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तस्वीरों में देखिए कैसे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के समर्थकों ने कैपिटल बिल्डिंग पर धावा बोला

2020 में हुए चुनाव के नतीजों को पलटने की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की कोशिशें बुधवार को खतरनाक हालात में पहुंच गईं। उनके समर्थकों की भीड़ ने एक रैली के बाद US कैपिटल बिल्डिंग पर धावा बोल दिया। इस रैली में ट्रम्प ने एक बार फिर बड़े पैमाने पर चुनाव में धांधली का दावा किया।

अमेरिका के इतिहास में ऐसी अस्थिरता के नजारे कम ही देखने को मिले हैं। भीड़ के उपद्रव की वजह से बुधवार दोपहर वॉशिंगटन में कर्फ्यू लगा दिया गया। इलेक्टोरल कॉलेज की काउंटिंग रोकने के इरादे से सैकड़ों लोग बैरिकेड्स पर चढ़ गए। इसके बाद पुलिस अफसरों से भी उनकी झड़प हुई।

शोर मचाती भीड़ सीनेट चैंबर की दूसरी मंजिल पर पहुंची

शोर मचाते प्रदर्शनकारी सीनेट चैंबर के ठीक बाहर दूसरी मंजिल की लॉबी में घुस गए। इस दौरान लॉ इन्फोर्समेंट ऑफिसर्स ने खुद को चैंबर के दरवाजे के सामने कर लिया। कैपिटल बिल्डिंग के अंदर एक महिला को गोली लगी। अस्पताल में उसे मृत घोषित कर दिया गया। वहीं, पुलिस ने बताया कि कैपिटल ग्राउंड में तीन और लोगों की मौत हुई।

कैपिटल बिल्डिंग के बाहर

दोपहर की शुरुआत में ट्रम्प समर्थक कैपिटल बिल्डिंग के वेस्ट एरिया के बाहर पुलिस बैरिकेड्स के पास जमा हो गए। कुछ देर बाद इनमें से कई बिल्डिंग की सीढ़ियों पर चढ़ गए।
पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल कर उपद्रवियों को रोकने की कोशिश की, लेकिन भीड़ के सामने उन्हें हार माननी पड़ी।
ट्रम्प के समर्थकों ने कैपिटल बिल्डिंग के बाहर पश्चिमी और पूर्वी हिस्से पर कब्जा कर लिया। वे दीवारों पर चढ़ते और ट्रम्प के समर्थन वाले झंडे लहराते देखे गए।
भीड़ ने खिड़कियों को तोड़ दिया और बिल्डिंग में घुसती चली गई।
कई उपद्रवी बिल्डिंग के मेन गेट से भी अंदर घुसे। वे हाउस चैंबर तक पहुंच गए।

कैपिटल बिल्डिंग का गोल आकार कक्ष

ट्रम्प के समर्थक बिल्डिंग के बीच में बने गुंबद वाले कक्ष तक चले गए। इनमें से कुछ ने वहां लगी मूर्तियों को नुकसान पहुंचाया।

हाउस चैंबर

पुलिस ने हाउस चैंबर के मेन गेट पर बैरिकेडिंग कर रखी थी। इसकी सिक्योरिटी के लिए तैनात अफसरों ने हथियार डाल दिए, क्योंकि गेट के बाहर काफी भीड़ जमा थी।

बिल्डिंग के अंदर मौजूद सांसदों को गैस मास्क दिए गए और उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला गया।
हाउस चैंबर के बाहर पुलिस ने भीड़ में शामिल कुछ लोगों को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने पांच गन भी जब्त कीं। कम से कम 13 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, ज्यादातर लोग मौके से भाग निकले। बाद में पुलिस ने बताया कि शहर में कर्फ्यू लगाने के बाद 52 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

सीनेट चैंबर

भीड़ में शामिल लोग सीनेट चैंबर में खुलेआम घूमते रहे। वे ऊपर गैलरी तक पहुंच गए।
एक ट्रम्प समर्थक सीनेट की गैलरी से लटक गया।
हाउस चैंबर में भी प्रदर्शनकारियों ने तोड़फोड़ कर दी।

स्पीकर का ऑफिस सुइट

एक शख्स हाउस चैंबर के स्पीकर नैंसी पेलोसी के ऑफिस में मेज पर पैर रखकर उनकी कुर्सी पर बैठा नजर आया।

स्पीकर नैंसी पेलोसी के ऑफिस में भी तोड़फोड़

दोपहर बाद हाउस चैंबर के पास बने स्पीकर नैंसी पेलोसी के ऑफिस में भी तोड़फोड़ की गई। एक शख्स ऑफिस की मेज पर पैर रखकर उनकी कुर्सी पर बैठा नजर आया। भीड़ कैपिटल ग्राउंड पर कई घंटे तक मौजूद रही। बाद में पुलिस ने उन्हें हटाया।

रात करीब आठ बजे इलेक्टोरल कॉलेज रिजल्ट के लिए कांग्रेस की बैठक फिर शुरू हुई। ट्रम्प समर्थकों को दोबारा कैपिटल बिल्डिंग में घुसने से रोकने के लिए DC और वर्जीनिया के नेशनल गार्ड को बुलाया गया।



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वॉशिंगटन में बुधवार को जैसी हिंसा हुई, वैसा अमेरिका के इतिहास में कम ही हुआ है। इस स्टोरी में हम तस्वीरों के जरिए दिखा रहे हैं कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प समर्थक कैसे US कैपिटल बिल्डिंग में घुसे और तोड़फोड़ की।


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