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अरुणाचल से लापता लड़के की हाेगी वापसी:चीनी सेना ने कहा- हमारी सीमा के भीतर मिला; सांसद तापिर गाओ ने चीनी सेना पर अगवा करने का आराेप लगाया था



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कंगना मामले में हरामखोर का मतलब नॉटी बताकर हाईकोर्ट में घिरे शिवसेना नेता; पुरुषोत्तम ने मर्यादा तोड़ी, पत्नी को पीटा; चीन में जबर्दस्ती कोरोना के टीके

भाजपा के राष्ट्रीय सचिव अनुपम हाजरा का कहना है कि अगर ममता बनर्जी कोरोना संक्रमित होती हैं तो वो उन्हें गले लगा लेंगे। उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत हुई है। वहीं, पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह किसानों के धरने में पहुंचे। कहा- भाजपा पूंजीपतियों के हित देखती है। सारा खेल जरूरत का है। बहरहाल, शुरू करते हैं मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ... आज इन 7 इवेंट्स पर रहेगी नजर 1. IPL में सनराइजर्स हैदराबाद और दिल्ली कैपिटल्स आमने-सामने होंगे। टॉस शाम 7 बजे होगा। मैच शाम साढ़े 7 बजे शुरू होगा। 2. एक्ट्रेस रिया चक्रवर्ती और उसके भाई शोविक चक्रवर्ती की जमानत याचिका पर बॉम्बे हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। 3. आज देर रात अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव को लेकर डोनाल्ड ट्रम्प और जो बाइडेन के बीच पहली प्रेसिडेंशियल डिबेट होगी। 4. प्रधानमंत्री मोदी उत्तराखंड में नमामि गंगे मिशन के तहत 6 मेगा प्रोजेक्ट का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शिलान्यास करेंगे। 5. मध्यप्रदेश की 28 विधानसभा सीटों समेत 56 सीटों पर उपचुनाव की तारीखें आज तय हो सकती हैं। 6. पंजाब में कृषि विधेयकों के विरोध में प्रदर्शन होगा। इसी मुद्दे पर छ...

आजाद भारत में जन्म लेने वाले देश के पहले प्रधानमंत्री मोदी का आज जन्मदिन; 72 साल पहले हैदराबाद का भारत में विलय हुआ था

चायवाले से प्रधानमंत्री पद का विलक्षण सफर तय करने वाले नरेंद्र दामोदरदास मोदी का जन्म आज ही के दिन 1950 में हुआ था। गुजरात के वडनगर में एक गरीब परिवार में वे पैदा हुए। पिता दामोदरदास मोदी रेलवे स्टेशन पर चाय बेचा करते थे। नरेंद्र मोदी भी बचपन में उनकी मदद करते थे। मोदी अचानक राजनीति में नहीं आए। आठ साल की उम्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी आरएसएस से जुड़े। 1971 में संघ का पूर्णकालिक कार्यकर्ता बनने के बाद उनकी राजनीतिक शिक्षा-दीक्षा शुरू हुई। 1975 में आपातकाल के दौरान छिपकर वक्त गुजारना पड़ा। 1985 में भाजपा में संगठन का काम मिला। गुजरात के भुज में आए भूकंप के बाद प्रशासनिक व्यवस्थाएं चरमरा गई थीं, तब 2001 में मोदी को मुख्यमंत्री बनाया गया। गुजरात दंगों को लेकर आरोपों से घिरे। लेकिन, गुजरात के विकास मॉडल को बेस बनाकर केंद्र की राजनीति में आए और 2014 में प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी के तौर पर पहली बार किसी गैर-कांग्रेसी पार्टी यानी भाजपा की पूर्ण बहुमत वाली सरकार बनाई। 2019 में पहले से बेहतर प्रदर्शन के साथ सत्ता में लौटे। हैदराबाद के विलय के 72 साल सरदार पटेल और हैदराबाद के निज...

मोदी और उनके रणनीतिकारों को लगता है कि यह किसान आंदोलन न बहुत दूर तक जाएगा और ना ही दूर तक फैलेगा

नरेंद्र मोदी के साढ़े छह साल के कार्यकाल में उनके खिलाफ दूसरा किसान आंदोलन शुरू हो गया है। पहला आंदोलन तब हुआ था जब 2014 में सत्ता में आने के फौरन बाद मोदी ने अध्यादेश लाकर कॉर्पोरेट इस्तेमाल के लिए उनकी ज़मीनों के अधिग्रहण की कोशिश करनी चाही थी। इस बार भी किसानों को वही अंदेशा है कि उनकी पैदावार की खरीद का लंबे अरसे से चला आ रहा बंदोबस्त बदलने का आखिरी नतीजा उनसे उनकी ज़मीन छिनने में निकलेगा। किसानों की नाराज़गी के पीछे समझ यह है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर अनाज की सरकारी खरीद बंद हो जाने से उन्हें बाज़ार और बड़ी पूंजी के रहमो-करम पर रह जाना पड़ेगा। खेती से होने वाली आमदनी उत्तरोत्तर अनिश्चित होती चली जाएगी। अंत में होगा यह कि वे कांट्रेक्ट फार्मिंग और कॉर्पोरेट फार्मिंग के चंगुल में फंस जाएंगे। यह नई स्थिति किसानों के तौर पर उनकी पहचान को हमेशा के लिए संकटग्रस्त कर देगी और कुल मिलाकर खेती पर आधारित अर्थव्यवस्था का चेहरा पूरी तरह से बदल जाएगा। सवाल यह है कि कृषि मंत्री और प्रधानमंत्री के आश्वासनों के बावजूद पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तप्रदेश, कर्नाटक, मप्र और छत्तीसगढ़ के कि...