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लाइफ एंड मैनेजमेंट की इस हफ्ते की सारी स्टोरीज सिर्फ एक क्लिक पर ...

1. अमेरिका के 45वें राष्ट्रपति ट्रंप से लोकतंत्र खतरे में है। अमेरिका के 32वें राष्ट्रपति रूजवेल्ट ने लोकतंत्र पर यादगार भाषण दिया था। इसे जरूर पढ़ा जाना चाहिए...

ग्रेट स्पीचेस : ‘हमारा लोकतंत्र परफेक्ट नहीं है, पर सुधार अनुभवों से ही होगा’

2. ऑफिस में सबसे अच्छे दोस्त के होने से आप संतुष्ट रहते हैं, प्रोडक्टिव रहते हैं और आपका परफॉर्मेंस भी सुधरता है। अब यदि किसी एक को लीडर बना दिया जाए, तो उसे पूरी ईमानदारी से रिपोर्ट देनी होगी, फिर चाहे दोस्त को बुरा लगे या भला। यदि आप खुद को ऐसी स्थिति में पाएं, तो क्या करेंगे?

टिप्स : आप अपने दोस्त के बॉस बन चुके हैं, ऐसे में क्या करेंगे?

3. ज्ञान और मानसिक दृढ़ता के बल पर ही जीवन की कठिनाइयों से लड़ा जा सकता है। सबसे बड़ी लड़ाई तो आपको अपने विचारों से लड़ना होती है। कैसे जीत हासिल करें, जानने के लिए क्लिक करें...

सेल्फ हेल्प : एक दिन में हजारों नए विचार आते हैं तो सतर्क रहने की जरूरत है

4. टाइटस लीवियस रोमन इतिहासकार थे। इन्हें ‘लीवी’ के नाम से भी जाना जाता है। इन्होंने रोम और रोमन लोगों की मॉन्यूमेंटल हिस्ट्री लिखी थी। इनके विचार पढ़ने के लिए क्लिक कीजिए...

लेसन्स फ्रॉम ग्रेट थिंकर्स : ग़लतियों को कोसना आसान है, सुधारना मुश्किल



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जामिया मिल्लिया इस्लामिया के 100 साल, जिसके लिए महात्मा गांधी भीख मांगने को तैयार थे

दिल्ली में जामिया मिल्लिया इस्लामिया (राष्ट्रीय इस्लामी विश्वविद्यालय) एक सेंट्रल यूनिवर्सिटी है, जो आज 100 साल पूरे कर रही है। 29 अक्टूबर 1920 को अलीगढ़ में छोटी संस्था के तौर पर शुरू होकर एक सेंट्रल यूनिवर्सिटी बनने तक की इसकी कहानी कई संघर्षों से भरी है। गांधीजी के कहने पर ब्रिटिश शासन के समर्थन से चल रही शैक्षणिक संस्थाओं का बहिष्कार शुरू हुआ था। राष्ट्रवादी शिक्षकों और छात्रों के एक समूह ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय छोड़ा और जामिया मिल्लिया इस्लामिया की नींव पड़ी। स्वतंत्रता सेनानी मौलाना महमूद हसन ने 29 अक्टूबर 1920 को अलीगढ़ में जामिया मिल्लिया इस्लामिया की नींव रखी। यह संस्था शुरू से ही कांग्रेस और गांधीजी के विचारों से प्रेरित थी। 1925 में आर्थिक सेहत बिगड़ी तो गांधीजी की सहायता से संस्था को करोल बाग, दिल्ली लाया गया। तब महात्मा गांधी ने यह भी कहा था- जामिया को चलना होगा। पैसे की चिंता है तो मैं इसके लिए कटोरा लेकर भीख मांगने के लिए भी तैयार हूं। बापू की इस बात ने मनोबल बढ़ाया और संस्था आगे बढ़ती रही। भारत के तीसरे राष्ट्रपति डॉ. जाकिर हुसैन महज 23 साल की उम्र में जामिया...

प्रियंका गांधी का बड़ा आरोप:मंत्री टेनी से गुपचुप मिलते हैं पीएम, बर्खास्तगी नहीं; सरकार की मानसिकता, महिलाओं को खुश करने के लिए बस एक सिलेंडर दे दो

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