरा देश बंद कर देते। हमने महामारी के दौर में भी इकोनॉमी को बेहतरीन तरीके से संभाला। इसके सबूत मौजूद हैं। आप तो देश बंद करने की बात कह रहे थे। हमें ऐसा व्यक्ति बिल्कुल मंजूर नहीं जो कहे कि महामारी है तो देश में हर चीज बंद कर दो। हम महामारी से भी निपट रहे हैं और अर्थव्यवस्था भी ठीक कर रहे हैं।



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डिबेट के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और डेमोक्रेट जो बाइडेन। क्लीवलैंड की वेस्टर्न रिजर्व यूनिवर्सिटी के क्लीवलैंड क्लीनिक के कैंपस में पहली डिबेट चल रही है।


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