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सालभर में 200 से ज्यादा आतंकी मारे गए, 87% कम हुई पत्थरबाजी; जानें 2020 में कैसा रहा जम्मू-कश्मीर

जम्मू-कश्मीर में 30 साल से जारी आतंक को खत्म करने के लिए सेना और पुलिस ने एक नया पैटर्न अपनाया है। वह है- किसी भी घटना या हमला होने से पहले ही आतंकियों को मार गिराना। इसका नतीजा ये हुआ कि आतंकी घटनाएं कम हुईं और आतंकियों के मरने की संख्या ज्यादा। आंकड़े भी इस बात की गवाही देते हैं। जम्मू-कश्मीर पुलिस के DGP दिलबाग सिंह ने सालाना प्रेस कॉन्फ्रेंस में जो आंकड़े बताए, वो बताते हैं कि जम्मू-कश्मीर में अब आतंकवाद कम हो रहा है।

DGP के मुताबिक, 2020 में जम्मू-कश्मीर में 100 से ज्यादा ऑपरेशन चलाए गए। इनमें 90 कश्मीर और 13 जम्मू में हुए। इस दौरान कुल 225 आतंकी मारे गए। जिनमें से 207 कश्मीर और 18 जम्मू में मारे गए। इस दशक में तीसरी बार ऐसा हुआ है, जब सालभर में 200 से ज्यादा आतंकी मारे गए। इससे पहले 2018 में 257 और 2017 में 213 आतंकी मारे गए थे।

हालांकि, 2020 में आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई में हमारे 62 जवान भी शहीद हुए। इनमें 44 जवान पैरामिलिट्री फोर्स के थे और 16 जवान जम्मू-कश्मीर पुलिस के थे।

इस साल सिर्फ 143 आतंकी घटनाएं हुईं, 30 साल में सबसे कम
जम्मू-कश्मीर में 1990 से आतंकवाद पनपना शुरू हुआ। 1990 में 4 हजार 158 आतंकी घटनाएं हुईं। 564 आतंकी मारे गए। सुरक्षाबलों के भी 155 जवान शहीद हुए। तब से अब तक यहां 71 हजार 410 आतंकी घटनाएं हो चुकी हैं। 25 हजार 137 आतंकी मारे गए हैं।

2020 में जम्मू-कश्मीर में सिर्फ 143 आतंकी घटनाएं हुईं। ये आंकड़ा 30 साल में सबसे कम है। 2020 इसलिए भी याद किया जाएगा, क्योंकि ये पहला साल था, जब आतंकी घटनाएं कम हुईं और आतंकी ज्यादा मरे।

पत्थरबाजी की घटनाओं में भी कमी आई
DGP के मुताबिक, 2020 में जम्मू-कश्मीर में पत्थरबाजी की 255 घटनाएं सामने आईं। ये 2019 की तुलना में 87% कम है। 2019 में पत्थरबाजी की 1 हजार 999 घटनाएं हुई थीं। इनमें भी 1 हजार 193 घटनाएं अनुच्छेद 370 हटने के बाद दर्ज हुई थीं।



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India Pakistan | Jammu Kashmir Encounter 2020 Year Update; Over 1459 Terrorists Killed In 10 Years And 582 Jawan Martyred


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