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1948 में पहली बार डिबेट रेडियो पर हुई, इसके 12 साल बाद पहली बार दोनों कैंडिडेट टीवी पर आमने-सामने हुए

अमेरिका में आज पहली प्रेसिडेंशियल डिबेट होगी। सीएनएन के मुताबिक, ओहायो में होने वाली यह डिबेट 90 मिनट की होगी और इसमें 6 टॉपिक शामिल किए जाएंगे। इन्हें 15-15 मिनट में बांटा जाएगा। इस दौरान कोई ब्रेक नहीं होगा। फॉक्स न्यूज के क्रिस वॉलेस डिबेट के मॉडरेटर होंगे। क्रिस इसी चैनल में एंकर हैं।

द टेलीग्राफ के मुताबिक, वॉलेस रजिस्टर्ड डेमोक्रेट हैं। कुछ दिनों पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प उन्हें इंटरव्यू दे चुके हैं। इंटरव्यू में ट्रम्प कई बार झुंझलाते नजर आए थे। दूसरी और तीसरी डिबेट भी 90- 90 मिनट की होंगी। दूसरी डिबेट फ्लोरिडा, तीसरी टेनेसी में होगी।

यहां हम आपको अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में प्रेसिडेंशियल डिबेट से जुड़े 15 फैक्ट्स बता रहे हैं।

162 साल पहले हुई थी पहली डिबेट
अमेरिका में पहली प्रेसिडेंशियल डिबेट 1858 में अब्राहम लिंकन और स्टीफन डगलस के बीच हुई। कुल सात डिबेट हुईं। इनमें कोई मॉडरेटर नहीं था। (सोर्स)
नए दौर की पहली डिबेट टीवी पर नहीं, रेडियो पर 1948 में हुई। इसमें थॉमस डेवे और हेरल्ड स्टेसेन ने हिस्सा लिया। इस डिबेट को करीब 4 करोड़ लोगों ने सुना। (सोर्स)
अमेरिका में पहला टीवी स्टेशन 2 जुलाई 1928 को शुरू हुआ। लेकिन, टीवी पर पहली प्रेसिडेंशियल डिबेट 1960 में हई। इसमें जॉन एफ कैनेडी और रिचर्ड निक्सन शामिल हुए।
टीवी पर पहली बहस को करीब 6.64 करोड़ लोगों ने देखा। अमेरिकी इतिहास में दर्शकों की संख्या के लिहाज से यह एक रिकॉर्ड है। उस वक्त अमेरिका की जनसंख्या करीब 18 करोड़ थी।
कहा जाता है कि पहली डिबेट के दौरान निक्सन बीमार थे। मंच पर आने से पहले उन्होंने मेकअप भी नहीं कराया था। (सोर्स)

अगले तीन इलेक्शन में कोई डिबेट नहीं हुई
1964 में तब के राष्ट्रपति लिंडन जॉनसन ने डिबेट में शामिल होने से इनकार कर दिया। 1968 और 1972 में डिबेट नहीं हो सकी। दोनों ही बार रिचर्ड निक्सन ने हिस्सा लेने से मना कर दिया था।
1976 में जिमी कार्टर और गेराल्ड फोर्ड डिबेट में शामिल हुए। इसके बाद से यह सिलसिला बदस्तूर जारी है।
1984 में रोनाल्ड रीगन और वॉल्टर मोन्डेल के बीच डिबेट हुई। रीगन की उम्र उस वक्त 73 साल थी। कुछ लोगों ने इस पर सवाल उठाए थे। इस पर रीगन ने कहा- मैं उम्रदराज होने का फायदा नहीं उठाऊंगा, क्योंकि मोन्डेल युवा और अनुभवहीन हैं। (सोर्स)
1992 में हुई डिबेट में तीन कैंडिडेट शामिल हुए थे। जॉर्ज बुश सीनियर, बिल क्लिंटन और निर्दलीय रॉस पैरट। इस चुनाव में क्लिंटन को जीत हासिल हुई थी।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, रोनाल्ड रीगन और जिमी कार्टर की 1980 में हुई बहस को करीब 80.2 मिलियन लोगों ने देखा। यह प्रेसिडेंशियल डिबेट देखने वालों का अब तक सबसे बड़ा आंकड़ा माना जाता है।

1988 में एक प्रेसिडेंशियल डिबेट कमीशन बना
1988 में कमीशन ऑन प्रेसिडेंशियल डिबेट्स (सीपीडी) बना। इसे कानूनी दर्जा दिया गया। सीपीडी ही मॉडरेटर, डिबेट हॉल्स का टेम्परेचर और बाकी बातें तय करता है। (सोर्स)
2008 की डिबेट के लिए वोटर्स ने सीपीडी को सवाल यूट्यूब के जरिए भेजे। 2016 में डोनाल्ड ट्रम्प और हिलेरी क्लिंटन की डिबेट यूट्यूब और ट्विटर पर लाइव स्ट्रीम की गई थी।
1976 में उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवारों के बीच पहली डिबेट हुई। यह सिलसिला 1984 तक चला। हालांकि, इन्हें कभी ज्यादा अहमियत नहीं दी गई।
1960 में हुई बहस के दौरान कैनेडी न्यूयॉर्क सिटी में और निक्सन हॉलीवुड कैलिफोर्निया में थे। दोनों के बीच 4828 किलोमीटर का फासला था। तीन बिल्कुल एकजैसे स्टूडियो इस्तेमाल हुए। तीसरे स्टूडियो में मॉडरेटर और तीन पैनलिस्ट्स थे। (सोर्स)
गेराल्ड फोर्ड और जिमी कार्टर के बीच डिबेट (1976) के 9 मिनट बचे थे। ऑडियो खराब हो गया। 27 मिनट दोनों बुत बने खड़े रहे। एंकर हैरी रीजनर ने कहा- यह टेक्निकल प्रॉब्लम है। इसे किसी के खिलाफ साजिश न समझा जाए। इंजीनियर हल तलाश रहे हैं।



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अमेरिका में पहली प्रेसिडेंशियल डिबेट 1858 में अब्राहम लिंकन और स्टीफन डगलस के बीच हुई थी। ये कार्ड भी तभी छापा गया था।


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