Skip to main content

लंदन समेत ब्रिटेन के कुछ हिस्सों में फिर लग सकता है लॉकडाउन, चीन ने लोगों को असुरक्षित वैक्सीन लगाई; 10 लाख से ज्यादा की मौत

दुनिया में संक्रमितों का आंकड़ा 3.33 करोड़ से ज्यादा हो गया है। ठीक होने वाले मरीजों की संख्या 2 करोड़ 46 लाख 33 हजार 646 से ज्यादा हो चुकी है। मरने वालों का आंकड़ा 10 लाख के पार हो चुका है। ये आंकड़े https://ift.tt/2VnYLis के मुताबिक हैं। ब्रिटेन सरकार तमाम विरोध के बावजूद उत्तरी हिस्से और लंदन में फिर लॉकडाउन लगाने पर विचार कर रही है। प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन पहले ही कह चुके हैं कि देश में संक्रमण की दूसरी लहर चल रही है।

ब्रिटेन : लंदन में लगेगा लॉकडाउन
बोरिस जॉनसन सरकार नॉर्दर्न ब्रिटेन और लंदन में फिर सख्त लॉकडाउन लगाने पर विचार कर रही है। द टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पीएम ने पिछले दिनों साफ कर दिया था कि देश में संक्रमण की दूसरी लहर तेज हो रही है और इससे वही हालात पैदा होने का खतरा है जो मई और जून में सामने आए थे।

लॉकडाउन के दौरान सभी पब, बार और रेस्टोरेंट्स पूरी तरह बंद रखे जाएंगे। लोगों के सार्वजनिक स्थलों पर मिलने पर भी रोक लगाई जाएगी। हालांकि, इस दौरान स्कूल और कुछ दुकानों को खोलने की मंजूरी दी जाएगी। जहां तक संभव हो सकेगा, वहां तक लोगों को वर्क फ्रॉम होम करना होगा। माना जा रहा है कि यह लॉकडाउन दो हफ्ते के लिए होगा। लेकिन, जरूरत होने पर इसे बढ़ाया भी जा सकेगा।

रूस : मॉस्को में 16 की मौत
रूस में संक्रमण की दूसरी लहर घातक साबित होने लगी है। अकेले मॉस्को शहर में रविवार को 16 लोगों की मौत हो गई। अब यहां मरने वालों का आंकड़ा 5180 हो गई हैं। हेल्थ मिनिस्ट्री ने कहा- हमने नए मामलों पर काबू पाने में काफी हद तक सफलता हासिल की है। लेकिन, गंभीर मरीजों की मौत हुई। शनिवार को 18 के बाद रविवार को 16 मरीजों की मौत हुई। इनमें से ज्यादातर काफी उम्रदराज थे और पहले से कुछ बीमारियों से जूझ रहे थे।

मॉस्को की एक सड़क से गुजरते टूरिस्ट। हेल्थ मिनिस्ट्री के मुताबिक, मॉस्को में दो दिन में 31 लोगों की मौत संक्रमण के चलते हुई। (फाइल)

चीन : गंभीर आरोप
दुनिया के कई देशों में कोरोना वैक्सीन पर रिसर्च और ट्रायल जारी हैं। लेकिन, चीन ने अपने नागरिकों को असुरक्षित वैक्सीन लगाना शुरू कर दिया है। न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ये वैक्सीन असुरक्षित इसलिए हैं क्योंकि इनका सफल ट्रायल के सबूत सामने नहीं आ सके हैं। यह वैक्सीन एक सरकारी कंपनी की है। इसे सरकारी अफसरी, कंपनी के स्टाफ, टीचर्स और उन लोगों को लगाया जा रहा है जो विदेश जाने वाले हैं।

मर्डोक यूनिवर्सिटी के डॉक्टर किम मुलहोलेन्ड ने कहा- इस तरह की अनप्रूवन वैक्सीन बेहद खतरनाक साबित हो सकती हैं। मुझे इस बात की आशंका है कि कंपनी के कर्मचारियों को वैक्सीन इसलिए लगाई गई होगी क्योंकि वे इससे इनकार भी नहीं कर सकते थे।

चीन की राजधानी बीजिंग में रविवार को ऑटो शो वेन्यू के बाहर से गुजरते लोग। एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चीन में लोगों को असुरक्षित वैक्सीन लगाए जा रहे हैं।

पेरू : सावधानी बरतें लोग
संक्रमण की दूसरी लहर को लेकर लैटिन अमेरिकी देश पेरू ने सख्त रवैया अपनाया है। यहां राष्ट्रीय आपातकाल 31 अक्टूबर तक के लिए बढ़ा दिया गया है। प्रेसिडेंट मार्टिन विजकारा ने कहा- इस बात की संभावना है कि यह इमरजेंसी साल के आखिर तक बनी रहे। फिलहाल, हम इसे 31 अक्टूबर तक बढ़ा रहे हैं। पेरू की हेल्थ मिनिस्ट्री ने एक बयान में कहा- हम जानते हैं कि लोगों को कुछ प्रतिबंधों से काफी परेशान होना पड़ रहा है। लेकिन, कोविड-19 से बचने का फिलहाल यही उपाय है कि हम हर सावधानी बरतें। मास्क और सैनिटाइजेशन का खास ध्यान रखें।



आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें
Coronavirus Novel Corona Covid 19 28 Sept | Coronavirus Novel Corona Covid 19 News World Cases Novel Corona Covid 19


https://ift.tt/30fD6KX

Comments

Popular Posts

अब अपने दम पर और अपनी सोच से जॉब लेने का समय, लॉकडाउन में जो अंतरात्मा की आवाज सुनी थी उसे दबाइएगा मत

सूरज का एक सपना था कि मैं इंजीनियर बनूंगा। क्लास 8 से वो सपने को साकार करने में लगा था। पिताजी प्राइवेट कंपनी में साधारण पोस्ट पर थे मगर बच्चे की एजुकेशन में कोई कसर न छोड़ी। बढ़िया आईआईटी कोचिंग करवाई। आईआईटी में तो सिलेक्शन हुआ नहीं मगर एक ठीक-ठाक सरकारी कॉलेज में सीट मिल गई। फिर क्या था? आपको एडमिशन मिल गया तो समझो ‘लाइफ बन गई।’ यूं तो हम लेते हैं दाखिला कुछ पढ़ने के लिए पर हकीकत में उतना पढ़ते हैं कि पास हो जाएं। कॉलेज में कई नामी प्रोफेसर थे, इक्विपमेंट थे, मगर सूरज ने इनपर ध्यान नहीं दिया। उसे चाहिए थे अच्छे मार्क्स और नौकरी। मेकैनिकल इंजीनियर हो तो क्या हुआ, आप भी आईटी कंपनी के एंट्रेस एग्जाम में बैठ सकते हो। फैक्टरी से बेहतर एक चिल्ड एसी ऑफिस मिलेगा। सूरज ने भी यही रास्ता अपनाया। प्लेसमेंट भी हो गया। घर पर सब खुश। और फिर उथल-पुथल हो गई। मार्च में कोरोना फैला तो स्टूडेंट्स घर भागे। एग्जाम ऑनलाइन दिए या कैंसल हो गए। उससे भी बड़ी विपत्ति कि जॉब ऑफर कैंसल होने लगे। किसी कंपनी ने कहा जून में नहीं सितंबर में जॉइन करो। सूरज की कंपनी ने तो ऑफर ही वापस ले लिया। अब बैठे हैं जनाब बीटेक की ड...