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कर्मचारियों के DA कटौती का आदेश वापस ले रही है मोदी सरकार? जानिए वायरल मैसेज की सच्चाई

क्या हो रहा है वायरल : सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि केंद्र सरकार ने कर्मचारियों के DA की कटौती का आदेश वापस ले लिया है। दावे के साथ एक आदेश की कॉपी भी वायरल हो रही है। ये आदेश 21 सितंबर को बताया जा रहा है।

दरअसल, कोविड-19 लॉकडाउन के चलते हुई आर्थिक सुस्ती को देखते हुए मोदी सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते की तीन अतिरिक्त किश्तों पर रोक लगाने का फैसला लिया था। केंद्र सरकार के इस फैसले का असर 50 लाख कर्मचारियों और 61 लाख पेंशनभोगियों पर पड़ा है। अब दावा किया जा रहा है कि ये आदेश वापस ले लिया गया है।

और सच क्या है?

  • इंटरनेट पर हमें ऐसी कोई खबर नहीं मिली जिससे पुष्टि होती हो कि केंद्र सरकार ने DA कटौती का आदेश वापस ले लिया है।
  • वायरल हो रही चिट्‌ठी को पढ़ने से स्पष्ट होता है कि ये DA कटौती वापस लेने का आदेश नहीं है। बल्कि केंद्र सरकार में जनरल सैक्रेटरी डॉ. एम रघवैय्या द्वारा लिखा गया एक आवेदन पत्र है। जो कि वित्त मंत्री को लिखा गया है।
  • इस पत्र में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से अनुरोध किया गया है कि वे केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स को डियरनेस अलाउंस ( DA) का लाभ देने के लिए उचित कदम उठाएं। इसी आवेदन को वित्त मंत्रालय का आदेश बताकर गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।
  • न्यूज एजेंसी पीटीआई की खबर के अनुसार, डॉ. एम रघवैय्या नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवेमैन के जनरल सैक्रेटरी हैं। और उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी केंद्र सरकार के कर्मचारियों की DA कटौती वापस लेने का अनुरोध किया था। केंद्र सरकार के आधिकारिक ट्विटर हैंडल पीआईबी फैक्ट चेक ने भी DA कटौती वापस लिए जाने वाले दावे को फेक बताया है।
  • केंद्र सरकार के आधिकारिक ट्विटर हैंडल पीआईबी फैक्ट चेक ने भी DA कटौती वापस लिए जाने वाले दावे को फेक बताया है।


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Fact Check: Modi government withdrawing DA cut order of employees? Know the truth of viral messages


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